Top Stories - Google News
Thursday, 27 December 2018
Tuesday, 18 December 2018
Saturday, 3 November 2018
कृषि पैदावार में मूल्यवर्धन कर कृषि क्षेत्र में आमदनी बढ़ाएं : उपराष्ट्रपति ‘कृषि क्षेत्र में अभिनव तकनीकों पर फोकस करते हुए स्मार्ट सिटी के साथ स्मार्ट विलेज भी विकसित करें’
उपराष्ट्रपति
श्री एम. वैंकेया नायडू ने कहा है कि कृषि पैदावार में मूल्यवर्धन करके
किसानों की आमदनी बढ़ाई जा सकती है। उपराष्ट्रपति आज मुम्बई में आयोजित
सटीक कृषि में शोध की सीमाओं पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘एएफआईटीए/डब्ल्यूसीसीए 2018’ के
उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। कृषि में सूचना प्रौद्योगिकी के लिए
एशिया-प्रशांत संघ, कृषि में सूचना प्रौद्योगिकी के लिए अंतरराष्ट्रीय
नेटवर्क और कृषि सूचना प्रौद्योगिकी के लिए भारतीय सोसायटी ने इस सम्मेलन
को संयुक्त रूप से आयोजित किया।
उपराष्ट्रपति
ने कहा कि किसानों को अपने कार्यकलापों में विविधता लानी चाहिए और इसके
तहत संबंधित गतिविधियों जैसे कि मत्स्य पालन, डेयरी एवं पोल्ट्री को
अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसे कृषि आमदनी का पूरक होना चाहिए।
शहरों
और गांवों के बीच बढ़ती खाई पर चिंता जताते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि
इस तरह की खाई के बने रहने से अधिकांश आबादी केवल शहरी क्षेत्रों में ही
केंद्रित रहेगी। उन्होंने कृषि क्षेत्र में अभिनव तकनीकों पर फोकस करते
हुए स्मार्ट सिटी के साथ स्मार्ट विलेज भी विकसित करने का सुझाव दिया।
उपराष्ट्रपति
ने कहा कि हमें स्मार्ट किसानों की जरूरत है जो नये ज्ञान एवं कौशल को
अपने में समाहित करने में सक्षम हो। प्रौद्योगिकी केवल शहरी क्षेत्रों तक
ही सीमित नहीं रह सकती और इसका प्रचार-प्रसार निश्चित तौर पर बड़ी तेजी से
ग्रामीण आबादी के बीच भी होना चाहिए जिससे कि किसान उससे व्यापक लाभ उठा
सकें। उन्होंने कहा कि यह बात अवश्य ही ध्यान में रखनी चाहिए कि केवल
मजबूत डिजिटल बुनियाद पड़ने पर ही पुनरुत्थान सुनिश्चित हो सकता है।
उपराष्ट्रपति
ने कहा कि भारत की डिजिटल क्रांति का प्रसार ग्रामीण क्षेत्रों में भी
अवश्य होना चाहिए जिससे कि वहां रहने वाले लोग डिजिटल उपकरणों के
इस्तेमाल से समुचित तौर पर अवगत हो सकें। उन्होंने डिजिटल एप्लीकेशंस और
अभिनव तकनीकों का इस्तेमाल कर कृषि उत्पादकता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी
सुनिश्चित करने का सुझाव दिया।
उपराष्ट्रपति
ने यह राय व्यक्त की कि अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी को अपनाने से खाद्य
सुरक्षा को बनाये रखने और आजीविका के अवसर बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में व्यापक बदलाव केवल सरकारी सहयोग से ही
संभव नहीं हो सकता है। इसके लिए बड़ी संख्या में लोगों, कृषि विज्ञान
केन्द्रों एवं कृषि अनुसंधान केन्द्रों जैसे संस्थानों और वैज्ञानिकों
को आगे आना होगा। उन्होंने किसानों को संबंधित ज्ञान एवं तकनीकों का
हस्तांतरण करने की जरूरत पर विशेष बल दिया ताकि वे इसे अमल में ला सकें।
इस
अवसर पर महाराष्ट्र के राज्यपाल श्री सी.विदयासागर राव, महाराष्ट्र के
स्कूली शिक्षा, खेल एवं युवा कल्याण, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री
श्री विनोद तावडे और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
View More: Mobile Number Database, Bulk SMS Marketing
Thursday, 1 November 2018
परिवहन शिक्षा में सहयोग विकास के लिए भारत और रूसी संघ के बीच समझौता ज्ञापन
रेलवे के क्षेत्र में तकनीकी सहयोग पर भारत तथा संयुक्त स्टॉक कंपनी ‘रूसी रेलवे’ के बीच सहयोग ज्ञापन
प्रधानमंत्री
श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल को रूस के साथ
05 अक्टूबर, 2018 को हस्ताक्षर किए गए समझौता ज्ञापन (एमओयू) तथा एक सहयोग
ज्ञापन (एमओसी) की जानकारी दी गई।
i. परिवहन शिक्षा में सहयोग विकास के लिए रूसी संघ के परिवहन मंत्रालय के साथ समझौता ज्ञापन।
ii. रेलवे के क्षेत्र में तकनीकी सहयोग पर संयुक्त स्टॉक कंपनी ‘रूसी रेलवे’ (आरजेडडी) के साथ सहयोग ज्ञापन।
एमओयू
/ एमओसी भारतीय रेल को रेल क्षेत्र में नवीनतम विकास और ज्ञान साझा करने
का मंच प्रदान करते हैं। एमओयू / एमओसी विशेष प्रौद्योगिकी क्षेत्रों पर
फोकस करने वाले तकनीकी विशेषज्ञों, रिपोर्टों तथा तकनीकी दस्तावेजों,
प्रशिक्षण और संगोष्ठियों / कार्यशालाओं का आदान-प्रदान करने तथा ज्ञान
साझा करने में सहायता देते हैं।
एमओयू
में परिवहन शिक्षा के विकास के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सहयोग
का प्रावधान है। समझौता ज्ञापन व्यापार-आर्थिक, वैज्ञानिक-तकनीकी तथा
सांस्कृतिक सहयोग पर अंतर-सरकारी रूसी – भारतीय आयोग के ढांचे में
क्रियान्वयन सहित विशेष प्रस्तावों की तैयारी में सहायता देगा।
एमओसी निम्नलिखित क्षेत्रों में तकनीकी सहयोग में सहायता देगा
ए.
यात्री गाड़ियों की गति 200 किलोमीटर प्रतिघंटे (सेमी हाई स्पीड) बढाने के
लिए नागपुर-सिकंदराबाद सेक्शन के उन्नयन के लिए परियोजना को लागू करना।
इसमें भारतीय रेल नेटवर्क के अन्य निर्देशों सहित सेक्शन का संभावित
विस्तार शामिल है।
बी.
क्षेत्रीय स्तर, मंडलीय रेल तथा / या तथा जोनल रेलवे को जोड़ने वाले ऊपरी
नेटवर्क स्तर पर मिले-जुले यातायात के प्रबंधन के लिए एकल ट्रैफिक नियंत्रण
केन्द्र लागू करना।
सी. विशिष्ट निर्माण, संयुक्त निर्माण का संगठन तथा स्पर्धी सिग्नलिंग और इंटर-लॉकिंग प्रणाली को लागू करना।
डी. सेमी हाई स्पीड तथा इससे ऊपर के लिए टर्नआऊट स्वीचों की आपूर्ति और एकत्रीकरण।
ई.
रूसी रेल से जुड़े उच्च शिक्षा प्रतिष्ठानों की भागीदारी के साथ भारतीय
रेल के कर्मचारियों की प्रशिक्षण तथा एडवांस योग्यता सुधार।
एफ. माल ढुलाई कार्गो संचालन में श्रेष्ठ व्यवहार तथा
जी. भारत में मल्टी मॉडल टर्मिनलों का संयुक्त विकास।
पृष्ठभूमि
भारतीय
रेल ने विभिन्न विदेशी सरकारों तथा राष्ट्रीय रेलवे के साथ रेल क्षेत्र
में तकनीकी सहयोग के लिए एमओयू / एमओसी पर हस्ताक्षर किए हैं। सहयोग के
चिन्हित क्षेत्रों में उच्च गति की रेलगाड़ी, वर्तमान मार्गों की गति
बढ़ाना, विश्व स्तरीय स्टेशनों का विकास, भारी परिवहन संचालन रेल ढांचे का
आधुनिकीकरण शामिल है। यह सहयोग रेलवे टेक्नोलॉजी तथा संचालन ज्ञान का
आदान-प्रदान, तकनीकी यात्राओं, प्रशिक्षण तथा संगोष्ठियों और कार्यशालाओं
के माध्यम से परस्पर हित के क्षेत्रों में किया जाता है।
View More: Promotional Bulk SMS service, DND Verifier Plans
Tuesday, 30 October 2018
Tuesday, 31 July 2018
Friday, 29 June 2018
आजम खान का तोगड़िया पर तंज, 'ताजमहल तोड़कर शिव मंदिर बना, तो मैं भी मदद करूंगा'
नई दिल्ली/रामपुर : अयोध्या में राममंदिर नहीं बनने से प्रवीण तोगड़िया की नाराजगी और नया संगठन बनाने पर समाजवादी नेता आजम खान ने तीखी टिप्पणी की है. आजम खान ने कहा जो लोग आज कानून की बात कर रहे हैं, वो ये बताएं कि क्या उस वक्त जब बाबरी मस्जिद विध्वंस हुआ था. तब कानून माना गया था और जब उस वक्त नहीं माना गया, तो अब कानून की बात क्यों? आजम खान ने कहा कि अगर ताजमहल को तोड़कर विवादित स्थल पर सीएम योगी भगवान शिव का भी मंदिर बनाएंगे. तो, दूसरा फावड़ा मैं मारूंगा. केंद्र की बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इन 4 सालों में जितनी अमानवीय घटना हुई है, उसने पूरी दुनिया की मानवता शर्मसार हुई है.
ताजमहल तोड़ने में मैं मदद कंरूगा: आजम खान
आजम खान ने कहा है कि वो गुलामी की निशानी 'ताजमहल' को तोड़ने में सीएम योगी की मदद करेंगे. आजम ने कहा, 'ताजमहल को तोड़ने के लिए पहला हथौड़ा योगी को मारना होगा. मैं अपने 10-20 हजार मुस्लिम समर्थकों को लेकर उनका साथ दूंगा.' आजम का कहना है कि उन्हें योगी ने बताया है कि ताजमहल भगवान शिव का मंदिर है. आपको बता दे कि इससे पहले भी आजम खान ताजमहल को तोड़ने की बात कर चुके हैं.
हर मुल्क में होता है सर्जिकल स्ट्राइक
सर्जिकल स्ट्राइक का वीडियो सामने आने पर आजम खान ने कहा चुनाव करीब आ गया है. इसलिए सरकार ने वीडियो सबके सामने रख दिया गया है. उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक हमेशा हर मुल्क की सरहदों पर होती है. हम कोई निराले नहीं है. ये सीक्रेट एक्शन होता है. सर्जिकल स्ट्राइक कितनी पब्लिसिटी करनी चाहिए. ये पीएम मोदी से बेहतर और कौन जानता हैं.
4 साल के हिसाब में सामने आया वीडियो
आजम खान ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ठीक चुनाव से पहले सर्जिकल स्ट्राइक का वीडियो सब के सामने लाना सरकार की रणनीति थी. उन्होंने कहा कि चुनाव आने वाले है और जनता मोदी सरकार से उनके काम के हिसाब मांगेगी. इसलिए ये वीडियो उन्होंने जारी किया.
Source:-ZEENEWS
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
ताजमहल तोड़ने में मैं मदद कंरूगा: आजम खान
आजम खान ने कहा है कि वो गुलामी की निशानी 'ताजमहल' को तोड़ने में सीएम योगी की मदद करेंगे. आजम ने कहा, 'ताजमहल को तोड़ने के लिए पहला हथौड़ा योगी को मारना होगा. मैं अपने 10-20 हजार मुस्लिम समर्थकों को लेकर उनका साथ दूंगा.' आजम का कहना है कि उन्हें योगी ने बताया है कि ताजमहल भगवान शिव का मंदिर है. आपको बता दे कि इससे पहले भी आजम खान ताजमहल को तोड़ने की बात कर चुके हैं.
हर मुल्क में होता है सर्जिकल स्ट्राइक
सर्जिकल स्ट्राइक का वीडियो सामने आने पर आजम खान ने कहा चुनाव करीब आ गया है. इसलिए सरकार ने वीडियो सबके सामने रख दिया गया है. उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक हमेशा हर मुल्क की सरहदों पर होती है. हम कोई निराले नहीं है. ये सीक्रेट एक्शन होता है. सर्जिकल स्ट्राइक कितनी पब्लिसिटी करनी चाहिए. ये पीएम मोदी से बेहतर और कौन जानता हैं.
4 साल के हिसाब में सामने आया वीडियो
आजम खान ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ठीक चुनाव से पहले सर्जिकल स्ट्राइक का वीडियो सब के सामने लाना सरकार की रणनीति थी. उन्होंने कहा कि चुनाव आने वाले है और जनता मोदी सरकार से उनके काम के हिसाब मांगेगी. इसलिए ये वीडियो उन्होंने जारी किया.
Source:-ZEENEWS
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
Friday, 22 June 2018
छत्तीसगढ़: मिड डे मील में बच्चों को परोसी जा रही है घुन लगी दाल और सड़ी सब्जियां
रायपुर: नया शिक्षण सत्र प्रारंभ हुए दस दिन से अधिक हो गए हैं, बावजूद स्कूलों की व्यवस्था अभी भी काफी लचर बनी हुई है. ना तो स्कूल में शिक्षक आ रहे हैं और ना ही बच्चों को मेन्यू के अनुसार मिड डे मील मिल पा रहा है. कुछ स्कूलों में जहां भोजन दिया भी जा रहा है तो वहां बच्चों को सड़ी हुई घुन लगी दाल वो भी बिना सब्जी के परोसी जा रही है. वहीं कहीं हफ्तों से सिर्फ आलू की सब्जी ही खिलाई जा रही है.
मेन्यू चार्ट के मिड डे मील में मिलावट
सरकार ने सभी स्कूलों में मेन्यू चार्ट लगवा रखा है लेकिन इस मेनू चार्ट के अनुसार बच्चों को खाना परोसा जा रहा है या नहीं इसकी खबर लेने वाला कोई नहीं है. सरकार ने हर दिन के अनुसार अलग-अलग प्रकार के पौष्टिक भोजन स्कूल में ही बनाकर खिलाने की व्यवस्था कर रखी है. छत्तीसगढ़ के पेंड्रा के सरकारी स्कूलों में शुक्रवार की थाली के अनुसार बच्चों को चावल, मिक्स दाल, पापड़, टमाटर की चटनी, पत्ता गोभी की सब्जी मिलनी चाहिए थी लेकिन जब इन स्कूलों में मीडिया की टीम पहुंची तो जो दाल बच्चों को खिलाने के लिए परोसी गई थी वह पूरी तरह घुन लगी हुई थी. रसोइया खुद ही इसे खाने योग्य नहीं होने की बात कह रहा था.
कान बंद करके बैठे हैं अधिकारी
वैसे तो व्यवस्था संचालन के लिए और उस पर नजर बनाए रखने के लिए विकासखंड कार्यालय में बीइओ, ABEO और मध्यान्ह भोजन प्रभारी नियुक्त हैं जिनकी जिम्मेदारी प्रतिदिन व्यवस्था देखने की है. खबर मिलने के बाद संबंधित शिक्षकों और समूहों को नोटिस जारी कर कार्रवाई और शीघ्र ही व्यवस्था बनाने की बात सामने आई है. छात्रों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की मंशा से सरकार ने मध्यान्ह भोजन योजना शुरू की है. इसके संचालन की जिम्मेदारी गांव के स्व सहायता समूहों को दी गई है लेकिन संचालनकर्ता समूह भी अब बच्चों की थाली से निवाला छीनने में लग गए हैं. जिम्मेदार अधिकारी मीडिया से खबर मिलने के इंतजार में बैठे है.
Source:-ZEENEWS
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
Wednesday, 20 June 2018
JNU ने ‘इस्लामी आतंकवाद’ पर कोर्स से किया इनकार
नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) प्रशासन ने दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग को भेजे अपने जवाब में कहा है कि विश्वविद्यालय की अकादमिक परिषद की बैठक में ‘ इस्लामी आतंकवाद ’ पर किसी पाठ्यक्रम का प्रस्ताव नहीं किया गया है. दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष जफर - उल - इस्लाम खान ने मंगलवार को यह जानकारी दी.
उन्होंने बताया कि जेएनयू के कुलसचिव (रजिस्ट्रार) प्रमोद कुमार ने कहा कि अकादमिक परिषद की बैठक में ‘ इस्लामी आतंकवाद ’ पर कोई पाठ्यक्रम प्रस्तावित नहीं किया गया. मीडिया रिपोर्टों का संज्ञान लेते हुए आयोग ने पिछले महीने नोटिस जारी करके विश्वविद्यालय में प्रस्तावित पाठ्यक्रम को शुरू करने का कारण पूछा था.
खान ने बताया कि कुलसचिव ने आयोग को प्रस्तावित ‘ सेंटर फॉर नेशनल सिक्यूरिटी स्टडिज ’ के अवधारणा पत्र की एक प्रति भेजी है और कहा है कि जेएनयू को इस बात की जानकारी नहीं है कि किसी भारतीय या विदेशी विश्वविद्यालय में ‘ इस्लामी आतंकवाद ’ पर कोई पाठ्यक्रम पढ़ाया जाता है या नहीं. कुमार ने 18 मई को हुई 145 वीं अकादमिक परिषद की बैठक में हुई चर्चा के विवरण की एक प्रति भी आयोग को दी है जहां इसे चर्चा के लिए रखा गया था.
आयोग के अध्यक्ष ने कहा ‘जेएनयू के कुलसचिव के आश्वासन के विपरीत , अवधारणा पत्र में प्रस्तावित केंद्र के ‘ मुख्य क्षेत्रों के हिस्से के रूप में ‘ इस्लामी आतंकवाद ’ शामिल है. इन क्षेत्रों में पढ़ाने से पहले उनमें शोध करना होगा.’
