गिरिडीहः झारखंड के गिरिडीह जिले के मधुबन थाना क्षेत्र के मगरगढ़ी गांव में एक महिला की मौत हो गई. परिजनों का कहना है कि सावित्री देवी की मौत भूख के कारण हो गई. उसे तीन दिनों से खाना नहीं मिला था. इस वजह से उसकी मौत हो गई. इस घटना ने सरकारी योजनाओं की पोल खोल दी है. मामला जब सरकारी महकमों तक पहुंचा तो प्रशासन में हरकंप मच गया. जिला प्रशासन हरकत में आ गया है.
मधुबन थाना क्षेत्र के मंगरगढ़ी गांव की रहने वाली महिला 58 वर्षिय सावित्री देवी की मौत खाना नहीं मिलने के कारण हो गई है. सरकार द्वारा चलाये जा रहे विभिन्न योजनाओ का लाभ महिला को नहीं मिल पाया. प्रशासनिक पदाधिकारियों व स्थानीय पंचायत सेवक की लापरवाही के कारण महिला का राशन कार्ड नहीं बन पाया था. इस वजह से उसे अनाज भी नहीं मिल रहा था. एमओ शीतल प्रसाद ने बताया कि महिला की मौत भूख के कारण से हुई है. दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. स्थानीय डीलर का लाइसेंस भी रद्द किया जायेगा.
मृतका की बहू सरस्वती देवी ने बताया कि सावित्री देवी को पिछले तीन दिनों से खाना नहीं मिला था. घर की माली स्थिति भी काफी खराब है. दोनों बेटे बाहर काम करके किसी तरह परिवारवालों का भरण-पोषण करते है. लेकिन पिछले कई दिनों से संपर्क नहीं हो पा रहा था, जिस कारण परेशानी और बढ़ गई थी, किसी तरह आस-पास के लोगों से मांग कर खाना खा रही थी. राशन कार्ड बनवाने के लिए कई बार आवेदन दिया गया था लेकिन किसी ने भी इस मामले को गंभरीता से नहीं लिया और उनका राशनकार्ड नही बन पाया था.
भुख से मौत मामले पर डुमरी के विधायक जगरनाथ महतो ने कहा कि मामला काफी गंभीर है. अधिकारियों की लापरवाही के कारण महिला की मौत हुई है. घटना की पुनरावृति ना हो इसलिए मामले को विधानसभा में भी आवाज उठाई जाएगी. वहीं चैनपुर पंचायत के मुखिया रामप्रसाद महतो ने कहा कि मुख्यमंत्री के आदेश के बाद इस गरीब महिला के आवेदन को सत्यापित करते हुए राशन कार्ड हेतु ऑनलाइन अप्लाई किया गया था. लेकिन विभागीय अधिकारियों और कर्मियों की लापरवाही से राशन कार्ड निर्गत नहीं हो पाया. और अनाज के अभाव मे उसकी मौत हो गई.
बहरहाल सरकार चाहे लाख दावे कर ले लेकिन आज भी अधिकारियों की लापरवाही के कारण भूख से राज्य के अलग-अलग जिलो में लोगों की जान जा रही है. नेता बयान दे रहे हैं और अधिकारी कार्रवाई की बात कह रहे हैं. लेकिन इस लापरवाही पर कार्रवाई और ऐसी घटना दोबारा न हो इसके लिए मामले को सरकार कितनी गंभीरता से लेती है. यह बड़ा सवाल है.
Source:-ZEENEWS
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मधुबन थाना क्षेत्र के मंगरगढ़ी गांव की रहने वाली महिला 58 वर्षिय सावित्री देवी की मौत खाना नहीं मिलने के कारण हो गई है. सरकार द्वारा चलाये जा रहे विभिन्न योजनाओ का लाभ महिला को नहीं मिल पाया. प्रशासनिक पदाधिकारियों व स्थानीय पंचायत सेवक की लापरवाही के कारण महिला का राशन कार्ड नहीं बन पाया था. इस वजह से उसे अनाज भी नहीं मिल रहा था. एमओ शीतल प्रसाद ने बताया कि महिला की मौत भूख के कारण से हुई है. दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. स्थानीय डीलर का लाइसेंस भी रद्द किया जायेगा.
मृतका की बहू सरस्वती देवी ने बताया कि सावित्री देवी को पिछले तीन दिनों से खाना नहीं मिला था. घर की माली स्थिति भी काफी खराब है. दोनों बेटे बाहर काम करके किसी तरह परिवारवालों का भरण-पोषण करते है. लेकिन पिछले कई दिनों से संपर्क नहीं हो पा रहा था, जिस कारण परेशानी और बढ़ गई थी, किसी तरह आस-पास के लोगों से मांग कर खाना खा रही थी. राशन कार्ड बनवाने के लिए कई बार आवेदन दिया गया था लेकिन किसी ने भी इस मामले को गंभरीता से नहीं लिया और उनका राशनकार्ड नही बन पाया था.
भुख से मौत मामले पर डुमरी के विधायक जगरनाथ महतो ने कहा कि मामला काफी गंभीर है. अधिकारियों की लापरवाही के कारण महिला की मौत हुई है. घटना की पुनरावृति ना हो इसलिए मामले को विधानसभा में भी आवाज उठाई जाएगी. वहीं चैनपुर पंचायत के मुखिया रामप्रसाद महतो ने कहा कि मुख्यमंत्री के आदेश के बाद इस गरीब महिला के आवेदन को सत्यापित करते हुए राशन कार्ड हेतु ऑनलाइन अप्लाई किया गया था. लेकिन विभागीय अधिकारियों और कर्मियों की लापरवाही से राशन कार्ड निर्गत नहीं हो पाया. और अनाज के अभाव मे उसकी मौत हो गई.
बहरहाल सरकार चाहे लाख दावे कर ले लेकिन आज भी अधिकारियों की लापरवाही के कारण भूख से राज्य के अलग-अलग जिलो में लोगों की जान जा रही है. नेता बयान दे रहे हैं और अधिकारी कार्रवाई की बात कह रहे हैं. लेकिन इस लापरवाही पर कार्रवाई और ऐसी घटना दोबारा न हो इसके लिए मामले को सरकार कितनी गंभीरता से लेती है. यह बड़ा सवाल है.
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