नैरोबी: चीन में जिलेटिन की मांग की वजह से अफ्रीकी देशों से काला बाजारी के जरिए गधों की खाल को चीन भेजा जा रहा है. इस वजह से अफ्रीका के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है. यहां काफी संख्या में लोग कृषि कार्यों और भारी सामानों की ढुलाई के लिए गधों पर निर्भर होते हैं. हाल ही में यहां जोसेफ कामोनजो कारियूकी के तीन गधे लापता हो गए थे और बाद में इन सब के अवशेष बरामद हुए. केन्या से लेकर बुरकिनी फासो , मिस्र से लेकर नाइजीरिया तक के पशु अधिकार समूहों का कहना है कि गधे के खाल की कालाबाजारी करने वाले चीन में जेलिटिन की मांग को पूरा करने के लिए गधों को मारकर उनकी खाल को निकालते हैं.
जिलेटिन गधे की खाल से बनता है और इसका इस्तेमाल स्वास्थ्य क्षेत्र में होता है. पशु अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि चीन में गधों की संख्या में कमी आने से अब इसकी आपूर्ति अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अमेरिका से हो रही है.
बेजुबान जानवरों के खिलाफ बेरहमी करने वालों पर रहमदिल कानून
आपको बता दें कि जानवरों को चोट पहुंचाना Prevention of Cruelty to Animals Act 1960 यानी PCA Act की धारा 11 के तहत एक अपराध माना गया है.
- इसी तरह IPC की धारा 428 और 429 के तहत भी जानवरों के खिलाफ हिंसा अपराध की श्रेणी में आती है.
- आपको जानकर हैरानी होगी कि जानवरों के खिलाफ हिंसा करने वाले व्यक्ति पर अभी सिर्फ 10 रुपये लेकर 100 रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है.
- PCA Act के मुताबिक जानवरों को चोट पहुंचाने वाले व्यक्ति को पहली बार ऐसा करने पर 50 रुपये तक का जुर्माना देना पड़ता है. जबकि दूसरी बार ऐसा करने पर 100 रुपये का जुर्माना और 3 महीनें तक की कैद हो सकती है।
- आपको ये भी बता दें कि जानवरों के खिलाफ किस तरह की हिंसा को भारत का कानून अपराध मानता है. किसी भी जानवर को पीटना... उसे लात मारना...और जरूरत से ज्यादा वज़न ढोने पर मजूबर करने जैसी हरकतें PCA Act 1960 के मुताबिक कानूनन अपराध हैं।
- भारत का कानून बूढ़े और बीमार जानवर से काम लेने की इजाजत भी नहीं देता है. किसी जानवर को तकलीफ पहुंचाकर एक जगह से दूसरी जगह पर ले जाना भी अपराध है।
- किसी जानवर को जरूरत से ज्यादा छोटे पिंजरे में रखना और उसे छोटी ज़ंजीर से बांधना भी भारतीय कानून के तहत एक अपराध है.
- अगर आपके पास भी कोई पालतू जानवर है और आप उसे पर्याप्त भोजन..रहने की जगह और पीने के लिए पानी नहीं देते हैं तो भी कानून की नज़र में आप अपराधी हैं.
Source:-ZEENEWS
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जिलेटिन गधे की खाल से बनता है और इसका इस्तेमाल स्वास्थ्य क्षेत्र में होता है. पशु अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि चीन में गधों की संख्या में कमी आने से अब इसकी आपूर्ति अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अमेरिका से हो रही है.
बेजुबान जानवरों के खिलाफ बेरहमी करने वालों पर रहमदिल कानून
आपको बता दें कि जानवरों को चोट पहुंचाना Prevention of Cruelty to Animals Act 1960 यानी PCA Act की धारा 11 के तहत एक अपराध माना गया है.
- इसी तरह IPC की धारा 428 और 429 के तहत भी जानवरों के खिलाफ हिंसा अपराध की श्रेणी में आती है.
- आपको जानकर हैरानी होगी कि जानवरों के खिलाफ हिंसा करने वाले व्यक्ति पर अभी सिर्फ 10 रुपये लेकर 100 रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है.
- PCA Act के मुताबिक जानवरों को चोट पहुंचाने वाले व्यक्ति को पहली बार ऐसा करने पर 50 रुपये तक का जुर्माना देना पड़ता है. जबकि दूसरी बार ऐसा करने पर 100 रुपये का जुर्माना और 3 महीनें तक की कैद हो सकती है।
- आपको ये भी बता दें कि जानवरों के खिलाफ किस तरह की हिंसा को भारत का कानून अपराध मानता है. किसी भी जानवर को पीटना... उसे लात मारना...और जरूरत से ज्यादा वज़न ढोने पर मजूबर करने जैसी हरकतें PCA Act 1960 के मुताबिक कानूनन अपराध हैं।
- भारत का कानून बूढ़े और बीमार जानवर से काम लेने की इजाजत भी नहीं देता है. किसी जानवर को तकलीफ पहुंचाकर एक जगह से दूसरी जगह पर ले जाना भी अपराध है।
- किसी जानवर को जरूरत से ज्यादा छोटे पिंजरे में रखना और उसे छोटी ज़ंजीर से बांधना भी भारतीय कानून के तहत एक अपराध है.
- अगर आपके पास भी कोई पालतू जानवर है और आप उसे पर्याप्त भोजन..रहने की जगह और पीने के लिए पानी नहीं देते हैं तो भी कानून की नज़र में आप अपराधी हैं.
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