उन्होंने कहा कि आयोग ने जेएनयू को फिर से पत्र लिखा है और कहा है कि प्रस्तावित केंद्र अच्छी पहल है और देश को इसकी जरूरत है लेकिन केंद्र में शोध और शिक्षण के विषय के तौर पर ‘ इस्लामी आतंकवाद ’ का विषय लाना ‘ दोषपूर्ण ’ है और यह परिसर में सांप्रदायिक सौहार्द को ‘ खराब ’ करेगा और मुसलमानों को लेकर एक गलत विचार पैदा करेगा.
Source:-ZEENEWS
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
उन्होंने बताया कि जेएनयू के कुलसचिव (रजिस्ट्रार) प्रमोद कुमार ने कहा कि अकादमिक परिषद की बैठक में ‘ इस्लामी आतंकवाद ’ पर कोई पाठ्यक्रम प्रस्तावित नहीं किया गया. मीडिया रिपोर्टों का संज्ञान लेते हुए आयोग ने पिछले महीने नोटिस जारी करके विश्वविद्यालय में प्रस्तावित पाठ्यक्रम को शुरू करने का कारण पूछा था.
खान ने बताया कि कुलसचिव ने आयोग को प्रस्तावित ‘ सेंटर फॉर नेशनल सिक्यूरिटी स्टडिज ’ के अवधारणा पत्र की एक प्रति भेजी है और कहा है कि जेएनयू को इस बात की जानकारी नहीं है कि किसी भारतीय या विदेशी विश्वविद्यालय में ‘ इस्लामी आतंकवाद ’ पर कोई पाठ्यक्रम पढ़ाया जाता है या नहीं. कुमार ने 18 मई को हुई 145 वीं अकादमिक परिषद की बैठक में हुई चर्चा के विवरण की एक प्रति भी आयोग को दी है जहां इसे चर्चा के लिए रखा गया था.
आयोग के अध्यक्ष ने कहा ‘जेएनयू के कुलसचिव के आश्वासन के विपरीत , अवधारणा पत्र में प्रस्तावित केंद्र के ‘ मुख्य क्षेत्रों के हिस्से के रूप में ‘ इस्लामी आतंकवाद ’ शामिल है. इन क्षेत्रों में पढ़ाने से पहले उनमें शोध करना होगा.’
उन्होंने कहा कि आयोग ने जेएनयू को फिर से पत्र लिखा है और कहा है कि प्रस्तावित केंद्र अच्छी पहल है और देश को इसकी जरूरत है लेकिन केंद्र में शोध और शिक्षण के विषय के तौर पर ‘ इस्लामी आतंकवाद ’ का विषय लाना ‘ दोषपूर्ण ’ है और यह परिसर में सांप्रदायिक सौहार्द को ‘ खराब ’ करेगा और मुसलमानों को लेकर एक गलत विचार पैदा करेगा.
Source:-ZEENEWS
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
Monday, 18 June 2018
पेट्रोल सस्ता होने का इंतजार कर रहे लोगों को झटका, जेटली ने कहा ये
नई दिल्ली : केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने पेट्रोल, डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती की संभावना को सोमवार को एक तरह से खारिज करते हुए कहा कि इस तरह का कोई भी कदम नुकसानदायक हो सकता है. साथ ही उन्होंने नागरिकों से कहा कि वे अपने हिस्से के करों का 'ईमानदारी' से भुगतान करें, जिससे पेट्रोलियम पदार्थों पर राजस्व के स्रोत के रूप में निर्भरता कम हो सके. फेसबुक पोस्ट में जेटली ने लिखा, 'सिर्फ वेतनभोगी वर्ग ही अपने हिस्से का कर अदा करता है. जबकि ज्यादातर अन्य लोगों को अपने कर भुगतान के रिकॉर्ड को सुधारने की जरूरत है. यही वजह है कि भारत अभी तक एक कर अनुपालन वाला समाज नहीं बन पाया है.'
जीडीपी अनुपात सुधरकर 11.5 प्रतिशत हुआ
जेटली ने कहा, 'मेरी राजनीतिज्ञों और टिप्पणीकारों से अपील है कि गैर - तेल कर श्रेणी में अपवंचना रुकना चाहिए. अगर लोग ईमानदारी से कर अदा करेंगे तो कराधान के लिए पेट्रोलियम उत्पादों पर निर्भरता को कम किया जा सकेगा. बहरहाल, मध्य से दीर्घावधि में राजकोषीय गणित में कोई भी बदलाव प्रतिकूल साबित हो सकता है.' उन्होंने कहा कि पिछले चार साल के दौरान केंद्र सरकार का कर - जीडीपी अनुपात 10 प्रतिशत से सुधरकर 11.5 प्रतिशत हो गया है. इसमें से करीब आधी (जीडीपी का 0.72 प्रतिशत) वृद्धि गैर- तेल कर जीडीपी अनुपात से हुई है.
जेटली ने कहा, 'उपभोक्ताओं को राहत सिर्फ राजकोषीय रूप से जिम्मेदार और वित्तीय दृष्टि से मजबूत केंद्र सरकार और वे राज्य दे सकते हैं जिनको तेल कीमतों में असामान्य बढ़ोतरी की वजह से अतिरिक्त राजस्व मिल रहा है. उन्होंने कहा कि नई प्रणाली में अनुपालन के ऊंचे स्तर के बावजूद गैर - तेल कर के मामले में भारत अभी भी कर अनुपालन वाला समाज नहीं बन पाया है.
Source:-ZEENEWS
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
जीडीपी अनुपात सुधरकर 11.5 प्रतिशत हुआ
जेटली ने कहा, 'मेरी राजनीतिज्ञों और टिप्पणीकारों से अपील है कि गैर - तेल कर श्रेणी में अपवंचना रुकना चाहिए. अगर लोग ईमानदारी से कर अदा करेंगे तो कराधान के लिए पेट्रोलियम उत्पादों पर निर्भरता को कम किया जा सकेगा. बहरहाल, मध्य से दीर्घावधि में राजकोषीय गणित में कोई भी बदलाव प्रतिकूल साबित हो सकता है.' उन्होंने कहा कि पिछले चार साल के दौरान केंद्र सरकार का कर - जीडीपी अनुपात 10 प्रतिशत से सुधरकर 11.5 प्रतिशत हो गया है. इसमें से करीब आधी (जीडीपी का 0.72 प्रतिशत) वृद्धि गैर- तेल कर जीडीपी अनुपात से हुई है.
जेटली ने कहा, 'उपभोक्ताओं को राहत सिर्फ राजकोषीय रूप से जिम्मेदार और वित्तीय दृष्टि से मजबूत केंद्र सरकार और वे राज्य दे सकते हैं जिनको तेल कीमतों में असामान्य बढ़ोतरी की वजह से अतिरिक्त राजस्व मिल रहा है. उन्होंने कहा कि नई प्रणाली में अनुपालन के ऊंचे स्तर के बावजूद गैर - तेल कर के मामले में भारत अभी भी कर अनुपालन वाला समाज नहीं बन पाया है.
Source:-ZEENEWS
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
Sunday, 17 June 2018
इन देशों में गधों की हो रही चोरी, वजह जानकर हो जाएंगे हैरान
नैरोबी: चीन में जिलेटिन की मांग की वजह से अफ्रीकी देशों से काला बाजारी के जरिए गधों की खाल को चीन भेजा जा रहा है. इस वजह से अफ्रीका के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है. यहां काफी संख्या में लोग कृषि कार्यों और भारी सामानों की ढुलाई के लिए गधों पर निर्भर होते हैं. हाल ही में यहां जोसेफ कामोनजो कारियूकी के तीन गधे लापता हो गए थे और बाद में इन सब के अवशेष बरामद हुए. केन्या से लेकर बुरकिनी फासो , मिस्र से लेकर नाइजीरिया तक के पशु अधिकार समूहों का कहना है कि गधे के खाल की कालाबाजारी करने वाले चीन में जेलिटिन की मांग को पूरा करने के लिए गधों को मारकर उनकी खाल को निकालते हैं.
जिलेटिन गधे की खाल से बनता है और इसका इस्तेमाल स्वास्थ्य क्षेत्र में होता है. पशु अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि चीन में गधों की संख्या में कमी आने से अब इसकी आपूर्ति अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अमेरिका से हो रही है.
बेजुबान जानवरों के खिलाफ बेरहमी करने वालों पर रहमदिल कानून
आपको बता दें कि जानवरों को चोट पहुंचाना Prevention of Cruelty to Animals Act 1960 यानी PCA Act की धारा 11 के तहत एक अपराध माना गया है.
- इसी तरह IPC की धारा 428 और 429 के तहत भी जानवरों के खिलाफ हिंसा अपराध की श्रेणी में आती है.
- आपको जानकर हैरानी होगी कि जानवरों के खिलाफ हिंसा करने वाले व्यक्ति पर अभी सिर्फ 10 रुपये लेकर 100 रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है.
- PCA Act के मुताबिक जानवरों को चोट पहुंचाने वाले व्यक्ति को पहली बार ऐसा करने पर 50 रुपये तक का जुर्माना देना पड़ता है. जबकि दूसरी बार ऐसा करने पर 100 रुपये का जुर्माना और 3 महीनें तक की कैद हो सकती है।
- आपको ये भी बता दें कि जानवरों के खिलाफ किस तरह की हिंसा को भारत का कानून अपराध मानता है. किसी भी जानवर को पीटना... उसे लात मारना...और जरूरत से ज्यादा वज़न ढोने पर मजूबर करने जैसी हरकतें PCA Act 1960 के मुताबिक कानूनन अपराध हैं।
- भारत का कानून बूढ़े और बीमार जानवर से काम लेने की इजाजत भी नहीं देता है. किसी जानवर को तकलीफ पहुंचाकर एक जगह से दूसरी जगह पर ले जाना भी अपराध है।
- किसी जानवर को जरूरत से ज्यादा छोटे पिंजरे में रखना और उसे छोटी ज़ंजीर से बांधना भी भारतीय कानून के तहत एक अपराध है.
- अगर आपके पास भी कोई पालतू जानवर है और आप उसे पर्याप्त भोजन..रहने की जगह और पीने के लिए पानी नहीं देते हैं तो भी कानून की नज़र में आप अपराधी हैं.
Source:-ZEENEWS
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
जिलेटिन गधे की खाल से बनता है और इसका इस्तेमाल स्वास्थ्य क्षेत्र में होता है. पशु अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि चीन में गधों की संख्या में कमी आने से अब इसकी आपूर्ति अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अमेरिका से हो रही है.
बेजुबान जानवरों के खिलाफ बेरहमी करने वालों पर रहमदिल कानून
आपको बता दें कि जानवरों को चोट पहुंचाना Prevention of Cruelty to Animals Act 1960 यानी PCA Act की धारा 11 के तहत एक अपराध माना गया है.
- इसी तरह IPC की धारा 428 और 429 के तहत भी जानवरों के खिलाफ हिंसा अपराध की श्रेणी में आती है.
- आपको जानकर हैरानी होगी कि जानवरों के खिलाफ हिंसा करने वाले व्यक्ति पर अभी सिर्फ 10 रुपये लेकर 100 रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है.
- PCA Act के मुताबिक जानवरों को चोट पहुंचाने वाले व्यक्ति को पहली बार ऐसा करने पर 50 रुपये तक का जुर्माना देना पड़ता है. जबकि दूसरी बार ऐसा करने पर 100 रुपये का जुर्माना और 3 महीनें तक की कैद हो सकती है।
- आपको ये भी बता दें कि जानवरों के खिलाफ किस तरह की हिंसा को भारत का कानून अपराध मानता है. किसी भी जानवर को पीटना... उसे लात मारना...और जरूरत से ज्यादा वज़न ढोने पर मजूबर करने जैसी हरकतें PCA Act 1960 के मुताबिक कानूनन अपराध हैं।
- भारत का कानून बूढ़े और बीमार जानवर से काम लेने की इजाजत भी नहीं देता है. किसी जानवर को तकलीफ पहुंचाकर एक जगह से दूसरी जगह पर ले जाना भी अपराध है।
- किसी जानवर को जरूरत से ज्यादा छोटे पिंजरे में रखना और उसे छोटी ज़ंजीर से बांधना भी भारतीय कानून के तहत एक अपराध है.
- अगर आपके पास भी कोई पालतू जानवर है और आप उसे पर्याप्त भोजन..रहने की जगह और पीने के लिए पानी नहीं देते हैं तो भी कानून की नज़र में आप अपराधी हैं.
Source:-ZEENEWS
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
Saturday, 16 June 2018
वाराणसी: डॉक्टरों की बड़ी लापरवाही, मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद चली गई मरीजों की आंखों की रोशनी
नई दिल्ली/वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी के मारवाड़ी अस्पताल में डॉक्टर्स की लापरवाही की वजह से कई मरीजों के आंखों की रोशनी खत्म होने की कगार पर है. जानकारी के मुताबिक, गत मंगलवार (12 जून) को 6 लोगों का मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया गया था. डॉक्टर्स ने ऑपरेशन के 24 घंटे बाद आंखों की रोशनी लौटने की बात कही थी. लेकिन, चार दिन बाद भी इनकी आंखों में रोशनी नहीं लौटी. मामला उजागर होने के बाद मरीजों के परिवारवालों ने हंगामा किया.
ऑपरेशन के 72 घंटे बाद भी जब मरीजों को कुछ भी दिखाई नहीं पड़ा तो उनके परिवारजनों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया. इसके बाद चिकित्सक के कहने पर एक निजी अस्पताल में मरीजों की जांच कराई गई. डॉक्टर सनी गुप्ता मरीजों को लेकर पहाड़िया स्थित डॉक्टर नीरज पांडेय रेटिना फाउंडेशन के यहां पहुंचे. सीटी स्कैन करने के बाद यह पता चला कि इंफेक्शन के कारण किसी की भी रोशनी नहीं आई. उन्होंने इसके लिए एक और ऑपरेशन बताया, जिसके लिए करीब 50 हजार रुपये का खर्चा भी बताया. ये जानकारी मिलने के बाद परिजन आक्रोशित हो गए और दोबारा रुपये न देने की बात कहकर हंगामा करने लगे.
Source:-ZEENEWS
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
ऑपरेशन के 72 घंटे बाद भी जब मरीजों को कुछ भी दिखाई नहीं पड़ा तो उनके परिवारजनों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया. इसके बाद चिकित्सक के कहने पर एक निजी अस्पताल में मरीजों की जांच कराई गई. डॉक्टर सनी गुप्ता मरीजों को लेकर पहाड़िया स्थित डॉक्टर नीरज पांडेय रेटिना फाउंडेशन के यहां पहुंचे. सीटी स्कैन करने के बाद यह पता चला कि इंफेक्शन के कारण किसी की भी रोशनी नहीं आई. उन्होंने इसके लिए एक और ऑपरेशन बताया, जिसके लिए करीब 50 हजार रुपये का खर्चा भी बताया. ये जानकारी मिलने के बाद परिजन आक्रोशित हो गए और दोबारा रुपये न देने की बात कहकर हंगामा करने लगे.
Source:-ZEENEWS
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
Thursday, 14 June 2018
महाराष्ट्र: दलित लड़कों को कुएं में नहाने पर मिली सजा, बेल्ट से पीटा, गांव में निर्वस्त्र घुमाया
नई दिल्ली/मुंबई : महाराष्ट्र के जलगांव जिले के वाकाड़ी गांव से शर्मनाक घटना सामने आई है. यहां तीन दलित लड़कों को गांव के कुएं में नहाने पर गाववालों द्वारा पीटा गया और उन्हें निवस्त्र कर गांव में घुमाया गया. यह घटना बीते रविवार यानी 10 जून की है, लेकिन इसकी जानकारी एक वीडियो के वायरल होने के बाद सामने आई. महाराष्ट्र के सामाजिक न्याय मंत्री दिलीप कांब्ले ने मामले के बारे में कहा कि अब तक दो लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है और इस मामले की जांच की जा रही है.
वहीं, राजस्व राज्यमंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि मामले में एससी/एसटी एक्ट के तहत कड़े कदम उठाए जाएंगे. उन्होंने कहा, इस तरह के मामलों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. इंडियन एक्स्प्रेस की खबर के मुताबिक, तीनों दलित लड़के भीषण गर्मी के कारण कुंए में तैरने गए थे, लेकिन कुछ गांववालों ने उन्हें देख लिया और उन्हें कुंए से बाहर निकाल लिया, जिसके बाद गांव वालों ने मिलकर उन्हें चमड़े की बेल्ट से बुरी तरह पीटा और उन्हें निवस्त्र कर पूरे गांव में घुमाया, जिसके बाद इन लड़कों के परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई.
मामले पर केंद्रीय समाज कल्याण मंत्री रामदास आठवले ने कहा, सरकार को इम मामले में कड़े एक्शन लेने चाहिए और जिन लोगों ने लड़कों के साथ ऐसा बर्ताव करने वालें लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए. वहीं, बीजेपी नेता एकनाथ खड़से, गुजरात दलित नेता जिग्नेश मेवानी, महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रेसिडेंट अशोक चव्हाण और पूर्व राज्यमंत्री लक्ष्मण ढोबाले ने भी घटना की कड़ी निंदा की और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की.
Source:-ZEENEWS
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
वहीं, राजस्व राज्यमंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि मामले में एससी/एसटी एक्ट के तहत कड़े कदम उठाए जाएंगे. उन्होंने कहा, इस तरह के मामलों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. इंडियन एक्स्प्रेस की खबर के मुताबिक, तीनों दलित लड़के भीषण गर्मी के कारण कुंए में तैरने गए थे, लेकिन कुछ गांववालों ने उन्हें देख लिया और उन्हें कुंए से बाहर निकाल लिया, जिसके बाद गांव वालों ने मिलकर उन्हें चमड़े की बेल्ट से बुरी तरह पीटा और उन्हें निवस्त्र कर पूरे गांव में घुमाया, जिसके बाद इन लड़कों के परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई.
