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Wednesday, 4 April 2018

यूपी में अब मनमानी फीस नहीं वसूल सकेंगे स्‍कूल, योगी सरकार ने इस प्रस्‍ताव को दी मंजूरी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस वसूली को लेकर एक अहम प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. सरकार का दावा है कि इस विधेयक के अमल में आने के बाद निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने में सफलता मिलेगी. उप्र सरकार के कैबिनेट मंत्री और सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा और उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने पत्रकारों को इसकी जानकारी दी. 

शर्मा ने बताया कि विद्यालय के शुल्क लेने की प्रक्रिया पारदर्शी होगी और कोई भी स्कूल सिर्फ चार तरह से ही शुल्क ले सकेंगे, जिसमें विवरण पुस्तिका शुल्क, प्रवेश शुल्क, परीक्षा शुल्क और संयुक्त वार्षिक शुल्क शामिल है.

उपमुख्यमंत्री के मुताबिक, अगर कोई वैकल्पिक सुविधा जैसे वाहन, होस्टल, भ्रमण व कैंटीन की सुविधा लेता है, तभी शुल्क देना होगा. हर तरह के शुल्क की रसीद देना स्कूलों के लिए अनिवार्य होगा. उन्होंने बताया कि इन नियमों के दायरे में सीबीएससी और आईसीएससी बोर्ड द्वारा संचालित विद्यालयों को भी लिया गया है. साथ ही कोई भी स्कूल बच्चों की ड्रेस में पांच वर्ष तक बदलाव नहीं कर सकेगा और न ही जूते-मोजे किसी दुकान से लेने के लिए बाध्य कर सकेगा.

शर्मा ने बताया कि निजी विद्यालय में किसी भी कमर्शियल कार्य से जो आय होगी, उसे विद्यालय की आय माना जाएगा. सरकार के इन फैसलों से अभिभावकों को राहत मिलने की उम्मीद है. वहीं सरकार के प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने बताया कि ऊर्जा विभाग की परीक्षा नियमावाली में संशोधन को लेकर एक प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. प्रस्ताव के मुताबिक, सहायक अभियंता की परीक्षा में अब साक्षात्कार 250 अंकों की बजाय केवल 100 अंकों का होगा, जबकि लिखित परीक्षा 750 अंकों का ही होगा. 

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Tuesday, 28 March 2017

मुख्यमंत्री बनने के एक हफ्ते के अंदर आदित्यनाथ योगी ने जाहिर किए इरादे

लखनऊ: उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के महज एक सप्ताह के अंदर समूचे मंत्रिमण्डल और नौकरशाही को अनुशासन और ईमानदारी को लेकर अपने ‘हठयोग’ का सुस्पष्ट संदेश देने वाले आदित्यनाथ योगी ने इस छोटी सी अवधि करीब 50 नीतिगत फैसले लेकर अपने इरादे जाहिर कर दिये हैं.

‘पिछले 40 साल के दौरान सचिवालय का दौरा करने वाले वह पहले मुख्यमंत्री’

मुख्यमंत्री ने पदभार ग्रहण करने के अगले ही दिन सचिवालय का औचक निरीक्षण करके यह जाहिर कर दिया कि वह सरकारी तंत्र में वक्त की पाबंदी, काम में ईमानदारी और कार्यालय में स्वच्छता के मामले में कोई समझौता नहीं करेंगे. पिछले 40 साल के दौरान सचिवालय का दौरा करने वाले वह पहले मुख्यमंत्री हैं.

योगी ने अपने इस दौरे के दौरान सरकारी कार्यालयों, अस्पतालों तथा विद्यालयों में पान, तम्बाकू तथा पान मसाला खाने पर पाबंदी लगा दी और सभी अधिकारियों को स्वच्छता रखने की शपथ दिलायी. उसके अगले ही दिन उनकी सरकार के एक मंत्री अपने कार्यालय में झाड़ू लगाते और कई मंत्री फाइलों में जमी धूल साफ करते नजर आये.

‘दो महीने में ऐसा माहौल तैयार करेंगे जिससे लोगों को महसूस होगा बदलाव’

गोरक्षपीठाधीश्वर मुख्यमंत्री योगी ने गोरखपुर के अपने दौरे के दौरान अपनी टीम को कर्तव्यनिष्ठा का संदेश देते हुए कहा कि जो लोग 18-20 घंटे काम करना चाहते हैं, वे ही उनके साथ रहें, बाकी लोग अपना रास्ता खुद तय कर लें. उन्होंने कहा कि वह दो महीने में ऐसा माहौल तैयार करेंगे जिससे लोगों को बदलाव महसूस होगा और उन्हें यह पता चलेगा कि सरकार कैसे चलायी जाती है.

योगी ने अपनी कैबिनेट की पहली बैठक का इंतजार किये बगैर तेजतर्रार ढंग से काम शुरू किया. अवैध बूचड़खानों पर कार्रवाई और एंटी रोमियो दलों के जरिये शोहदों पर शिकंजा कसा जाना इसका उदाहरण है. उन्होंने कानून-व्यवस्था को अपनी पहली वरीयता के तौर पर लेते हुए अपराधियों को चेतावनी दी कि वे उत्तर प्रदेश छोड़कर चले जाएं.

मुख्यमंत्री ने बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं से साफ कहा कि वे सरकारी ठेके ना लें, बल्कि विकास कार्यो की निगरानी करें. उन्होंने अपने मंत्रियों के साथ-साथ राज्य के सभी अधिकारियों को 15 दिन के अंदर अपनी सम्पत्ति का ब्यौरा देने को कहा. इसके साथ ही योगी ने राज्य की सड़कों की हालत सुधारने के लिये लोकनिर्माण विभाग को 15 दिन के अंदर राज्य की सभी सड़कों को गड्ढामुक्त करने के आदेश दिये. साथ ही आपराधिक छवि वाले ठेकेदारों को ठेके देने से रोकने के निर्देश भी दिये.Bulk Whatsapp Service provider

Source:-Abpnews