मामले पर केंद्रीय समाज कल्याण मंत्री रामदास आठवले ने कहा, सरकार को इम मामले में कड़े एक्शन लेने चाहिए और जिन लोगों ने लड़कों के साथ ऐसा बर्ताव करने वालें लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए. वहीं, बीजेपी नेता एकनाथ खड़से, गुजरात दलित नेता जिग्नेश मेवानी, महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रेसिडेंट अशोक चव्हाण और पूर्व राज्यमंत्री लक्ष्मण ढोबाले ने भी घटना की कड़ी निंदा की और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की.
Source:-ZEENEWS
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
Wednesday, 13 June 2018
छत्तीसगढ़: PM मोदी आज पहुंचेंगे भिलाई, ऐसा रहेगा कार्यक्रम, इन योजनाओं का करेंगे शुभारंभ
भिलाई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (14 जून) को भिलाई दौरे पर छत्तीसगढ़ पहुंच रहे हैं. कार्यक्रम की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ राज्य के भिलाई शहर में पीएम मोदी के कार्यक्रम का शेड्यूल पहले ही जारी कर दिया था.
ऐसा रहेगा पीएम का शेड्यूल
पीएम मोदी 8.40 बजे इंडियन एयरफोर्स के विमान से रायपुर के लिये रवाना होंगे. पीएम मोदी 10.20 बजे रायपुर एयरपोर्ट पहुचेंगे. 10.25 बजे एयरपोर्ट से सड़क मार्ग से नया रायपुर के लिए रवाना होंगे. 10.40 बजे नया रायपुर के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेन्टर पहुचेंगे. पीएम मोदी सेंटर का उद्घाटन करने के बाद 20 मिनट बिल्डिंग की सुविधाओं का अवलोकन करेंगे.
12 बजे पहुंचेंगे भिलाई
पीएम मोदी 11.05 बजे नया रायपुर से रवाना होकर 11.15 बजे ट्रिपल आईटी हेलीपैड पहुचेंगे. 11.20 बजे पीएम मोदी हेलीकाप्टर से भिलाई के लिए रवाना होंगे. 11.40 बजे भिलाई हेलिपैड पहुंंचने के बाद 11.55 बजे भिलाई स्टील प्लांट पहुंचेंगे. पीएम मोदी 11.55 बजे से 12.15 बजे तक भिलाई स्टील प्लांट का निरीक्षण करेंगे. पीएम मोदी 12.20 बजे प्लांट से रवाना होकर 12.30 बजे जयन्ति स्टेडियम पहुंचेंगे. 2.30 बजे रायपुर पहुचकर दिल्ली एयरफोर्स के विमान से वापसी करेंगे.
आईआईटी की रखेंगे आधारशिला
स्वागत भाषण के बाद 12.48 से 13.08 बजे तक पीएम विभिन्न कार्यक्रमों को लोकार्पण करेंगे. सबसे पहले मंच पर ही टीवी स्क्रीन के माध्यम से डेवलपमेंट और छत्तीसगढ़ विकास यात्रा का शो होगा. इसके बाद भिलाई इस्पात संयंत्र की विस्तार परियोजना को देश को समर्पित करेंगे. इसी बीच आईआईटी की आधारशिला रखेंगे और भारत नेट फेस-टू योजना का शुभारंभ भी करेंगे. जगदलपुर से रायपुर के बीच वायु सेवा का शुभारंभ वीडियो लिंक से करेंगे.
लैपटॉप, सर्टिफिकेट और चेक वितरण
पीएम मोदी मंच पर ही हितग्राहियों को लैपटॉप, सर्टिफिकेट और चेक वितरण करेंगे. इनमें सूचना क्रांति योजना के तहत (पांच हितग्राही) को लैपटॉप, प्रधानमंत्री मातृत्व योजना (एक हितग्राही) प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (एक हितग्राही) मुद्रा योजना (दो हितग्राही) मुख्यमंत्री आबादी पट्टा (दो हितग्राही) ई-रिक्शा (एक हितग्राही) प्रधानमंत्री बीमा योजना का चेक (दो हितग्राही) को वितरण करेंगे. पीएम मोदी 13.08 मिनट से 13.43 मिनट तक सभा को संबोधित करेंगे. संबोधन के बाद उन्हें मोमेंटो भेंट किए जाएंगे और पीएम मोदी 13.45 को यहां से प्रस्थान करेंगे.
Source:-ZEENEWS
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
ऐसा रहेगा पीएम का शेड्यूल
पीएम मोदी 8.40 बजे इंडियन एयरफोर्स के विमान से रायपुर के लिये रवाना होंगे. पीएम मोदी 10.20 बजे रायपुर एयरपोर्ट पहुचेंगे. 10.25 बजे एयरपोर्ट से सड़क मार्ग से नया रायपुर के लिए रवाना होंगे. 10.40 बजे नया रायपुर के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेन्टर पहुचेंगे. पीएम मोदी सेंटर का उद्घाटन करने के बाद 20 मिनट बिल्डिंग की सुविधाओं का अवलोकन करेंगे.
12 बजे पहुंचेंगे भिलाई
पीएम मोदी 11.05 बजे नया रायपुर से रवाना होकर 11.15 बजे ट्रिपल आईटी हेलीपैड पहुचेंगे. 11.20 बजे पीएम मोदी हेलीकाप्टर से भिलाई के लिए रवाना होंगे. 11.40 बजे भिलाई हेलिपैड पहुंंचने के बाद 11.55 बजे भिलाई स्टील प्लांट पहुंचेंगे. पीएम मोदी 11.55 बजे से 12.15 बजे तक भिलाई स्टील प्लांट का निरीक्षण करेंगे. पीएम मोदी 12.20 बजे प्लांट से रवाना होकर 12.30 बजे जयन्ति स्टेडियम पहुंचेंगे. 2.30 बजे रायपुर पहुचकर दिल्ली एयरफोर्स के विमान से वापसी करेंगे.
आईआईटी की रखेंगे आधारशिला
स्वागत भाषण के बाद 12.48 से 13.08 बजे तक पीएम विभिन्न कार्यक्रमों को लोकार्पण करेंगे. सबसे पहले मंच पर ही टीवी स्क्रीन के माध्यम से डेवलपमेंट और छत्तीसगढ़ विकास यात्रा का शो होगा. इसके बाद भिलाई इस्पात संयंत्र की विस्तार परियोजना को देश को समर्पित करेंगे. इसी बीच आईआईटी की आधारशिला रखेंगे और भारत नेट फेस-टू योजना का शुभारंभ भी करेंगे. जगदलपुर से रायपुर के बीच वायु सेवा का शुभारंभ वीडियो लिंक से करेंगे.
लैपटॉप, सर्टिफिकेट और चेक वितरण
पीएम मोदी मंच पर ही हितग्राहियों को लैपटॉप, सर्टिफिकेट और चेक वितरण करेंगे. इनमें सूचना क्रांति योजना के तहत (पांच हितग्राही) को लैपटॉप, प्रधानमंत्री मातृत्व योजना (एक हितग्राही) प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (एक हितग्राही) मुद्रा योजना (दो हितग्राही) मुख्यमंत्री आबादी पट्टा (दो हितग्राही) ई-रिक्शा (एक हितग्राही) प्रधानमंत्री बीमा योजना का चेक (दो हितग्राही) को वितरण करेंगे. पीएम मोदी 13.08 मिनट से 13.43 मिनट तक सभा को संबोधित करेंगे. संबोधन के बाद उन्हें मोमेंटो भेंट किए जाएंगे और पीएम मोदी 13.45 को यहां से प्रस्थान करेंगे.
Source:-ZEENEWS
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
Tuesday, 12 June 2018
G7 summit photo shared by Angela Merkel with Donald Trump sparks laugh riot on Twitter
WASHINGTON: A photo shared by German Chancellor Angela Merkel during the Group of Seven (G7) summit in Canada has sent Twitter in splits. Out of a hundred photos taken at the summit, the one posted by Merkel shows her staring down US President Donald Trump while standing behind a table with both hands pressed firmly into its surface atop some documents.
Merkel captioned the picture: "Day two of the G-7 summit in Canada: spontaneous meeting between two working sessions." With a neutral expression, she can be seen staring directly at President Trump, who sits on the other side of the table.
The photo shared on her Instagram account has invited hilarious captions and memes on social media with many calling it an 'iconic photo' of the summit. Merkel and Trump are also surrounded by a slew of other leaders, including Japanese Prime Minister Shinzo Abe and U.S. national security adviser John Bolton.
The topics that were brought up during lunch -- economic outlooks and artificial intelligence -- are not the most controversial of the summit, as opposed to the issues of trade, climate change and Russia, which had caused tensions to rise.
On the first day of the summit, which is being held in Canada's La Malbaie, Trump pitched the idea of discarding all tariffs and trade barriers between the US and its G-7 allies. Trump will not attend the second day of the two-day summit on account of preparing for the 'historic' summit of him and North Korean leader Kim Jong Un to be held in Singapore on 12 June.
Source:-ZEENEWS
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
Merkel captioned the picture: "Day two of the G-7 summit in Canada: spontaneous meeting between two working sessions." With a neutral expression, she can be seen staring directly at President Trump, who sits on the other side of the table.
The photo shared on her Instagram account has invited hilarious captions and memes on social media with many calling it an 'iconic photo' of the summit. Merkel and Trump are also surrounded by a slew of other leaders, including Japanese Prime Minister Shinzo Abe and U.S. national security adviser John Bolton.
The topics that were brought up during lunch -- economic outlooks and artificial intelligence -- are not the most controversial of the summit, as opposed to the issues of trade, climate change and Russia, which had caused tensions to rise.
On the first day of the summit, which is being held in Canada's La Malbaie, Trump pitched the idea of discarding all tariffs and trade barriers between the US and its G-7 allies. Trump will not attend the second day of the two-day summit on account of preparing for the 'historic' summit of him and North Korean leader Kim Jong Un to be held in Singapore on 12 June.
Source:-ZEENEWS
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
Monday, 11 June 2018
EXCLUSIVE : लोकसभा चुनाव का मुद्दा सिर्फ नरेंद्र मोदी होंगे- जयराम रमेश
नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने राहुल गांधी के अध्यक्ष बनने के बाद कांग्रेस में आए बदलाव और 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी की रणनीति पर जी न्यूज डिजिटल के ओपीनियन एडिटर पीयूष बबेले से लंबी बातचीत की. रमेश ने कहा कि नरेंद्र मोदी को सत्ता से हटाने के लिए जो भी त्याग करना पड़ेगा, उसके लिए कांग्रेस तैयार है. संभावित गठबंधन सहायोगियों से लेकर कांग्रेस की गलतियों और भविष्य की रणनीति पर उन्होंने बेबाकी से अपनी बात रखी. यहां पेश हैं इंटरव्यू के खास अंश:
सवाल: राहुल गांधी को कांग्रेस अध्यक्ष बने पांच महीने हो गए हैं, इस दौरान कांग्रेस में कौन से खास बदलाव आए हैं?
जवाब: राहुल गांधी ने अध्यक्ष बनने के बाद कांग्रेस अधिवेशन में कहा था कि पार्टी में बुजुर्ग और नौजवान दोनों को जगह मिलेगी, लेकिन अगर उनके अध्यक्ष बनने के बाद की नियुक्तियां देखें तो सचिव और दूसरे प्रमुख पदों पर युवाओं को बड़ी संख्या में जगह दी जा रही है. यह कांग्रेस में आया वह बदलाव है जिसक मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी.
दूसरा बदलाव आपने कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद देखा होगा. इस बार मणिपुर, गोवा या अरुणाचल प्रदेश की तरह पार्टी ने देर नहीं लगाई और विपक्ष के किसी फैसले से पहले कांग्रेस हाईकमान ने फैसले किए. अगर पहले की तरह फैसले लिए जाते तो कर्नाटक कांग्रेस के हाथ से निकल सकता था. कर्नाटक हमारे पास रहना बहुत जरूरी था, वरना कांग्रेस सिर्फ तीन राज्यों में सिमटकर रह जाती. कांग्रेस ने न सिर्फ तेजी से फैसला लिया, बल्कि बड़ा दिल भी दिखाया. छोटी पार्टी होने के बावजूद जेडीएस को मुख्यमंत्री का पद बिना शर्त ऑफर किया और बाद में वित्त मंत्री का पद भी दिया. यह सब इतनी तेजी से हुआ कि मेरे जैसे पुराने कांग्रेसियों को यकीन ही नहीं हुआ कि यह कांग्रेस पार्टी ही है, या कोई दूसरी पार्टी.
सवाल: तो यह समझा जाए कि सोनिया गांधी की अध्यक्षता में फैसले देरी से होते थे, राहुल ने वह तरीका बदला है?
जवाब: इस तरह की तुलना ठीक नहीं है. अगर आप देखें तो सोनिया जी की उम्र और राहुल जी की उम्र में 25 साल का फर्क है. यह एक पीढ़ी का बदलाव है, जनरेशन चेन्ज है. तेजी से होते फैसलों में पीढ़ी का यही बदलाव दिख रहा है. कांग्रेस के लिए यह बहुत अच्छा है.
सवाल: आप गठबंधन की बात कर रहे हैं, आपको कहां-कहां गठबंधन की संभावना दिख रही है?
जवाब: यूपी से ही शुरू करें, तो पहले गोरखपुर-फूलपुर और अब कैराना तीनों जगह गठबंधन का असर दिख रहा है. यूपी में सपा, बसपा, रालोद और कांग्रेस मिलकर चुनाव लड़ेंगी. बिहार में राष्ट्रीय जनता दल के साथ गठबंधन पहले से ही है, इसमें एक-दो दल और आ सकते हैं. झारखंड में हम जेएमएम और जेवीएम दोनों को साथ लाएंगे. महाराष्ट्र में एनसीपी के साथ लड़ेंगे. केरल में पहले से गठबंधन है. कर्नाटक में जेडीएस के साथ समझौता हो चुका है. तेलंगाना में भी गठबंधन होगा. पश्चिम बंगाल में भी गठबंधन होगा. राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में बसपा के साथ तालमेल की उम्मीद है. ये तो चुनाव पूर्व के गठबंधन हैं. चुनाव के बाद भी तो गठबंधन होंगे.
सवाल: राहुल गांधी को कांग्रेस अध्यक्ष बने पांच महीने हो गए हैं, इस दौरान कांग्रेस में कौन से खास बदलाव आए हैं?
जवाब: राहुल गांधी ने अध्यक्ष बनने के बाद कांग्रेस अधिवेशन में कहा था कि पार्टी में बुजुर्ग और नौजवान दोनों को जगह मिलेगी, लेकिन अगर उनके अध्यक्ष बनने के बाद की नियुक्तियां देखें तो सचिव और दूसरे प्रमुख पदों पर युवाओं को बड़ी संख्या में जगह दी जा रही है. यह कांग्रेस में आया वह बदलाव है जिसक मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी.
दूसरा बदलाव आपने कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद देखा होगा. इस बार मणिपुर, गोवा या अरुणाचल प्रदेश की तरह पार्टी ने देर नहीं लगाई और विपक्ष के किसी फैसले से पहले कांग्रेस हाईकमान ने फैसले किए. अगर पहले की तरह फैसले लिए जाते तो कर्नाटक कांग्रेस के हाथ से निकल सकता था. कर्नाटक हमारे पास रहना बहुत जरूरी था, वरना कांग्रेस सिर्फ तीन राज्यों में सिमटकर रह जाती. कांग्रेस ने न सिर्फ तेजी से फैसला लिया, बल्कि बड़ा दिल भी दिखाया. छोटी पार्टी होने के बावजूद जेडीएस को मुख्यमंत्री का पद बिना शर्त ऑफर किया और बाद में वित्त मंत्री का पद भी दिया. यह सब इतनी तेजी से हुआ कि मेरे जैसे पुराने कांग्रेसियों को यकीन ही नहीं हुआ कि यह कांग्रेस पार्टी ही है, या कोई दूसरी पार्टी.
सवाल: तो यह समझा जाए कि सोनिया गांधी की अध्यक्षता में फैसले देरी से होते थे, राहुल ने वह तरीका बदला है?
जवाब: इस तरह की तुलना ठीक नहीं है. अगर आप देखें तो सोनिया जी की उम्र और राहुल जी की उम्र में 25 साल का फर्क है. यह एक पीढ़ी का बदलाव है, जनरेशन चेन्ज है. तेजी से होते फैसलों में पीढ़ी का यही बदलाव दिख रहा है. कांग्रेस के लिए यह बहुत अच्छा है.
सवाल: आप गठबंधन की बात कर रहे हैं, आपको कहां-कहां गठबंधन की संभावना दिख रही है?
जवाब: यूपी से ही शुरू करें, तो पहले गोरखपुर-फूलपुर और अब कैराना तीनों जगह गठबंधन का असर दिख रहा है. यूपी में सपा, बसपा, रालोद और कांग्रेस मिलकर चुनाव लड़ेंगी. बिहार में राष्ट्रीय जनता दल के साथ गठबंधन पहले से ही है, इसमें एक-दो दल और आ सकते हैं. झारखंड में हम जेएमएम और जेवीएम दोनों को साथ लाएंगे. महाराष्ट्र में एनसीपी के साथ लड़ेंगे. केरल में पहले से गठबंधन है. कर्नाटक में जेडीएस के साथ समझौता हो चुका है. तेलंगाना में भी गठबंधन होगा. पश्चिम बंगाल में भी गठबंधन होगा. राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में बसपा के साथ तालमेल की उम्मीद है. ये तो चुनाव पूर्व के गठबंधन हैं. चुनाव के बाद भी तो गठबंधन होंगे.
मंदिर में आरती जगह हुआ रोजा इफ्तार, महंत की इस पहल की हो रही सराहना
लखनऊ: प्रसिद्ध मनकामेश्वर मंदिर में रविवार को सांप्रदायिक सौहार्द्र और हिंदू-मुस्लिम एकता की नई मिसाल देखने को मिली. यूं तो इस मंदिर में हर शाम को आरती होती है, लेकिन रविवार की शाम को आरती के साथ यहां रोजा इफ्तार का आयोजन किया गया. यह आयोजन सामाजिक भाई-चारा स्थापित करने के लिए किया गया था. मनकामेश्वर मंदिर की महंत दिव्या गिरी ने राजधानी में पहली बार रोजा इफ्तार का एहतिमाम किया.
जहां मुल्क में एक तरफ फ़िरक़ा परस्त ताकते लोगों को बांटने की नाकाम कोशिशे जाऱी किये हैं तो दूसरी तरफ लखनऊ में हिन्दू मुस्लिम एकता की मिसाल पेश करते हुए मनकामेश्वर मंदिर की महंत दिव्या गिरी ने राजधानी में पहली बार रोजा इफ्तार का एहतिमाम किया. इसमें बड़ी तादाद में सभी मज़हबों के लोगों ने शिरकत की. यही नहीं मनकामेश्वर मठ के आरती की जगहा रोज़ा इफ्तार के बाद मुसलमानों ने नमाज़ अदा कर मुल्क में अमनो चैन की दुआ मांगी.
लखनऊ में पहली बार ऐसा हुआ जब एक महंत ने रोज़ा अफ्तार का एहतिमाम किया रोज़ा इफ्तार का एहतिमाम करने वाली महंत दिव्य गिरी ने कहा कि जिस तरह से दिखाया जाता है समाज में, लेकिन मन में कोई भेदभाव हम लोगों में नहीं है. रोजा इफ्तार सब लोगों को करना चाहिए. जब वह लोग बड़े मंगल पर प्रसाद तक़सीम कर सकते हैं तो हम लोग रोजा इफतार क्यों नहीं कर सकते.
नवाब मीर जाफर अब्दुल्लाह ने कहा कि मनकामेश्वर मंदिर की महंत दिव्यागिरी ने इस अफ्तार से गंगा जमुनी तहजीब का प्रैक्टिकल नमूना पेश किया गया है. गोमती किनारे इस तरह के प्रोग्राम का किया जाना बेहतरीन क़दम है. लोग बातें तो बहुत करते हैं, लेकिन अमल बहुत कम लोग करते हैं, यह दुनिया के लिए एक मिसाल होगी, जो समाज को बांटने और इंसानियत को बांटने की बात करते हैं. उनके लिए बहुत बड़ा तमाचा है.
Source:-ZEENEWS
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
जहां मुल्क में एक तरफ फ़िरक़ा परस्त ताकते लोगों को बांटने की नाकाम कोशिशे जाऱी किये हैं तो दूसरी तरफ लखनऊ में हिन्दू मुस्लिम एकता की मिसाल पेश करते हुए मनकामेश्वर मंदिर की महंत दिव्या गिरी ने राजधानी में पहली बार रोजा इफ्तार का एहतिमाम किया. इसमें बड़ी तादाद में सभी मज़हबों के लोगों ने शिरकत की. यही नहीं मनकामेश्वर मठ के आरती की जगहा रोज़ा इफ्तार के बाद मुसलमानों ने नमाज़ अदा कर मुल्क में अमनो चैन की दुआ मांगी.
लखनऊ में पहली बार ऐसा हुआ जब एक महंत ने रोज़ा अफ्तार का एहतिमाम किया रोज़ा इफ्तार का एहतिमाम करने वाली महंत दिव्य गिरी ने कहा कि जिस तरह से दिखाया जाता है समाज में, लेकिन मन में कोई भेदभाव हम लोगों में नहीं है. रोजा इफ्तार सब लोगों को करना चाहिए. जब वह लोग बड़े मंगल पर प्रसाद तक़सीम कर सकते हैं तो हम लोग रोजा इफतार क्यों नहीं कर सकते.
नवाब मीर जाफर अब्दुल्लाह ने कहा कि मनकामेश्वर मंदिर की महंत दिव्यागिरी ने इस अफ्तार से गंगा जमुनी तहजीब का प्रैक्टिकल नमूना पेश किया गया है. गोमती किनारे इस तरह के प्रोग्राम का किया जाना बेहतरीन क़दम है. लोग बातें तो बहुत करते हैं, लेकिन अमल बहुत कम लोग करते हैं, यह दुनिया के लिए एक मिसाल होगी, जो समाज को बांटने और इंसानियत को बांटने की बात करते हैं. उनके लिए बहुत बड़ा तमाचा है.
Source:-ZEENEWS
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
Friday, 8 June 2018
'उत्तर कोरिया चाहता है परमाणु हथियारों से दूरी, अमेरिका से जाहिर की अपनी ख्वाहिश'
वॉशिंगटन: अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने कहा है कि उत्तर कोरिया ने परमाणु निरस्त्रीकरण करने की अपनी इच्छा की पुष्टि अमेरिका से की है. साथ ही पोम्पिओ ने इस बात पर जोर दिया कि 12 जून को सिंगापुर में होने वाली बैठक के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप किसी ‘‘खराब सौदे’’ पर राजी नहीं होंगे.
विदेश मंत्री का कहना है कि डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग - उन के बीच बैठक के दौरान होने वाले किसी भी समझौते को पुष्टि के लिए कांग्रेस के समक्ष रखा जाएगा. समझौते पर संसद की मंजूरी इसलिए मांगी जाएगी ताकि भविष्य में आने वाली सरकारें उसे पलट ना सकें.
व्हाइट हाउस के संवाददाता सम्मेलन में पोम्पिओ ने कहा, ‘‘बैठक की तैयारियों के लिए अमेरिका और उत्तर कोरिया सीधी बातचीत कर रहे हैं. उत्तर कोरिया ने परमाणु निरस्त्रीकरण पर अपनी इच्छा की अमेरिका से पुष्टि भी की है. ’’ उन्होंने कहा कि ट्रंप इस संबंध में प्रत्येक सूचना पर करीब से नजर रख रहे हैं और अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम से रोजाना इस संबंध में जानकारी लेते हैं.
उत्तर कोरिया को शिखर वार्ता से पहले राजनीतिक कैदियों को रिहा करना चाहिए : विशेषज्ञ
वहीं दूसरी ओर संयुक्त राष्ट्र के एक विशेषज्ञ ने कहा है कि अमेरिका के साथ परमाणु निरस्त्रीकरण वार्ता से पहले उत्तर कोरिया को राजनीतिक कैदियों की रिहाई प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए और उसे विश्व निकाय के साथ मिलकर मानवाधिकार के क्षेत्र में काम करना चाहिए. पिछले महीने उत्तर कोरिया की ओर से तीन अमेरिकी नागरिकों को रिहा किये जाने का स्वागत करते हुए डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कोरिया (डीपीआरके) में मानवाधिकार स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत तोमस ओजिया क्विंताना ने यह टिप्पणी की.
डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कोरिया (डीपीआरके) उत्तर कोरिया का आधिकारिक नाम है. जिनेवा में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान क्विंताना ने उत्तर कोरिया में मनमाने तरीके से कैद किये गए लोगों की रिहाई के बारे में शासन को ठोस संकेत देने की अपील की.
क्विंताना ने कहा, ‘‘यह एक क्रमिक प्रक्रिया हो सकती है. ऐसा नहीं, कि मैं कह रहा हूं कि आप इन सभी कारागारों खोल दें और कैदियों को रिहा कर दीजिए क्योंकि मैं एक जिम्मेदार विशेषज्ञ हूं. मैं यह कह रहा हूं कि अमेरिकी कैदियों की रिहाई के बाद एक क्रमिक प्रक्रिया शुरू करने की जरूरत है.’’ उत्तर कोरिया में कैद किये गए राजनीतिक कैदियों की संख्या के बारे में जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है लेकिन ऐसा अनुमान है कि इसकी संख्या 80 हजार से अधिक है.
Source:-ZEENEWS
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
विदेश मंत्री का कहना है कि डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग - उन के बीच बैठक के दौरान होने वाले किसी भी समझौते को पुष्टि के लिए कांग्रेस के समक्ष रखा जाएगा. समझौते पर संसद की मंजूरी इसलिए मांगी जाएगी ताकि भविष्य में आने वाली सरकारें उसे पलट ना सकें.
व्हाइट हाउस के संवाददाता सम्मेलन में पोम्पिओ ने कहा, ‘‘बैठक की तैयारियों के लिए अमेरिका और उत्तर कोरिया सीधी बातचीत कर रहे हैं. उत्तर कोरिया ने परमाणु निरस्त्रीकरण पर अपनी इच्छा की अमेरिका से पुष्टि भी की है. ’’ उन्होंने कहा कि ट्रंप इस संबंध में प्रत्येक सूचना पर करीब से नजर रख रहे हैं और अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम से रोजाना इस संबंध में जानकारी लेते हैं.
उत्तर कोरिया को शिखर वार्ता से पहले राजनीतिक कैदियों को रिहा करना चाहिए : विशेषज्ञ
वहीं दूसरी ओर संयुक्त राष्ट्र के एक विशेषज्ञ ने कहा है कि अमेरिका के साथ परमाणु निरस्त्रीकरण वार्ता से पहले उत्तर कोरिया को राजनीतिक कैदियों की रिहाई प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए और उसे विश्व निकाय के साथ मिलकर मानवाधिकार के क्षेत्र में काम करना चाहिए. पिछले महीने उत्तर कोरिया की ओर से तीन अमेरिकी नागरिकों को रिहा किये जाने का स्वागत करते हुए डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कोरिया (डीपीआरके) में मानवाधिकार स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत तोमस ओजिया क्विंताना ने यह टिप्पणी की.
डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कोरिया (डीपीआरके) उत्तर कोरिया का आधिकारिक नाम है. जिनेवा में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान क्विंताना ने उत्तर कोरिया में मनमाने तरीके से कैद किये गए लोगों की रिहाई के बारे में शासन को ठोस संकेत देने की अपील की.
क्विंताना ने कहा, ‘‘यह एक क्रमिक प्रक्रिया हो सकती है. ऐसा नहीं, कि मैं कह रहा हूं कि आप इन सभी कारागारों खोल दें और कैदियों को रिहा कर दीजिए क्योंकि मैं एक जिम्मेदार विशेषज्ञ हूं. मैं यह कह रहा हूं कि अमेरिकी कैदियों की रिहाई के बाद एक क्रमिक प्रक्रिया शुरू करने की जरूरत है.’’ उत्तर कोरिया में कैद किये गए राजनीतिक कैदियों की संख्या के बारे में जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है लेकिन ऐसा अनुमान है कि इसकी संख्या 80 हजार से अधिक है.
Source:-ZEENEWS
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
Thursday, 7 June 2018
मप्र: तेज बारिश में आकाशीय बिजली गिरने से 8 लोगों की मौत, नौ घायल
भोपाल: मानसून के दस्तक के बीच पूरे देश के कई राज्यों में आंधी-बारिश की चेतावनी जारी कर दी गई है. मध्यप्रदेश में भी बुधवार रात मौसम ने करवट बदली और कई जगह तेज बारिश के साथ गर्मी से राहत मिली. लेकिन इसी बारिश में आकाशीय बिजली गिरने से प्रदेश के कई हिस्सों में मौतें हुईं और कई लोग घायल हो गए.
बुधवार दोपहर करीब 3 बजे अमिलिया थानांतर्गत ग्राम हिनौती में तेज बारिश हुई जिससे बचने के लिए गांव के पांच लोग आम के पेड़ के नीचे रुक गए तभी अचानक आकाशीय बिजली गिरने से उसकी चपेट में आने से प्रदीप पटेल पिता शिवकुमार पटेल उम्र 32 वर्ष निवासी हिनौती और सुनीता उर्फ़ सुधा पिता सूर्य लाल सिंह उम्र 16 वर्ष निवासी हनुमना रीवा महादेवा की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई और तीन लोग गम्भीर रूप से घायल हो गए. वही मझौली के महू हरिया गांव में भी आकाशीय बिजली गिरने से एक अज्ञात व्यक्ति की मौत हो गई.
दूसरी तरफ रीवा जिले के नईगढ़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले माडौ गांव में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से आदिवासी परिवार के 6 लोग गंभीर रूप से हुए घायल हो गए. सभी का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नईगढ़ी में चल रहा है.
प्रदेश के सतना जिले के अलग-अलग क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने से चार लोगों की मौत हो गयी. पहली घटना बरौंधा थाने के पडरी गांव में आम तोड़ते समय तेज तूफानी बारिश के साथ बिजली गिरने से 60 वर्षीय सिपाहीलाल वर्मा और 20 वर्षीय दिलीप वर्मा की मौत हो गई. दूसरी घटना सभापुर थाने के पिपरी टोला की है, जहां खेत मे काम करते समय आकाशीय बिजली गिरने से पति पत्नी की मौत ही गई. चारों लाशों का पोस्टमार्टम करके पुलिस ने उन्हें परिजनों को सौंप दिया है.
Source:-ZEENEWS
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
बुधवार दोपहर करीब 3 बजे अमिलिया थानांतर्गत ग्राम हिनौती में तेज बारिश हुई जिससे बचने के लिए गांव के पांच लोग आम के पेड़ के नीचे रुक गए तभी अचानक आकाशीय बिजली गिरने से उसकी चपेट में आने से प्रदीप पटेल पिता शिवकुमार पटेल उम्र 32 वर्ष निवासी हिनौती और सुनीता उर्फ़ सुधा पिता सूर्य लाल सिंह उम्र 16 वर्ष निवासी हनुमना रीवा महादेवा की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई और तीन लोग गम्भीर रूप से घायल हो गए. वही मझौली के महू हरिया गांव में भी आकाशीय बिजली गिरने से एक अज्ञात व्यक्ति की मौत हो गई.
दूसरी तरफ रीवा जिले के नईगढ़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले माडौ गांव में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से आदिवासी परिवार के 6 लोग गंभीर रूप से हुए घायल हो गए. सभी का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नईगढ़ी में चल रहा है.
प्रदेश के सतना जिले के अलग-अलग क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने से चार लोगों की मौत हो गयी. पहली घटना बरौंधा थाने के पडरी गांव में आम तोड़ते समय तेज तूफानी बारिश के साथ बिजली गिरने से 60 वर्षीय सिपाहीलाल वर्मा और 20 वर्षीय दिलीप वर्मा की मौत हो गई. दूसरी घटना सभापुर थाने के पिपरी टोला की है, जहां खेत मे काम करते समय आकाशीय बिजली गिरने से पति पत्नी की मौत ही गई. चारों लाशों का पोस्टमार्टम करके पुलिस ने उन्हें परिजनों को सौंप दिया है.
Source:-ZEENEWS
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
Tuesday, 5 June 2018
नीतीश कुमार बड़े भ्रष्टाचारी, रेनकोट पहनकर कर रहे हैं राजनीति : शिवानंद तिवारी
पटना : राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर बड़ा आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि सीएम नीतीश बड़े भ्रष्टाचारी नेता हैं, मैं उन्हें व्यक्तिगत तौर पर जानता हूं. उन्होंने कहा कि वह रेनकोट पहनकर राजनीति कर रहे हैं.
शिवानंद तिवारी ने कहा कि देश में भ्रष्टाचार कभी मुद्दा नहीं रहा, नीतीश कुमार ने आरजेडी से भागने के लिए भ्रष्टाचार का नाम लिया.
ज्ञात हो कि इन दिनों बिहार में सियासी घमासान मचा हुआ है. सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के घटक दलों के नेताओं के बयान के बाद गठबंधन में दरार दिखने लगी थी. जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) नेताओं ने एक सुर में नीतीश कुमार को बिहार में एनडीए का चेहरा बताया, तो भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ने की बात कहीं.
इस सबके बीच विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने भी ट्वीट कर नीतीश कुमार और सुशील मोदी पर हमला किया. उन्होंने कहा कि क्या सुशील मोदी क्या यह बताएंगे कि नीतीश कुमार बिहार में नरेंद्र मोदी से ज्यादा प्रभावशाली नेता हैं?
Source:-ZEENEWS
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
शिवानंद तिवारी ने कहा कि देश में भ्रष्टाचार कभी मुद्दा नहीं रहा, नीतीश कुमार ने आरजेडी से भागने के लिए भ्रष्टाचार का नाम लिया.
ज्ञात हो कि इन दिनों बिहार में सियासी घमासान मचा हुआ है. सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के घटक दलों के नेताओं के बयान के बाद गठबंधन में दरार दिखने लगी थी. जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) नेताओं ने एक सुर में नीतीश कुमार को बिहार में एनडीए का चेहरा बताया, तो भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ने की बात कहीं.
इस सबके बीच विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने भी ट्वीट कर नीतीश कुमार और सुशील मोदी पर हमला किया. उन्होंने कहा कि क्या सुशील मोदी क्या यह बताएंगे कि नीतीश कुमार बिहार में नरेंद्र मोदी से ज्यादा प्रभावशाली नेता हैं?
Source:-ZEENEWS
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
Monday, 4 June 2018
लापरवाहीः गिरिडीह में भूख से महिला की मौत, प्रशासन में मचा हड़कंप
गिरिडीहः झारखंड के गिरिडीह जिले के मधुबन थाना क्षेत्र के मगरगढ़ी गांव में एक महिला की मौत हो गई. परिजनों का कहना है कि सावित्री देवी की मौत भूख के कारण हो गई. उसे तीन दिनों से खाना नहीं मिला था. इस वजह से उसकी मौत हो गई. इस घटना ने सरकारी योजनाओं की पोल खोल दी है. मामला जब सरकारी महकमों तक पहुंचा तो प्रशासन में हरकंप मच गया. जिला प्रशासन हरकत में आ गया है.
मधुबन थाना क्षेत्र के मंगरगढ़ी गांव की रहने वाली महिला 58 वर्षिय सावित्री देवी की मौत खाना नहीं मिलने के कारण हो गई है. सरकार द्वारा चलाये जा रहे विभिन्न योजनाओ का लाभ महिला को नहीं मिल पाया. प्रशासनिक पदाधिकारियों व स्थानीय पंचायत सेवक की लापरवाही के कारण महिला का राशन कार्ड नहीं बन पाया था. इस वजह से उसे अनाज भी नहीं मिल रहा था. एमओ शीतल प्रसाद ने बताया कि महिला की मौत भूख के कारण से हुई है. दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. स्थानीय डीलर का लाइसेंस भी रद्द किया जायेगा.
मृतका की बहू सरस्वती देवी ने बताया कि सावित्री देवी को पिछले तीन दिनों से खाना नहीं मिला था. घर की माली स्थिति भी काफी खराब है. दोनों बेटे बाहर काम करके किसी तरह परिवारवालों का भरण-पोषण करते है. लेकिन पिछले कई दिनों से संपर्क नहीं हो पा रहा था, जिस कारण परेशानी और बढ़ गई थी, किसी तरह आस-पास के लोगों से मांग कर खाना खा रही थी. राशन कार्ड बनवाने के लिए कई बार आवेदन दिया गया था लेकिन किसी ने भी इस मामले को गंभरीता से नहीं लिया और उनका राशनकार्ड नही बन पाया था.
भुख से मौत मामले पर डुमरी के विधायक जगरनाथ महतो ने कहा कि मामला काफी गंभीर है. अधिकारियों की लापरवाही के कारण महिला की मौत हुई है. घटना की पुनरावृति ना हो इसलिए मामले को विधानसभा में भी आवाज उठाई जाएगी. वहीं चैनपुर पंचायत के मुखिया रामप्रसाद महतो ने कहा कि मुख्यमंत्री के आदेश के बाद इस गरीब महिला के आवेदन को सत्यापित करते हुए राशन कार्ड हेतु ऑनलाइन अप्लाई किया गया था. लेकिन विभागीय अधिकारियों और कर्मियों की लापरवाही से राशन कार्ड निर्गत नहीं हो पाया. और अनाज के अभाव मे उसकी मौत हो गई.
बहरहाल सरकार चाहे लाख दावे कर ले लेकिन आज भी अधिकारियों की लापरवाही के कारण भूख से राज्य के अलग-अलग जिलो में लोगों की जान जा रही है. नेता बयान दे रहे हैं और अधिकारी कार्रवाई की बात कह रहे हैं. लेकिन इस लापरवाही पर कार्रवाई और ऐसी घटना दोबारा न हो इसके लिए मामले को सरकार कितनी गंभीरता से लेती है. यह बड़ा सवाल है.
Source:-ZEENEWS
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
मधुबन थाना क्षेत्र के मंगरगढ़ी गांव की रहने वाली महिला 58 वर्षिय सावित्री देवी की मौत खाना नहीं मिलने के कारण हो गई है. सरकार द्वारा चलाये जा रहे विभिन्न योजनाओ का लाभ महिला को नहीं मिल पाया. प्रशासनिक पदाधिकारियों व स्थानीय पंचायत सेवक की लापरवाही के कारण महिला का राशन कार्ड नहीं बन पाया था. इस वजह से उसे अनाज भी नहीं मिल रहा था. एमओ शीतल प्रसाद ने बताया कि महिला की मौत भूख के कारण से हुई है. दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. स्थानीय डीलर का लाइसेंस भी रद्द किया जायेगा.
मृतका की बहू सरस्वती देवी ने बताया कि सावित्री देवी को पिछले तीन दिनों से खाना नहीं मिला था. घर की माली स्थिति भी काफी खराब है. दोनों बेटे बाहर काम करके किसी तरह परिवारवालों का भरण-पोषण करते है. लेकिन पिछले कई दिनों से संपर्क नहीं हो पा रहा था, जिस कारण परेशानी और बढ़ गई थी, किसी तरह आस-पास के लोगों से मांग कर खाना खा रही थी. राशन कार्ड बनवाने के लिए कई बार आवेदन दिया गया था लेकिन किसी ने भी इस मामले को गंभरीता से नहीं लिया और उनका राशनकार्ड नही बन पाया था.
भुख से मौत मामले पर डुमरी के विधायक जगरनाथ महतो ने कहा कि मामला काफी गंभीर है. अधिकारियों की लापरवाही के कारण महिला की मौत हुई है. घटना की पुनरावृति ना हो इसलिए मामले को विधानसभा में भी आवाज उठाई जाएगी. वहीं चैनपुर पंचायत के मुखिया रामप्रसाद महतो ने कहा कि मुख्यमंत्री के आदेश के बाद इस गरीब महिला के आवेदन को सत्यापित करते हुए राशन कार्ड हेतु ऑनलाइन अप्लाई किया गया था. लेकिन विभागीय अधिकारियों और कर्मियों की लापरवाही से राशन कार्ड निर्गत नहीं हो पाया. और अनाज के अभाव मे उसकी मौत हो गई.
बहरहाल सरकार चाहे लाख दावे कर ले लेकिन आज भी अधिकारियों की लापरवाही के कारण भूख से राज्य के अलग-अलग जिलो में लोगों की जान जा रही है. नेता बयान दे रहे हैं और अधिकारी कार्रवाई की बात कह रहे हैं. लेकिन इस लापरवाही पर कार्रवाई और ऐसी घटना दोबारा न हो इसके लिए मामले को सरकार कितनी गंभीरता से लेती है. यह बड़ा सवाल है.
Source:-ZEENEWS
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
Friday, 1 June 2018
केरल में 'निपाह' से अब तक 16 लोगों की मौत, लोक सेवा आयोग की परीक्षाएं स्थगित
कोझिकोड (केरल): केरल सरकार ने जानलेवा वायरस निपाह पर चौकसी बढ़ा दी है. बालुसेरी के एक अस्पताल के कर्मचारियों को एहतियात के तौर पर छुट्टी पर जाने को कहा गया है. दूसरी तरफ, लोक सेवा आयोग ने भी अपने सभी लिखित और ऑनलाइन परीक्षाएं 16 जून तक के लिए स्थगित कर दी हैं.नयी तारीखों की घोषणाएं बाद में की जाएंगी.इसके अलावा दोनों जिलों में इस माह होने वाली सारी बैठकें स्थगित कर दी गईं हैं. लोगों से बेहद सतर्क रहने को कहा गया है.निपाह वायरस से कोझिकोड और मलप्पुरम जिले में 16 जानें जा चुकी हैं.एक अधिकारी ने कहा कि आज इसका कोई मामला सामने नहीं आया है लेकिन वायरस के लक्षण वाले छह लोगों को कोझिकोड मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है.कोझिकोड मेडिकल कॉलेज मे एक नियंत्रण कक्ष बनाया गया है जो कि लोगों से संपर्क कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेगा.निपाह वायरस से दो लोगों की मौत के बाद बालुसेरी स्थित एक अस्पताल में चार डॉक्टरों और नर्सों सहित कई कर्मचारियों को छुट्टी पर जाने के लिए कहा गया है.
स्वास्थ्य मंत्री के के शैलजा ने कहा कि कोझिकोड और मलप्पुरम जिले में वायरस के दूसरे फेज में पहुंचने की आशंका के मद्देनजर सरकार ने एहतियाती कदम उठाए हैं और लोगों से सतर्क रहने के लिए कहा है. मंत्री की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि नेशनल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल से विशेषज्ञों का दल स्थिति का आकलन कर रहा है और एहतियाती कदम उठा रहा है. केरल के उत्तरी जिलों में इस वायरस से अभी तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है.अधिकारी ने बताया कि अस्पताल के संचालन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है.रेसीन (25) का निधन कल निपाह वायरस के कारण हुआ. उसका इलाज पहले बालुसेरी अस्पताल में चल रहा था . उस समय निपाह वायरस की चपेट में आए निखिल नामक शख्स का इलाज वहां जारी था.सूत्र ने बताया कि कोझिकोड जिला कलेक्टर यू वी जोस निपाह वायरस के मद्देनजर जिले की मौजूदा स्थिति की एक रिपोर्ट केरल उच्च न्यायालय में दायर करेंगे.सूत्र ने बताया कि रिपोर्ट पूरी हो गई है.निपाह के कारण कोझिकोड जिला अदालत परिसर के एक अधीक्षक की मौत के कारण बार संघ ने कलेक्टर से कुछ समय के लिए जिला अदालत को बंद करने की अपील की है.
Source:-NDTV
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
स्वास्थ्य मंत्री के के शैलजा ने कहा कि कोझिकोड और मलप्पुरम जिले में वायरस के दूसरे फेज में पहुंचने की आशंका के मद्देनजर सरकार ने एहतियाती कदम उठाए हैं और लोगों से सतर्क रहने के लिए कहा है. मंत्री की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि नेशनल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल से विशेषज्ञों का दल स्थिति का आकलन कर रहा है और एहतियाती कदम उठा रहा है. केरल के उत्तरी जिलों में इस वायरस से अभी तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है.अधिकारी ने बताया कि अस्पताल के संचालन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है.रेसीन (25) का निधन कल निपाह वायरस के कारण हुआ. उसका इलाज पहले बालुसेरी अस्पताल में चल रहा था . उस समय निपाह वायरस की चपेट में आए निखिल नामक शख्स का इलाज वहां जारी था.सूत्र ने बताया कि कोझिकोड जिला कलेक्टर यू वी जोस निपाह वायरस के मद्देनजर जिले की मौजूदा स्थिति की एक रिपोर्ट केरल उच्च न्यायालय में दायर करेंगे.सूत्र ने बताया कि रिपोर्ट पूरी हो गई है.निपाह के कारण कोझिकोड जिला अदालत परिसर के एक अधीक्षक की मौत के कारण बार संघ ने कलेक्टर से कुछ समय के लिए जिला अदालत को बंद करने की अपील की है.
Source:-NDTV
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
Thursday, 31 May 2018
उपचुनाव में हारने के बाद योगी के मंत्री बोले, 'गर्मियों की छुट्टियां मनाने गए थे हमारे वोटर्स'
नई दिल्ली/शाहजहांपुर: कैराना और नूरपुर में बीजेपी की करारी हार के बाद बीजेपी नेताओं के बेतुके बयान भी अब सामने आ रहे हैं. यूपी के कैबिनेट मिनिस्टर चौधरी लक्ष्मी नारायण का कहना है कि उनके वोटर इन दिनों गर्मियों की छुट्टियां मनाने गए हुए थे, जिसके कारण वो वोट नहीं डाल सके और उनकी पार्टी की हार हुई है. हालांकि उनका ये भी कहना था कि जिस तरीके से धीरे-धीरे विपक्ष एकजुट हो रहा है वो भी एक बड़ी हार की वजह बना. लेकिन, बीजेपी इस हार को चुनौती के तौर पर स्वीकार करती है.
जिला योजना समिति की बैठक में दिया बयान
यूपी के कैबिनेट मिनिस्टर चौधरी लक्ष्मी नारायण ये बेतुका बयान शाहजहांपुर में जिला योजना समिति की बैठक में दिया. इस बैठक में उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कैराना और नूरपुर सीट पर हुए उपचुनाव में मिली हार को स्वीकार करते हुए कहा, 'उनके वोटर इन दिनों गर्मी की छुट्टियां मनाने गए हुए थे, जिसके कारण वे लोग वोट नहीं डाल सके और पार्टी की हार हो गई'.
महागठबंधन भी पार्टी की हार का एक बड़ा कारण
गोरखपुर और फूलपुर के बाद कैराना और नूरपुर सीट पर भी हार का सामने करने के बाद उन्होंने ये भी स्वीकार किया कि बीजेपी के खिलाफ बने विपक्षी दलों का महागठबंधन भी पार्टी की हार का एक बड़ा कारण है. उन्होंने कहा कि दोनों सीटों पर मिली हार को बीजेपी एक चुनौती के रुप में लेगी और आने वाले 2019 लोकसभा चुनाव में पार्टी को बेहतर नतीजे मिलेंगे.
Source:-Zeenews
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
जिला योजना समिति की बैठक में दिया बयान
यूपी के कैबिनेट मिनिस्टर चौधरी लक्ष्मी नारायण ये बेतुका बयान शाहजहांपुर में जिला योजना समिति की बैठक में दिया. इस बैठक में उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कैराना और नूरपुर सीट पर हुए उपचुनाव में मिली हार को स्वीकार करते हुए कहा, 'उनके वोटर इन दिनों गर्मी की छुट्टियां मनाने गए हुए थे, जिसके कारण वे लोग वोट नहीं डाल सके और पार्टी की हार हो गई'.
महागठबंधन भी पार्टी की हार का एक बड़ा कारण
गोरखपुर और फूलपुर के बाद कैराना और नूरपुर सीट पर भी हार का सामने करने के बाद उन्होंने ये भी स्वीकार किया कि बीजेपी के खिलाफ बने विपक्षी दलों का महागठबंधन भी पार्टी की हार का एक बड़ा कारण है. उन्होंने कहा कि दोनों सीटों पर मिली हार को बीजेपी एक चुनौती के रुप में लेगी और आने वाले 2019 लोकसभा चुनाव में पार्टी को बेहतर नतीजे मिलेंगे.
Source:-Zeenews
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
अमेरिका के लिए और खास बना भारत! पैसिफिक कमांड का नाम बदल कर इंडो-पैसिफिक किया
वॉशिंगटन: हिन्द और प्रशांत महासागरों के बीच बढ़ते संपर्क को देखते हुये ट्रंप प्रशासन ने गुरुवार (31 मई) को अमेरिका प्रशांत कमान का नाम बदल कर अमेरिका हिंद-प्रशांत कमान कर दिया है. यह कदम अमेरिकी रणनीतिक सोच में हिंद महासागर के बढ़ते महत्व को भी दर्शाता है. द्वितीय विश्व युद्ध के बाद गठित अमेरिका प्रशांत कमान या पीएसीओएम को अब से हिन्द-प्रशांत कमान के नाम से जाना जाएगा. सत्ता में आने के तुरंत बाद ट्रंप प्रशासन ने एशिया प्रशांत का नाम बदल कर भारत-प्रशांत कर दिया था और क्षेत्र में भारत को एक विशिष्ट दर्जा दिया.
अमेरिका के रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने ज्वॉइंट बेस पर्ल हार्बर में चेंज ऑफ गार्ड सेरेमनी के दौरान इस आशय की घोषणा की. कार्यक्रम के दौरान एडमिरल फिल डेविडसन ने अमेरिका हिंद-प्रशांत कमान या हिंद पीएसीओएम के कमांडर के रूप में हैरी हैरिस का स्थान लिया.
हवाई में अमेरिकी प्रशांत कमान के मुख्यालय के रास्ते में मैटिस ने पत्रकारों से कहा, ‘‘हम प्रशांत देशों के साथ परिपाटी से हटकर सहयोग कर रहे हैं. दुनिया में काम करने का हमारा यह तरीका है.’’ उन्होंने चीन से निमंत्रण वापस लेने के पेंटागन के हाल के फैसले पर एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘अगर हमें ऐसा लगता है कि अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हो रहा है, किसी मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय न्यायाधिकरणों के फैसले का उल्लंघन हो रहा है तो हम उसका विरोध करेंगे. इसी क्रम में हम प्रशांत क्षेत्र में बहुत ही पारदर्शी सैन्य गतिविधि कर रहे हैं.’’
Source:-Zeenews
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
अमेरिका के रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने ज्वॉइंट बेस पर्ल हार्बर में चेंज ऑफ गार्ड सेरेमनी के दौरान इस आशय की घोषणा की. कार्यक्रम के दौरान एडमिरल फिल डेविडसन ने अमेरिका हिंद-प्रशांत कमान या हिंद पीएसीओएम के कमांडर के रूप में हैरी हैरिस का स्थान लिया.
हवाई में अमेरिकी प्रशांत कमान के मुख्यालय के रास्ते में मैटिस ने पत्रकारों से कहा, ‘‘हम प्रशांत देशों के साथ परिपाटी से हटकर सहयोग कर रहे हैं. दुनिया में काम करने का हमारा यह तरीका है.’’ उन्होंने चीन से निमंत्रण वापस लेने के पेंटागन के हाल के फैसले पर एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘अगर हमें ऐसा लगता है कि अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हो रहा है, किसी मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय न्यायाधिकरणों के फैसले का उल्लंघन हो रहा है तो हम उसका विरोध करेंगे. इसी क्रम में हम प्रशांत क्षेत्र में बहुत ही पारदर्शी सैन्य गतिविधि कर रहे हैं.’’
Source:-Zeenews
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
Friday, 25 May 2018
बोधगया सीरियल बम ब्लास्ट केस में सभी आरोपी दोषी करार, NIA कोर्ट ने सुनाया फैसला
गया : भगवान बुद्ध की ज्ञानस्थली बोधगया में वर्ष 2013 में हुए सीरियल बम ब्लास्ट केस में एनआई कोर्ट ने सभी आरोपियों को दोषी करार दिया है. एनआईए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश मनोज कुमार ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद फैसला सुनाया. सुनवाई के लिए पांच आरोपियों को एनआईए कोर्ट में पेश किया गया था. सुनवाई शुरू होने पहले महाबोधि मंदिर में दोषियों को कड़ी सजा और विश्व शांति के लिए बौद्ध भिक्षुओं ने विशेष पूजा की गई.
सात जुलाई 2013 की सुबह बोधगया में सीरियल बम धमाके हुए थे और तीन अलग-अलग जगहों से जिंदा बम भी बरामद किया गया था. इस पूरे मामले की जांच देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी एनआईए कर रही है. एनआईए ने बम धमाका मामले में 6 आतंकियों को गिरफ्तार किया था, जिन्हें पटना के बेऊर जेल में रखा गया.
फैसला से पहले महाबोधि मंदिर में बौद्ध भिक्षुओं ने विशेष पूजा अर्चना और सुतपाठ किया. भिक्षुओं ने आरोपियों को कड़ी सजा और विश्व शांति के लिए प्रर्थना की.
इस धमाके में एक तिब्बती बौद्ध भिक्षु और म्यांमार के तीर्थ यात्री घायल हो गए थे. बोधगया ब्लास्ट में एनआईए की तरफ से 90 गवाहों को पेश किया था. विशेष न्यायाधीश ने 11 मई 2018 को बहस पूरी होने के बाद निर्णय 25 मई के लिए सुरक्षित रख लिया था.
हाल ही में कोलकाता पुलिस ने बोधगया बम बरामदगी मामले से जुड़े होने के आरोप में आतंकवादी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) के एक संदिग्ध सदस्य को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तार आरोपी की उम्र 20-25 साल थी, जिसे पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के धुलियां से पकड़ा था. उसकी शिनाख्त नूर आलम के रूप में हुई थी.
Source:-Zeenews
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
सात जुलाई 2013 की सुबह बोधगया में सीरियल बम धमाके हुए थे और तीन अलग-अलग जगहों से जिंदा बम भी बरामद किया गया था. इस पूरे मामले की जांच देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी एनआईए कर रही है. एनआईए ने बम धमाका मामले में 6 आतंकियों को गिरफ्तार किया था, जिन्हें पटना के बेऊर जेल में रखा गया.
फैसला से पहले महाबोधि मंदिर में बौद्ध भिक्षुओं ने विशेष पूजा अर्चना और सुतपाठ किया. भिक्षुओं ने आरोपियों को कड़ी सजा और विश्व शांति के लिए प्रर्थना की.
इस धमाके में एक तिब्बती बौद्ध भिक्षु और म्यांमार के तीर्थ यात्री घायल हो गए थे. बोधगया ब्लास्ट में एनआईए की तरफ से 90 गवाहों को पेश किया था. विशेष न्यायाधीश ने 11 मई 2018 को बहस पूरी होने के बाद निर्णय 25 मई के लिए सुरक्षित रख लिया था.
हाल ही में कोलकाता पुलिस ने बोधगया बम बरामदगी मामले से जुड़े होने के आरोप में आतंकवादी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) के एक संदिग्ध सदस्य को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तार आरोपी की उम्र 20-25 साल थी, जिसे पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के धुलियां से पकड़ा था. उसकी शिनाख्त नूर आलम के रूप में हुई थी.
Source:-Zeenews
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
Thursday, 24 May 2018
अमेरिका के साथ बैठक पर बोला नॉर्थ कोरिया, द्विपक्षीय बैठक पर निर्भर करेगा भविष्य
प्योंगयांग : उत्तर कोरिया ने अमेरिका के साथ होने वाली द्विपक्षीय बैठक पर बड़ा बयान दिया है. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उत्तर कोरिया का मानना है कि भावी द्विपक्षीय बैठक का भविष्य पूरी तरह से वॉशिंगटन पर निर्भर करेगा. दोनों देश सिंगापुर में 12 जून को होने वाले ऐतिहासिक सम्मेलन को रद्द करने की धमकी दे चुके हैं.
उत्तर कोरिया के उपविदेश मंत्री चो सोन हुई ने कहा, "अमेरिका हमसे बैठक कक्ष में मिलेगा या हमसे परमाणु मुकाबला करेगा यह पूरी तरह से अमेरिका के रुख और फैसले पर निर्भर करेगा." चो का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन के बीच मुलाकात को लेकर संशय बना हुआ है. गौरतलब है कि प्योंगयांग ने एकपक्षीय परमाणु निरस्त्रीकरण के मॉडल को थोपने के व्हाइट हाउस के दबाव की वजह से इस बैठक से पीछे हटने की धमकी दी थी.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा , ' हम देखेंगे की क्या होता है. सिंगापुर पर हम देखेंगे की क्या होता है. और यह (शिखर वार्ता) हो सकती है. यह बहुत अच्छा हो सकता है. लेकिन जो है वह है, इन अनिश्चिताओं के बावजूद व्हाइट हाउस शिखर वार्ता की तैयारियां कर रहा है. इस बीच एएफपी की खबर के अनुसार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद समिति ट्रंप-किम की शिखर वार्ता के लिए सिंगापुर जाने वाले उत्तर कोरियाई अधिकारियों पर यात्रा प्रतिबंध हटाने को तैयार हो गई है.
Source:-Zeenews
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
उत्तर कोरिया के उपविदेश मंत्री चो सोन हुई ने कहा, "अमेरिका हमसे बैठक कक्ष में मिलेगा या हमसे परमाणु मुकाबला करेगा यह पूरी तरह से अमेरिका के रुख और फैसले पर निर्भर करेगा." चो का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन के बीच मुलाकात को लेकर संशय बना हुआ है. गौरतलब है कि प्योंगयांग ने एकपक्षीय परमाणु निरस्त्रीकरण के मॉडल को थोपने के व्हाइट हाउस के दबाव की वजह से इस बैठक से पीछे हटने की धमकी दी थी.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा , ' हम देखेंगे की क्या होता है. सिंगापुर पर हम देखेंगे की क्या होता है. और यह (शिखर वार्ता) हो सकती है. यह बहुत अच्छा हो सकता है. लेकिन जो है वह है, इन अनिश्चिताओं के बावजूद व्हाइट हाउस शिखर वार्ता की तैयारियां कर रहा है. इस बीच एएफपी की खबर के अनुसार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद समिति ट्रंप-किम की शिखर वार्ता के लिए सिंगापुर जाने वाले उत्तर कोरियाई अधिकारियों पर यात्रा प्रतिबंध हटाने को तैयार हो गई है.
Source:-Zeenews
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
Friday, 18 May 2018
योगी के मंत्री राजभर बोले- 'भारत की 100 करोड़ आबादी के खून में भ्रष्टाचार है'
नई दिल्ली/हमीरपुर: उत्तर प्रदेश में कैबिनेट मंत्री और सोहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने हमीरपुर में भागीदारी आंदोलन मंच के कार्यक्रम में हिस्सा लिया. उन्होंने दलितों, अति पिछड़ों और अल्पसंख्यकों को उनके अधिकार दिलाने की वकालत की. वाराणसी हादसे पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा 'भारत की सवा सौ करोड़ की आबादी में सौ करोड़ लोगों के खून में भ्रष्टाचार है, हमारे देश के प्रधानमंत्री खुद भ्रष्टाचार की लड़ाई लड़ रहे हैं. जिसे सुधारने में समय लगेगा'. वहीं उन्होंने प्रदेश में शराबबंदी की मांग को लेकर 20 मई को 50 हजार महिलाओ के साथ जोरदार आंदोलन करने की घोषणा भी की.
कमजोर वर्गों के लिए शुरू की लड़ाई
ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि समाज के कमजोर तबके को उसका हक दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि पिछले 70 सालों से अति दलितों, अति पिछड़ों और अल्पसंख्यकों को भागीदारी नहीं मिली है. इसीलिए भागीदारी आंदोलन मंच ने ये लड़ाई शुरू की है.
शराब बांदी के खिलाफ 20 मई से आंदोलन
यूपी में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर प्रदेश में शराबबंदी की मांग को लेकर 20 मई को आंदोलन करने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि बलिया में करीब 50 हजार महिलाओं के साथ शराबबंदी की मांग को लेकर आंदोलन किया जाएगा.
यूपी सरकार की बढ़ाएंगे मुसीबत
ओम प्रकाश राजभर के इस रवैये से साफ है कि वो सरकार में रहते हुए भी सरकार की मुसीबत बढ़ा रहे हैं. ऐसे में देखना होगा कि पूरे मसले पर बीजेपी क्या कर पाती है. आपको बता दें कि ओम प्रकाश राजभर अपनी ही सरकार के खिलाफ लगातार विवादित बयान दे रहे है. वो बिहार की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी पूर्ण शराबबंदी लागू करने की मांग कर रहे हैं. पिछले महीने उन्होंने 20 मई को शराबबंदी के लिए आंदोलन की मांग की थी. उन्होंने साफ किया था कि शराबबंदी के जरिए मैं सरकार को डराने की कोशिश नहीं, बल्कि गरीबों को जागरूक कर रहा हूं.
Source:-Zeenews
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
कमजोर वर्गों के लिए शुरू की लड़ाई
ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि समाज के कमजोर तबके को उसका हक दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि पिछले 70 सालों से अति दलितों, अति पिछड़ों और अल्पसंख्यकों को भागीदारी नहीं मिली है. इसीलिए भागीदारी आंदोलन मंच ने ये लड़ाई शुरू की है.
शराब बांदी के खिलाफ 20 मई से आंदोलन
यूपी में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर प्रदेश में शराबबंदी की मांग को लेकर 20 मई को आंदोलन करने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि बलिया में करीब 50 हजार महिलाओं के साथ शराबबंदी की मांग को लेकर आंदोलन किया जाएगा.
यूपी सरकार की बढ़ाएंगे मुसीबत
ओम प्रकाश राजभर के इस रवैये से साफ है कि वो सरकार में रहते हुए भी सरकार की मुसीबत बढ़ा रहे हैं. ऐसे में देखना होगा कि पूरे मसले पर बीजेपी क्या कर पाती है. आपको बता दें कि ओम प्रकाश राजभर अपनी ही सरकार के खिलाफ लगातार विवादित बयान दे रहे है. वो बिहार की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी पूर्ण शराबबंदी लागू करने की मांग कर रहे हैं. पिछले महीने उन्होंने 20 मई को शराबबंदी के लिए आंदोलन की मांग की थी. उन्होंने साफ किया था कि शराबबंदी के जरिए मैं सरकार को डराने की कोशिश नहीं, बल्कि गरीबों को जागरूक कर रहा हूं.
Source:-Zeenews
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
Tuesday, 24 April 2018
भोपाल में पहली 80 रुपये के पार हुआ पेट्रोल, मई में भी बढ़ेगा आकंड़ा
भोपाल: देश में पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार बढ़त पर हैं जिसकी मार आम इंसान पर पड़ रही है. इसका सबसे ज्यादा असर मध्यप्रदेश के भोपाल में देखने को मिला जहां भोपाल में पहली बार पेट्रोल 80.09 रुपये प्रति लीटर तो डीजल 69.23 रुपये लीटर के पार हो गया. खबरों की मानें तो अभी पेट्रोल और डीजल के दामों में राहत मिलने की उम्मीद नहीं है. मई में पेट्रोल के दाम 90 रुपये तो डीजल 80 रुपये प्रति लीटर तक जाने की संभावना है. रविवार के मुकाबले पेट्रोल की कीमत में 0.14 पैसे की वृद्धि हुई है तो डीजल के भाव भी थमने का नाम नहीं ले रहे हैं.
बता दें कि सोमवार को डीजल 69.08 से बढ़कर 69.23 रुपये हो गया. डीजल की कीमत में भी 0.15 पैसे का इजाफा हुआ है. पेट्रोल डीजल का दाम बढ़ने के पीछे पेट्रोलियम कंपनियां अंतर्राष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल के दामों में लगातार इजाफा होना बता रही हैं. मप्र पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह का कहना है कि 16 जून 2017 से देशभर में हर रोज पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ रहे हैं.
10 महीने में घटे नहीं बढ़े हैं दाम
पिछले साल जून से रोजाना डीजल और पेट्रोल के दाम तय होते हैं. पिछले साल जून में पेट्रोल की कीमत 66.91 रुपए और डीजल की कीमत 55.94 रुपए थी. यानी जून 2017 से लेकर 2 अप्रैल 2018 तक पेट्रोल 06.82 रुपए और डीजल 08.75 रुपए महंगा हो चुका है. यानी कीमत घटी नहीं, सिर्फ बढ़ी है.
Source:-Zeenews
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
बता दें कि सोमवार को डीजल 69.08 से बढ़कर 69.23 रुपये हो गया. डीजल की कीमत में भी 0.15 पैसे का इजाफा हुआ है. पेट्रोल डीजल का दाम बढ़ने के पीछे पेट्रोलियम कंपनियां अंतर्राष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल के दामों में लगातार इजाफा होना बता रही हैं. मप्र पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह का कहना है कि 16 जून 2017 से देशभर में हर रोज पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ रहे हैं.
10 महीने में घटे नहीं बढ़े हैं दाम
पिछले साल जून से रोजाना डीजल और पेट्रोल के दाम तय होते हैं. पिछले साल जून में पेट्रोल की कीमत 66.91 रुपए और डीजल की कीमत 55.94 रुपए थी. यानी जून 2017 से लेकर 2 अप्रैल 2018 तक पेट्रोल 06.82 रुपए और डीजल 08.75 रुपए महंगा हो चुका है. यानी कीमत घटी नहीं, सिर्फ बढ़ी है.
Source:-Zeenews
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
Monday, 23 April 2018
मेरठ: भारी सुरक्षा के बीच RR मॉल को ध्वस्त किया गया
मेरठ: मेरठ में बंगला नंबर 210बी में अवैध तरीक से बने RR मॉल की बाकी बची दुकानों के खिलाफ सोमवार सुबह को कार्रवाई की गई. सुबह-सुबह कैंट बोर्ड के अधिकारी JCB मशीन और भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और बाकी बची दुकानों को ढहा दिया. इस कार्रवाई को लेकर पुलिस-प्रशासन ने रात में ही तैयारी पूरी कर ली थी. रविवार रात को बोर्ड ऑफिस में इसको लेकर बैठक हुई जिसमें एक्शन प्लान को फाइनल टच दिया गया. प्लान को फाइनल टच देने के बाद रविवार देर रात फोर्स ने चारों तरफ से मॉल को घेरे में लेकर अपने कब्जे में ले लिया. सुबह पूरे इलाके को सील कर कार्रवाई को अंजाम दिया गया. कार्रवाई के दौरान लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई थी.
दो साल पहले भी हुई थी कार्रवाई
करीब दो साल पहले 9 जुलाई 2016 को कैंट बोर्ड ने बंगला नंबर 210बी के RR मॉल की बहुमंजिला इमारत के खिलाफ कार्रवाई की थी. उस कार्रवाई के दौरान ऊपर के सभी फ्लोर को तोड़ कर गिरा दिया गया था. इसी दौरान मलबे में दबकर चार लोगों की मौत हो गई थी, जिसके बाद यह अभियान पूरा नहीं हो पाया था. पिछले दो सालों से ग्राउंड फ्लोर की दुकानें जस की तस पड़ी थी.
भारी संख्या में सुरक्षाकर्मी रहे तैनात
इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए मॉल और आबूलेन के आसपास के इलाके को रस्सी लगाकर बंद कर दिया गया. इस दौरान RAF और PAC के अलावा सेना की QRT टीम भी तैनात रही. भारी सुरक्षा के बीच मॉल को गिराने की कार्रवाई को अंजाम दिया गया. सुरक्षा के मद्देनजर दो ASP, पांच प्रशासनिक मजिस्ट्रेट, 12 थाना प्रभारी और RAF की एक टीम सेना के साथ तैनात रही.
Source:-Zeenews
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
दो साल पहले भी हुई थी कार्रवाई
करीब दो साल पहले 9 जुलाई 2016 को कैंट बोर्ड ने बंगला नंबर 210बी के RR मॉल की बहुमंजिला इमारत के खिलाफ कार्रवाई की थी. उस कार्रवाई के दौरान ऊपर के सभी फ्लोर को तोड़ कर गिरा दिया गया था. इसी दौरान मलबे में दबकर चार लोगों की मौत हो गई थी, जिसके बाद यह अभियान पूरा नहीं हो पाया था. पिछले दो सालों से ग्राउंड फ्लोर की दुकानें जस की तस पड़ी थी.
भारी संख्या में सुरक्षाकर्मी रहे तैनात
इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए मॉल और आबूलेन के आसपास के इलाके को रस्सी लगाकर बंद कर दिया गया. इस दौरान RAF और PAC के अलावा सेना की QRT टीम भी तैनात रही. भारी सुरक्षा के बीच मॉल को गिराने की कार्रवाई को अंजाम दिया गया. सुरक्षा के मद्देनजर दो ASP, पांच प्रशासनिक मजिस्ट्रेट, 12 थाना प्रभारी और RAF की एक टीम सेना के साथ तैनात रही.
Source:-Zeenews
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
Saturday, 21 April 2018
EXCLUSIVE: ड्रग माफिया के चंगुल में फंस रहे रोहिंग्या शरणार्थी!
कॉक्स बाजार(बांग्लादेश): म्यांमार के रखाइन प्रांत से विस्थापित हो रहे रोहिंग्या शरणार्थी ड्रग डीलरों के चंगुल में फंस रहे हैं. इस तरह के बेघर लोगों की मदद के बदले अंतरराष्ट्रीय ड्रग माफिया इनसे ड्रग्स की सप्लाई एक जगह से दूसरी जगह करने को कहते हैं. दरअसल हाल के वर्षों में रखाइन से लाखों मुस्लिम रोहिंग्या शरणार्थी बांग्लादेश और भारत जैसे मुल्कों में जा रहे हैं. झुंड की शक्ल में पहुंच रहे इन शरणार्थियों के माध्यम से ड्रग्स की सप्लाई को एक जगह से दूसरे जगह पहुंचाना डीलरों को आसान लग रहा है. इसमें खतरा कम है.
Zee मीडिया के अखबार DNA की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के मुताबिक राशिद आलम(30) जैसे कई लोगों के परिवार इन ड्रग डीलरों के चंगुल में फंसे हुए हैं. आलम सितंबर, 2017 में बांग्लादेश पहुंचा था और कॉक्स बाजार एरिया के टेकनाफ शरणार्थी शिविर में रह रहा है. दिसंबर में वह 35 हजार याबा टैबलेट्स के साथ पकड़ा गया. उसने बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश(बीजीबी) को बताया कि वह दलालों के चंगुल में फंस गया था जिन्होंने उसके परिवार को म्यामांर से सुरक्षित निकालने और बांग्लादेश में रोजगार दिलाने का भरोसा दिया था. आलम मूल रूप से म्यांमार के डोंगखाली का रहने वाला है. उसको अभी भी अपने परिवार से मिलने की उम्मीद है. इस तरह के कई पुरुष, महिलाएं अंतरराष्ट्रीय ड्रग माफिया के ड्रग्स सप्लायर हो चुके हैं.
दलाल इन लोगों को प्रलोभन देते हैं कि वे अपने वतन लौट जाएंगे या भारत एवं दक्षिण अफ्रीका में उनको नौकरी दिलाने का भरोसा देते हैं. बस इसके बदले 'मैडनेस ड्रग्स' भारतीय सीमा या बांग्लादेश के भीतर पहुंचानी होती है. इस बारे में बीजीबी के साउथ ईस्ट रीजन के कार्यकारी रीजनल कमांडर कनैल गाजी मो अहसानुजमां ने DNA से कहा, ''पिछले साल से याबा टैबलेट की स्मगलिंग में कई गुना बढ़ोतरी हुई है....हर रोज तकरीबन सवा करोड़ रुपये की याबा टैबलेट पकड़ी जा रही हैं, पहले यह कुछ लाख तक सीमित थीं.''
पिछले महीने एक महिला से 52 करोड़ रुपये की इस तरह की टैबलेट पकड़ी गई है. बीजेबी के रीजनल डायरेक्टर ब्रिगेडियर जनरल एसएम रकीबुल्ला ने बताया कि ये लोग अपने जूते में छिपाकर इनको लाते हैं. अब हर कोई रोहिंग्या को संदेह की नजर से देखता है. उन्होंने बल देते हुए कहा कि इस मानवीय संकट का कोई न कोई स्थायी समाधान निकलना चाहिए क्योंकि इनको यहां पर इस तरह से लंबे समय तक नहीं रखा जा सकता. ये जितना ज्यादा यहां रहेंगे, ड्रग माफिया के चंगुल में फंसने के चांस उतने ही ज्यादा रहेंगे. उल्लेखनीय है कि म्यांमार और बांग्लादेश के बीच 271 किमी की सीमा है, जिसमें 45 किमी की नदी सीमा भी शामिल है. इसी तरह भारत और बांग्लादेश के बीच 4,427 किमी की सीमारेखा है जिसमें 234 किमी की नदी सीमा है.
Source:-Zeenews
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
Zee मीडिया के अखबार DNA की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के मुताबिक राशिद आलम(30) जैसे कई लोगों के परिवार इन ड्रग डीलरों के चंगुल में फंसे हुए हैं. आलम सितंबर, 2017 में बांग्लादेश पहुंचा था और कॉक्स बाजार एरिया के टेकनाफ शरणार्थी शिविर में रह रहा है. दिसंबर में वह 35 हजार याबा टैबलेट्स के साथ पकड़ा गया. उसने बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश(बीजीबी) को बताया कि वह दलालों के चंगुल में फंस गया था जिन्होंने उसके परिवार को म्यामांर से सुरक्षित निकालने और बांग्लादेश में रोजगार दिलाने का भरोसा दिया था. आलम मूल रूप से म्यांमार के डोंगखाली का रहने वाला है. उसको अभी भी अपने परिवार से मिलने की उम्मीद है. इस तरह के कई पुरुष, महिलाएं अंतरराष्ट्रीय ड्रग माफिया के ड्रग्स सप्लायर हो चुके हैं.
दलाल इन लोगों को प्रलोभन देते हैं कि वे अपने वतन लौट जाएंगे या भारत एवं दक्षिण अफ्रीका में उनको नौकरी दिलाने का भरोसा देते हैं. बस इसके बदले 'मैडनेस ड्रग्स' भारतीय सीमा या बांग्लादेश के भीतर पहुंचानी होती है. इस बारे में बीजीबी के साउथ ईस्ट रीजन के कार्यकारी रीजनल कमांडर कनैल गाजी मो अहसानुजमां ने DNA से कहा, ''पिछले साल से याबा टैबलेट की स्मगलिंग में कई गुना बढ़ोतरी हुई है....हर रोज तकरीबन सवा करोड़ रुपये की याबा टैबलेट पकड़ी जा रही हैं, पहले यह कुछ लाख तक सीमित थीं.''
पिछले महीने एक महिला से 52 करोड़ रुपये की इस तरह की टैबलेट पकड़ी गई है. बीजेबी के रीजनल डायरेक्टर ब्रिगेडियर जनरल एसएम रकीबुल्ला ने बताया कि ये लोग अपने जूते में छिपाकर इनको लाते हैं. अब हर कोई रोहिंग्या को संदेह की नजर से देखता है. उन्होंने बल देते हुए कहा कि इस मानवीय संकट का कोई न कोई स्थायी समाधान निकलना चाहिए क्योंकि इनको यहां पर इस तरह से लंबे समय तक नहीं रखा जा सकता. ये जितना ज्यादा यहां रहेंगे, ड्रग माफिया के चंगुल में फंसने के चांस उतने ही ज्यादा रहेंगे. उल्लेखनीय है कि म्यांमार और बांग्लादेश के बीच 271 किमी की सीमा है, जिसमें 45 किमी की नदी सीमा भी शामिल है. इसी तरह भारत और बांग्लादेश के बीच 4,427 किमी की सीमारेखा है जिसमें 234 किमी की नदी सीमा है.
Source:-Zeenews
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
Thursday, 19 April 2018
आपकी सैलरी पर नहीं पड़ेगी GST की मार, सरकार ने कहा- ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं
पिछले साल जीएसटी लागू होने के बाद लगातार इसमें कई बदलाव किए जा रहे हैं. पिछले दिनों सैलरी में मिलने वाले रिइंबर्शमेंट पर भी जीएसटी लगाने की खबरें आ रही थीं. हालांकि सरकार ने साफ कर दिया है कि वह ऐसा कुछ नहीं करने जा रही है. इस संबंध में वह किसी भी प्रस्ताव पर विचार नहीं कर रही है.
दरअसल पिछले दिनों ऐसी खबरें आई थीं कि देशभर की कंपनियां अपने कर्मचारियों के सैलरी पैकेज में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही हैं. क्योंकि अब कर्मचारी की सैलरी का ब्रेकअप कंपनियों पर भारी पड़ेगा. बताया जा रहा था कि हाउस रेंट, मोबाइल और टेलीफोन बिल, हेल्थ इंश्योरेंस, मेडिकल बिल, ट्रांस्पोर्टेशन जैसे सैलरी का ब्रेकअप जीएसटी के दायरे में आ सकता है.
बता दें कि एएआर ने एक खास मामले में फैसला दिया था कि कंपनियों द्वारा कैंटीन चार्जेस के नाम पर कर्मचारी की सैलरी से कटौती जीएसटी के दायरे में होगी. इस फैसले के बाद जानकारों का मानना था कि कंपनियों द्वारा कर्मचारियों की दी जा रही कई सुविधाएं जिसके ऐवज में सैलरी में कटौती की जाती है, को जीएसटी के दायरे में कर दिया जाएगा.
फिलहाल कंपनियां कर्मचारी को कॉस्ट टू कंपनी के आधार पर सैलरी पैकेज तैयार करती हैं और कई सेवाओं के ऐवज में कटौती को सैलरी का हिस्सा बनाकर दिया जाता है. लेकिन यदि इसे जीएसटी के दायरे में लिया जाता, तो कंपनियां किसी कर्मचारी की कॉस्ट टू कंपनी को ही आधार रखते हुए उसके ब्रेकअप में बदलाव करती, जिससे कंपनी की टैक्स देनदारी पर कोई प्रभाव न पड़े.
Source:-Aajtak
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
दरअसल पिछले दिनों ऐसी खबरें आई थीं कि देशभर की कंपनियां अपने कर्मचारियों के सैलरी पैकेज में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही हैं. क्योंकि अब कर्मचारी की सैलरी का ब्रेकअप कंपनियों पर भारी पड़ेगा. बताया जा रहा था कि हाउस रेंट, मोबाइल और टेलीफोन बिल, हेल्थ इंश्योरेंस, मेडिकल बिल, ट्रांस्पोर्टेशन जैसे सैलरी का ब्रेकअप जीएसटी के दायरे में आ सकता है.
बता दें कि एएआर ने एक खास मामले में फैसला दिया था कि कंपनियों द्वारा कैंटीन चार्जेस के नाम पर कर्मचारी की सैलरी से कटौती जीएसटी के दायरे में होगी. इस फैसले के बाद जानकारों का मानना था कि कंपनियों द्वारा कर्मचारियों की दी जा रही कई सुविधाएं जिसके ऐवज में सैलरी में कटौती की जाती है, को जीएसटी के दायरे में कर दिया जाएगा.
फिलहाल कंपनियां कर्मचारी को कॉस्ट टू कंपनी के आधार पर सैलरी पैकेज तैयार करती हैं और कई सेवाओं के ऐवज में कटौती को सैलरी का हिस्सा बनाकर दिया जाता है. लेकिन यदि इसे जीएसटी के दायरे में लिया जाता, तो कंपनियां किसी कर्मचारी की कॉस्ट टू कंपनी को ही आधार रखते हुए उसके ब्रेकअप में बदलाव करती, जिससे कंपनी की टैक्स देनदारी पर कोई प्रभाव न पड़े.
Source:-Aajtak
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
Wednesday, 11 April 2018
किस काम की तकनीक? जकरबर्ग बोले- लीक का पता अखबार पढ़कर चला
सोशल मीडिया दिग्गज फेसबुक के सीईओ मार्क जकरबर्ग आज दूसरे दिन अमेरिकी कांग्रेस के सामने हाजिर हुए हैं. यहां फिर उनसे तीखे सवाल पूछे जा रहे हैं. जैसा कि हमने आपको पहले भी बताया है कि जकरबर्ग कैंब्रिज एनालिटिका डेटा लीक के मामले पर सवालों से घिरे हैं. इस दौरान एक सवाल के जवाब में कहा कि कभी-कभी फेसबुक से जुड़ी घटनाओं के संदर्भ में जानकारियां उन्हें प्रेस से मिलती हैं.
दरअसल सवाल जवाब के दूसरे दिन की कड़ी में जब अमेरिकी सांसदों ने सवाल किया- फेसबुक के पास एडवांस्ड डेटा प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी है. इसके बावजूद क्या आपको ऐसे स्कैंडल्स के बारे में प्रेस से पता चलता है? एलेग्जेंडर कोगन ने आपके यूजर डेटा को एक एजेंसी को बेच देता है, तब भी आपको भनक नहीं लगती? हम आपके वादों पर भरोसा क्यों करें जब आप लगातार ऐसा कर रहे हैं?
गौरतलब है कि, 2015 में कोगन ने डेटा अपने ऐप के जरिए डेटा इकट्ठा किया था और ये जानकारियां कोगन ने कैम्ब्रिज एनालिटिका को दे दी थी. लेकिन फेसबुक ने दिसंबर 2015 में गार्डियन की रिपोर्ट सामने आने के बाद उस पर कार्रवाई शुरू किया था.
इसके अलावा भी जकरबर्ग जब पूछा गया कि क्या फेसबुक के पास ऐसी तकनीक है जिससे वो पता लगा सकते हैं कि कोई बाहरी ताकत इलेक्शन को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है. जवाब में जकरबर्ग ने कहा कि, 2016 चुनाव के बाद से कंपनी इस पर लगातार काम कर रही है, ताकि आने वाले समय में ऐसा न हो और रूस जैसी कोई बाहरी ताकत चुनाव को प्रभावित ना कर सके.
Source:-Aajtak
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
दरअसल सवाल जवाब के दूसरे दिन की कड़ी में जब अमेरिकी सांसदों ने सवाल किया- फेसबुक के पास एडवांस्ड डेटा प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी है. इसके बावजूद क्या आपको ऐसे स्कैंडल्स के बारे में प्रेस से पता चलता है? एलेग्जेंडर कोगन ने आपके यूजर डेटा को एक एजेंसी को बेच देता है, तब भी आपको भनक नहीं लगती? हम आपके वादों पर भरोसा क्यों करें जब आप लगातार ऐसा कर रहे हैं?
गौरतलब है कि, 2015 में कोगन ने डेटा अपने ऐप के जरिए डेटा इकट्ठा किया था और ये जानकारियां कोगन ने कैम्ब्रिज एनालिटिका को दे दी थी. लेकिन फेसबुक ने दिसंबर 2015 में गार्डियन की रिपोर्ट सामने आने के बाद उस पर कार्रवाई शुरू किया था.
इसके अलावा भी जकरबर्ग जब पूछा गया कि क्या फेसबुक के पास ऐसी तकनीक है जिससे वो पता लगा सकते हैं कि कोई बाहरी ताकत इलेक्शन को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है. जवाब में जकरबर्ग ने कहा कि, 2016 चुनाव के बाद से कंपनी इस पर लगातार काम कर रही है, ताकि आने वाले समय में ऐसा न हो और रूस जैसी कोई बाहरी ताकत चुनाव को प्रभावित ना कर सके.
Source:-Aajtak
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
Monday, 9 April 2018
PNB के पूर्व अधिकारी गोकुलनाथ ने ED से कहा- नीरव और मेहुल कर रहे थे ब्लैकमेल
पीएनबी महाघोटाले के मामले में गिरफ्तार बैंक के पूर्व डिप्टी मैनेजर गोकुलनाथ शेट्टी ने ED के सामने यह कबूल किया है कि नीरव मोदी और मेहुल चोकसी उन्हें साल 2010 से ही ब्लैकमेल कर रहे थे. ईडी सूत्रों ने आजतक को यह जानकारी दी है.
ईडी सूत्रों के अनुसार, गोकुलनाथ शेट्टी ने यह बताया है कि पीएनबी का जीएम राजेश जिंदल पूरे घोटाले का सूत्रधार था. उसने आरोप लगाया है कि नीरव मोदी और मेहुल चोकसी ने 2010 से 2017 के बीच उसे ब्लैकमेल किया. शेट्टी ने अपने बयान में यह स्वीकार किया है कि साल 2010 के बाद नीरव-मेहुल की कंपनियों को 13,700 करोड़ रुपये के सभी LoU उसने ही जारी किए थे.
पीएनबी के जीएम पर मढ़ी घोटाले की जिम्मेदारी
शेट्टी ने दावा किया कि उसे इससे कोई फायदा नहीं मिला है. उसने आरोप लगाया कि पीएनबी हेड ऑफिस के जीएम राजेश जिंदल ने ही उसे सबसे पहले बिना किसी प्रतिभूति और जमानत के नीरव मोदी को एलओयू जारी करने का निर्देश दिया. शेट्टी ने ईडी के सामने यह स्वीकार किया कि राजेश जिंदल के ही निर्देश पर साल 2010 में उसने नीरव मोदी को पहला एलओयू जारी किया.
क्या है पीएनबी महाघोटाला
पंजाब नेशनल बैंक में फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LoU) के जरिये नीरव मोदी और मेहुल चोकसी के घोटाला करने की बात सामने आई थी. PNB में 11,360 करोड़ रुपये के घपले में नीरव मोदी की कंपनियों और बैंक की मुंबई स्थित ब्रैडी हाउस शाखा के कुछ अन्य खातों की संलिप्तता उजागर होने के बाद बड़े स्तर कार्रवाई शुरू की गई.
Source:-Aajtak
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
ईडी सूत्रों के अनुसार, गोकुलनाथ शेट्टी ने यह बताया है कि पीएनबी का जीएम राजेश जिंदल पूरे घोटाले का सूत्रधार था. उसने आरोप लगाया है कि नीरव मोदी और मेहुल चोकसी ने 2010 से 2017 के बीच उसे ब्लैकमेल किया. शेट्टी ने अपने बयान में यह स्वीकार किया है कि साल 2010 के बाद नीरव-मेहुल की कंपनियों को 13,700 करोड़ रुपये के सभी LoU उसने ही जारी किए थे.
पीएनबी के जीएम पर मढ़ी घोटाले की जिम्मेदारी
शेट्टी ने दावा किया कि उसे इससे कोई फायदा नहीं मिला है. उसने आरोप लगाया कि पीएनबी हेड ऑफिस के जीएम राजेश जिंदल ने ही उसे सबसे पहले बिना किसी प्रतिभूति और जमानत के नीरव मोदी को एलओयू जारी करने का निर्देश दिया. शेट्टी ने ईडी के सामने यह स्वीकार किया कि राजेश जिंदल के ही निर्देश पर साल 2010 में उसने नीरव मोदी को पहला एलओयू जारी किया.
क्या है पीएनबी महाघोटाला
पंजाब नेशनल बैंक में फर्जी लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (LoU) के जरिये नीरव मोदी और मेहुल चोकसी के घोटाला करने की बात सामने आई थी. PNB में 11,360 करोड़ रुपये के घपले में नीरव मोदी की कंपनियों और बैंक की मुंबई स्थित ब्रैडी हाउस शाखा के कुछ अन्य खातों की संलिप्तता उजागर होने के बाद बड़े स्तर कार्रवाई शुरू की गई.
Source:-Aajtak
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
Sunday, 8 April 2018
किम-ट्रंप मीटिंग से पहले US-नॉर्थ कोरिया कर रहे सीक्रेट बातचीत
अमेरिका और नॉर्थ कोरिया सीक्रेट तरीके से सीधी बातचीत कर रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और नॉर्थ कोरिया तानाशाह किम जोंग उन की होने वाली मुलाकात की तैयारियों को लेकर दोनों देश बातचीत कर रहे हैं. आइए जानते हैं पूरा मामला...
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, कई अधिकारियों ने ये जानकारी दी है कि दोनों देशों के बीच बातचीत हो रही है. सीआईए डायरेक्टर माइक पोम्पीओ भी मीटिंग की तैयारियों पर नजर रखे हुए हैं.
बताया जाता है कि दोनों देशों के अधिकारी किसी तीसरे देश में मिले हैं ताकि ट्रंप और किम की मुलाकात की जगह तय की जा सके. हालांकि, नॉर्थ कोरिया ने खुलकर इस बात का ऐलान नहीं किया है कि उन्होंने ट्रंप को मिलने के लिए इन्विटेशन दिया है, लेकिन इसको लेकर तैयारियां की जा रही हैं.
आपको बता दें कि उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इन भी मिलने वाले हैं. इनकी 27 अप्रैल को मुलाकात होगी. लंबे वक्त तक चले तनाव के बाद दोनों देशों के प्रमुख मिलने पर सहमत हुए हैं.
किम जोंग-उन और मून जे-इन की मुलाकात के लिए जो जगह चुनी गई है उसका नाम है पनमुनजोम. इससे पहले उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच विंटर ओलंपिक गेम्स 2018 को लेकर भी दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल की पनमुनजोम में ही बातचीत हुई थी.
Source:-Aajtak
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, कई अधिकारियों ने ये जानकारी दी है कि दोनों देशों के बीच बातचीत हो रही है. सीआईए डायरेक्टर माइक पोम्पीओ भी मीटिंग की तैयारियों पर नजर रखे हुए हैं.
बताया जाता है कि दोनों देशों के अधिकारी किसी तीसरे देश में मिले हैं ताकि ट्रंप और किम की मुलाकात की जगह तय की जा सके. हालांकि, नॉर्थ कोरिया ने खुलकर इस बात का ऐलान नहीं किया है कि उन्होंने ट्रंप को मिलने के लिए इन्विटेशन दिया है, लेकिन इसको लेकर तैयारियां की जा रही हैं.
आपको बता दें कि उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे-इन भी मिलने वाले हैं. इनकी 27 अप्रैल को मुलाकात होगी. लंबे वक्त तक चले तनाव के बाद दोनों देशों के प्रमुख मिलने पर सहमत हुए हैं.
किम जोंग-उन और मून जे-इन की मुलाकात के लिए जो जगह चुनी गई है उसका नाम है पनमुनजोम. इससे पहले उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच विंटर ओलंपिक गेम्स 2018 को लेकर भी दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल की पनमुनजोम में ही बातचीत हुई थी.
Source:-Aajtak
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
Saturday, 7 April 2018
ट्रेनी के रूप में ज्वाइन किया बैंक, फिर बनीं पावरफुल महिला
आईसीआईसीआई बैंक द्वारा वीडियोकॉन ग्रुप को लोन देने के मामले से बैंक की सीईओ चंदा कोचर विवादों में आ गई हैं. आरोप ये है कि बैंक ने 2012 में वीडियोकॉन समूह को 3,250 करोड़ रुपये का कर्ज दिया था. इस कर्ज के बाद वीडियोकॉन के चेयरमैन वेनूगोपाल धूत ने 64 करोड़ रुपये का निवेश चंदा कोचर के पति दीपक कोचर की कंपनी नू पॉवर रिन्यूएबल में किया था. इस मामले की जांच हो रही है. लेकिन इस मौके पर हम आपको बता रहे हैं कि चंदा कोचर कौन हैं? और कैसे बैंक में शीर्ष मुकाम पर पहुंचीं? आज से 34 साल पहले उन्होंने ICICI में बतौर ट्रेनी ज्वाइन किया था. आगे पढ़िए, चंदा कोचर का आगे का सफर...
कोचर ने 1984 में आईसीआईसीआई में मैनेजमेंट ट्रेनी के पद पर ज्वाइन किया था. आईसीआईसीआई ने जब 1993 में कॉमर्शियल बैंकिंग में एन्ट्री का फैसला किया तो उन्हें आईसीआईसीआई बैंक के कोर टीम में रखा गया.
बैंक के रिटेल बिजनेस को सेटअप करने में कोचर का काफी अहम योगदान रहा. कॉमर्शियल बैंकिंग शुरू करने के आठ साल बाद 2001 में उन्हें रिटेल बिजनेस का हेड बनाया गया और उन्होंने एग्जेक्यूटिव डायरेक्टर के रूप में काम शुरू किया. फिर अप्रैल 2006 में उन्हें डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर बनाया गया.
कोचर को 1 मई 2009 से आईसीआईसीआई बैंक का सीईओ बनाया गया. चंदा कोचर को भारत में रिटेल बैंकिंग को दिशा देने के लिए खास तौर से जाना जाता है.
फॉर्च्यून मैगजीन की ओर से जारी दुनिया की सबसे पावरफुल मैगजीन की लिस्ट में कोचर को कई बार जगह दी गई थी. फोर्ब्स की 'दुनिया की 100 सबसे शक्तिशाली महिलाएं' की लिस्ट में भी कोचर का नाम कई बार शामिल किया गया था.
Source:-Aajtak
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
कोचर ने 1984 में आईसीआईसीआई में मैनेजमेंट ट्रेनी के पद पर ज्वाइन किया था. आईसीआईसीआई ने जब 1993 में कॉमर्शियल बैंकिंग में एन्ट्री का फैसला किया तो उन्हें आईसीआईसीआई बैंक के कोर टीम में रखा गया.
बैंक के रिटेल बिजनेस को सेटअप करने में कोचर का काफी अहम योगदान रहा. कॉमर्शियल बैंकिंग शुरू करने के आठ साल बाद 2001 में उन्हें रिटेल बिजनेस का हेड बनाया गया और उन्होंने एग्जेक्यूटिव डायरेक्टर के रूप में काम शुरू किया. फिर अप्रैल 2006 में उन्हें डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर बनाया गया.
कोचर को 1 मई 2009 से आईसीआईसीआई बैंक का सीईओ बनाया गया. चंदा कोचर को भारत में रिटेल बैंकिंग को दिशा देने के लिए खास तौर से जाना जाता है.
फॉर्च्यून मैगजीन की ओर से जारी दुनिया की सबसे पावरफुल मैगजीन की लिस्ट में कोचर को कई बार जगह दी गई थी. फोर्ब्स की 'दुनिया की 100 सबसे शक्तिशाली महिलाएं' की लिस्ट में भी कोचर का नाम कई बार शामिल किया गया था.
Source:-Aajtak
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
Thursday, 5 April 2018
38वें स्थापना दिवस बीजेपी करेगी 'शक्ति प्रदर्शन', 2019 अभियान की होगी शुरुआत
मुंबई: बीजेपी आगामी लोकसभा चुनाव के लिए अपने अभियान की शुरुआत शुक्रवार को पार्टी के 38वें स्थापना दिवस पर अपनी ताकत की झलक दिखाकर करेगी. पार्टी के एक शीर्ष पदाधिकारी ने बुधवार को इस बात की जानकारी दी. इस मौके पर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय नौवहन मंत्री नितिन गडकरी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, राज्य बीजेपी इकाई के अध्यक्ष रावसाहेब दानवे पाटील और अन्य शीर्ष पदाधिकारी मौजूद रहेंगे, जो पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे.
दानवे पाटील ने कहा, "इस विशाल सम्मेलन में महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक और तमिलनाडु के तीन लाख से ज्यादा कार्यकर्ता, जिसमें बूथ स्तर से लेकर संसद सदस्य, शामिल होंगे." उनसे यह पूछने पर कि क्या यह सम्मेलन अगले लोकसभा चुनाव के लिए अभियान की शुरुआत का सूचक है? उन्होंने कहा, "हां, आप ऐसा कह सकते हैं."
बीकेसी मैदान में तीन विशाल मंच, सम्मेलन के लिए सात शामियाने और रात में कार्यकर्ताओं के रुकने के लिए दो अन्य शामियानों की विस्तृत व्यवस्था की गई है. इसी तरह के समान जश्न की तैयारी भारत के अलग-अलग राज्यों और सभी जिलों में की गई है.
महाराष्ट्र में 288 विधानसभा सीटें हैं. दानवे ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को ट्रेनों, बसों और जीप से मुंबई लाने की व्यवस्था की गई है. वर्ष 1980 के सम्मेलन का जिक्र करते हुए दानवे ने कहा कि इसमें अटल बिहारी वाजपेयी को अगला प्रधानमंत्री बनाने का आह्वान किया गया था और इसे सच होने में कुछ वर्ष लगे.
Source:-Zee News
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
दानवे पाटील ने कहा, "इस विशाल सम्मेलन में महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक और तमिलनाडु के तीन लाख से ज्यादा कार्यकर्ता, जिसमें बूथ स्तर से लेकर संसद सदस्य, शामिल होंगे." उनसे यह पूछने पर कि क्या यह सम्मेलन अगले लोकसभा चुनाव के लिए अभियान की शुरुआत का सूचक है? उन्होंने कहा, "हां, आप ऐसा कह सकते हैं."
बीकेसी मैदान में तीन विशाल मंच, सम्मेलन के लिए सात शामियाने और रात में कार्यकर्ताओं के रुकने के लिए दो अन्य शामियानों की विस्तृत व्यवस्था की गई है. इसी तरह के समान जश्न की तैयारी भारत के अलग-अलग राज्यों और सभी जिलों में की गई है.
महाराष्ट्र में 288 विधानसभा सीटें हैं. दानवे ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को ट्रेनों, बसों और जीप से मुंबई लाने की व्यवस्था की गई है. वर्ष 1980 के सम्मेलन का जिक्र करते हुए दानवे ने कहा कि इसमें अटल बिहारी वाजपेयी को अगला प्रधानमंत्री बनाने का आह्वान किया गया था और इसे सच होने में कुछ वर्ष लगे.
Source:-Zee News
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
Wednesday, 4 April 2018
यूपी में अब मनमानी फीस नहीं वसूल सकेंगे स्कूल, योगी सरकार ने इस प्रस्ताव को दी मंजूरी
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस वसूली को लेकर एक अहम प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. सरकार का दावा है कि इस विधेयक के अमल में आने के बाद निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने में सफलता मिलेगी. उप्र सरकार के कैबिनेट मंत्री और सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा और उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने पत्रकारों को इसकी जानकारी दी.
शर्मा ने बताया कि विद्यालय के शुल्क लेने की प्रक्रिया पारदर्शी होगी और कोई भी स्कूल सिर्फ चार तरह से ही शुल्क ले सकेंगे, जिसमें विवरण पुस्तिका शुल्क, प्रवेश शुल्क, परीक्षा शुल्क और संयुक्त वार्षिक शुल्क शामिल है.
उपमुख्यमंत्री के मुताबिक, अगर कोई वैकल्पिक सुविधा जैसे वाहन, होस्टल, भ्रमण व कैंटीन की सुविधा लेता है, तभी शुल्क देना होगा. हर तरह के शुल्क की रसीद देना स्कूलों के लिए अनिवार्य होगा. उन्होंने बताया कि इन नियमों के दायरे में सीबीएससी और आईसीएससी बोर्ड द्वारा संचालित विद्यालयों को भी लिया गया है. साथ ही कोई भी स्कूल बच्चों की ड्रेस में पांच वर्ष तक बदलाव नहीं कर सकेगा और न ही जूते-मोजे किसी दुकान से लेने के लिए बाध्य कर सकेगा.
शर्मा ने बताया कि निजी विद्यालय में किसी भी कमर्शियल कार्य से जो आय होगी, उसे विद्यालय की आय माना जाएगा. सरकार के इन फैसलों से अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद है. वहीं सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने बताया कि ऊर्जा विभाग की परीक्षा नियमावाली में संशोधन को लेकर एक प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. प्रस्ताव के मुताबिक, सहायक अभियंता की परीक्षा में अब साक्षात्कार 250 अंकों की बजाय केवल 100 अंकों का होगा, जबकि लिखित परीक्षा 750 अंकों का ही होगा.
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
शर्मा ने बताया कि विद्यालय के शुल्क लेने की प्रक्रिया पारदर्शी होगी और कोई भी स्कूल सिर्फ चार तरह से ही शुल्क ले सकेंगे, जिसमें विवरण पुस्तिका शुल्क, प्रवेश शुल्क, परीक्षा शुल्क और संयुक्त वार्षिक शुल्क शामिल है.
उपमुख्यमंत्री के मुताबिक, अगर कोई वैकल्पिक सुविधा जैसे वाहन, होस्टल, भ्रमण व कैंटीन की सुविधा लेता है, तभी शुल्क देना होगा. हर तरह के शुल्क की रसीद देना स्कूलों के लिए अनिवार्य होगा. उन्होंने बताया कि इन नियमों के दायरे में सीबीएससी और आईसीएससी बोर्ड द्वारा संचालित विद्यालयों को भी लिया गया है. साथ ही कोई भी स्कूल बच्चों की ड्रेस में पांच वर्ष तक बदलाव नहीं कर सकेगा और न ही जूते-मोजे किसी दुकान से लेने के लिए बाध्य कर सकेगा.
शर्मा ने बताया कि निजी विद्यालय में किसी भी कमर्शियल कार्य से जो आय होगी, उसे विद्यालय की आय माना जाएगा. सरकार के इन फैसलों से अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद है. वहीं सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने बताया कि ऊर्जा विभाग की परीक्षा नियमावाली में संशोधन को लेकर एक प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. प्रस्ताव के मुताबिक, सहायक अभियंता की परीक्षा में अब साक्षात्कार 250 अंकों की बजाय केवल 100 अंकों का होगा, जबकि लिखित परीक्षा 750 अंकों का ही होगा.
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider and Digital Marketing
Tuesday, 3 April 2018
Monday, 2 April 2018
Wednesday, 17 January 2018
Mr President, would you be able to distinguish this creature?
WASHINGTON: Identifying creatures and presenting a rundown of words are among the kind of difficulties contained in the psychological wellness test taken by US President Donald Trump.
As indicated by White House specialist Ronny Jackson, Mobile Number Database Trump scored "exceedingly well" (30 out of 30) on the Montreal Cognitive Assessment and has "no psychological issues at all."
Jackson said Trump himself had asked for to sit the test after inquiries concerning his psychological well-being.
"I think he saw doing the physical as a chance to put some of that to rest," Jackson said. "What's more, I figure he wasn't in any way shape or form worried that he had anything to stow away."
Be that as it may, what is this test, first made in 2005, and how can it work?
Numeracy is inspected by requesting that the applicant subtract seven from 100 and rehash this operation five times (giving a progression of 93, 86, 79, 72, 65).
To test dialect, the competitor is requested to rehash two expressions and after that recount however many words starting with a specific letter as could be expected under the circumstances in a single moment. Eleven words are required to secure a point.
The two last inquiries are a deliberation test, where competitors need to decode a connection between two words, and "introduction", where the applicant needs to express the day of the week, and in addition the month, date, year and what city they are in.
In the underlying investigation that built up the test, the normal score was a little more than 27. Competitors with "gentle subjective weakness" scored a little more than 22 and individuals with Alzheimer's sickness around 16.
Source:-TOI
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider
Monday, 15 January 2018
Removal trial hearing uncertain, Mallya on safeguard till April 2
London: Embattled alcohol aristocrat Vijay Mallya, needed in India on charges of misrepresentation and tax evasion professedly adding up to around Rs 9,000 crore, Mobile Number Database showed up in court here for his removal trial yet the hearing was uncertain as the safeguard is yet to finish its contentions.
The 62-year-old was back in the dock at Westminster Magistrates' Court in London as his guard group tried to contend against the suitability of a great part of the proof displayed by the Indian government.
The present hearing was required to be one of the last hearings for the situation however it stayed uncertain as the safeguard is yet to finish its contentions, which look to destroy the Indian government's case.
Judge Arbuthnot had likewise looked for assist elucidations identified with accessibility of common light and medicinal help at Barrack 12 of Mumbai Central Prison on Arthur Road, where Mallya is to be held in the event that he is removed from Britain.
The removal trial, which opened at the London court on December 4, is gone for laying out a by all appearances instance of misrepresentation against the head honcho, who has been situated in the UK since he fled India in March, 2016.
It will likewise look to demonstrate that there are no "bars to removal" and that Mallya is guaranteed a reasonable trial in India over his recent aircraft's charged default of over Rs 9,000 crore in credits from a consortium of Indian banks.
Mallya was captured by Scotland Yard on a removal warrant in April, 2017 and has been out on abandon a bond worth 650,000 pounds.
On the off chance that the judge decides for the Indian government, the UK home secretary will have two months to sign Mallya's removal arrange.
In any case, the two sides will have the opportunity to request in higher courts in the UK against the main officer's decision.
Source:-Zeenews
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider
The 62-year-old was back in the dock at Westminster Magistrates' Court in London as his guard group tried to contend against the suitability of a great part of the proof displayed by the Indian government.
The present hearing was required to be one of the last hearings for the situation however it stayed uncertain as the safeguard is yet to finish its contentions, which look to destroy the Indian government's case.
Judge Arbuthnot had likewise looked for assist elucidations identified with accessibility of common light and medicinal help at Barrack 12 of Mumbai Central Prison on Arthur Road, where Mallya is to be held in the event that he is removed from Britain.
The removal trial, which opened at the London court on December 4, is gone for laying out a by all appearances instance of misrepresentation against the head honcho, who has been situated in the UK since he fled India in March, 2016.
It will likewise look to demonstrate that there are no "bars to removal" and that Mallya is guaranteed a reasonable trial in India over his recent aircraft's charged default of over Rs 9,000 crore in credits from a consortium of Indian banks.
Mallya was captured by Scotland Yard on a removal warrant in April, 2017 and has been out on abandon a bond worth 650,000 pounds.
On the off chance that the judge decides for the Indian government, the UK home secretary will have two months to sign Mallya's removal arrange.
In any case, the two sides will have the opportunity to request in higher courts in the UK against the main officer's decision.
Source:-Zeenews
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider
Sunday, 14 January 2018
Benjamin Netanyahu in India: Israeli PM says thanks to Narendra Modi for the 'individual welcome' at air terminal
New Delhi: Israeli PM Benjamin Netanyahu on Sunday said thanks to Prime Minister Narendra Modi for the warm welcome that he was agreed upon his entry in India on a six-day visit.
"Much obliged to you to my great companion, Indian Prime Minister Narendra Modi, who shocked me with an individual welcome at the air terminal upon my entry in India. Together we will bring the relations between our nations higher than ever,Mobile Number Database" he posted on Twitter.
The two pioneers at that point headed to focal Delhi where Teen Murti Chowk was formally rechristened as Teen Murti-Haifa Chowk in a service went to by them.
PM Modi and Netanyahu additionally laid a wreath and marked the guest's book at the remembrance.
In the guest's book, PM Modi composed that he saluted the "considerable Indian conventions of benevolent forfeit and atonement" of Indian troopers, who set out their lives amid the freedom of the city of Haifa and the First World War. One of these pages was composed 100 years back, in the forfeit of Indian fighters at Haifa. The forfeit recognized at Teen Murti watches its century. Naming this spot as Teen Murti-Haifa Chowk marks this noteworthy event. Within the sight of the PM of Israel, we pay reverence to the overcome fighters."
Netanyahu's visit to India is just the second one by an Israeli PM and comes following a hole of 15 years. Previous PM Ariel Sharon went to India in 2003.
Source:-Zeenews
View More About Our Services:-Mobile Database number Provider
Subscribe to:
Comments (Atom)