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Thursday, 27 December 2018
Tuesday, 18 December 2018
Saturday, 3 November 2018
कृषि पैदावार में मूल्यवर्धन कर कृषि क्षेत्र में आमदनी बढ़ाएं : उपराष्ट्रपति ‘कृषि क्षेत्र में अभिनव तकनीकों पर फोकस करते हुए स्मार्ट सिटी के साथ स्मार्ट विलेज भी विकसित करें’
उपराष्ट्रपति
श्री एम. वैंकेया नायडू ने कहा है कि कृषि पैदावार में मूल्यवर्धन करके
किसानों की आमदनी बढ़ाई जा सकती है। उपराष्ट्रपति आज मुम्बई में आयोजित
सटीक कृषि में शोध की सीमाओं पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘एएफआईटीए/डब्ल्यूसीसीए 2018’ के
उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। कृषि में सूचना प्रौद्योगिकी के लिए
एशिया-प्रशांत संघ, कृषि में सूचना प्रौद्योगिकी के लिए अंतरराष्ट्रीय
नेटवर्क और कृषि सूचना प्रौद्योगिकी के लिए भारतीय सोसायटी ने इस सम्मेलन
को संयुक्त रूप से आयोजित किया।
उपराष्ट्रपति
ने कहा कि किसानों को अपने कार्यकलापों में विविधता लानी चाहिए और इसके
तहत संबंधित गतिविधियों जैसे कि मत्स्य पालन, डेयरी एवं पोल्ट्री को
अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसे कृषि आमदनी का पूरक होना चाहिए।
शहरों
और गांवों के बीच बढ़ती खाई पर चिंता जताते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि
इस तरह की खाई के बने रहने से अधिकांश आबादी केवल शहरी क्षेत्रों में ही
केंद्रित रहेगी। उन्होंने कृषि क्षेत्र में अभिनव तकनीकों पर फोकस करते
हुए स्मार्ट सिटी के साथ स्मार्ट विलेज भी विकसित करने का सुझाव दिया।
उपराष्ट्रपति
ने कहा कि हमें स्मार्ट किसानों की जरूरत है जो नये ज्ञान एवं कौशल को
अपने में समाहित करने में सक्षम हो। प्रौद्योगिकी केवल शहरी क्षेत्रों तक
ही सीमित नहीं रह सकती और इसका प्रचार-प्रसार निश्चित तौर पर बड़ी तेजी से
ग्रामीण आबादी के बीच भी होना चाहिए जिससे कि किसान उससे व्यापक लाभ उठा
सकें। उन्होंने कहा कि यह बात अवश्य ही ध्यान में रखनी चाहिए कि केवल
मजबूत डिजिटल बुनियाद पड़ने पर ही पुनरुत्थान सुनिश्चित हो सकता है।
उपराष्ट्रपति
ने कहा कि भारत की डिजिटल क्रांति का प्रसार ग्रामीण क्षेत्रों में भी
अवश्य होना चाहिए जिससे कि वहां रहने वाले लोग डिजिटल उपकरणों के
इस्तेमाल से समुचित तौर पर अवगत हो सकें। उन्होंने डिजिटल एप्लीकेशंस और
अभिनव तकनीकों का इस्तेमाल कर कृषि उत्पादकता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी
सुनिश्चित करने का सुझाव दिया।
उपराष्ट्रपति
ने यह राय व्यक्त की कि अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी को अपनाने से खाद्य
सुरक्षा को बनाये रखने और आजीविका के अवसर बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में व्यापक बदलाव केवल सरकारी सहयोग से ही
संभव नहीं हो सकता है। इसके लिए बड़ी संख्या में लोगों, कृषि विज्ञान
केन्द्रों एवं कृषि अनुसंधान केन्द्रों जैसे संस्थानों और वैज्ञानिकों
को आगे आना होगा। उन्होंने किसानों को संबंधित ज्ञान एवं तकनीकों का
हस्तांतरण करने की जरूरत पर विशेष बल दिया ताकि वे इसे अमल में ला सकें।
इस
अवसर पर महाराष्ट्र के राज्यपाल श्री सी.विदयासागर राव, महाराष्ट्र के
स्कूली शिक्षा, खेल एवं युवा कल्याण, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री
श्री विनोद तावडे और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
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Thursday, 1 November 2018
परिवहन शिक्षा में सहयोग विकास के लिए भारत और रूसी संघ के बीच समझौता ज्ञापन
रेलवे के क्षेत्र में तकनीकी सहयोग पर भारत तथा संयुक्त स्टॉक कंपनी ‘रूसी रेलवे’ के बीच सहयोग ज्ञापन
प्रधानमंत्री
श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल को रूस के साथ
05 अक्टूबर, 2018 को हस्ताक्षर किए गए समझौता ज्ञापन (एमओयू) तथा एक सहयोग
ज्ञापन (एमओसी) की जानकारी दी गई।
i. परिवहन शिक्षा में सहयोग विकास के लिए रूसी संघ के परिवहन मंत्रालय के साथ समझौता ज्ञापन।
ii. रेलवे के क्षेत्र में तकनीकी सहयोग पर संयुक्त स्टॉक कंपनी ‘रूसी रेलवे’ (आरजेडडी) के साथ सहयोग ज्ञापन।
एमओयू
/ एमओसी भारतीय रेल को रेल क्षेत्र में नवीनतम विकास और ज्ञान साझा करने
का मंच प्रदान करते हैं। एमओयू / एमओसी विशेष प्रौद्योगिकी क्षेत्रों पर
फोकस करने वाले तकनीकी विशेषज्ञों, रिपोर्टों तथा तकनीकी दस्तावेजों,
प्रशिक्षण और संगोष्ठियों / कार्यशालाओं का आदान-प्रदान करने तथा ज्ञान
साझा करने में सहायता देते हैं।
एमओयू
में परिवहन शिक्षा के विकास के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सहयोग
का प्रावधान है। समझौता ज्ञापन व्यापार-आर्थिक, वैज्ञानिक-तकनीकी तथा
सांस्कृतिक सहयोग पर अंतर-सरकारी रूसी – भारतीय आयोग के ढांचे में
क्रियान्वयन सहित विशेष प्रस्तावों की तैयारी में सहायता देगा।
एमओसी निम्नलिखित क्षेत्रों में तकनीकी सहयोग में सहायता देगा
ए.
यात्री गाड़ियों की गति 200 किलोमीटर प्रतिघंटे (सेमी हाई स्पीड) बढाने के
लिए नागपुर-सिकंदराबाद सेक्शन के उन्नयन के लिए परियोजना को लागू करना।
इसमें भारतीय रेल नेटवर्क के अन्य निर्देशों सहित सेक्शन का संभावित
विस्तार शामिल है।
बी.
क्षेत्रीय स्तर, मंडलीय रेल तथा / या तथा जोनल रेलवे को जोड़ने वाले ऊपरी
नेटवर्क स्तर पर मिले-जुले यातायात के प्रबंधन के लिए एकल ट्रैफिक नियंत्रण
केन्द्र लागू करना।
सी. विशिष्ट निर्माण, संयुक्त निर्माण का संगठन तथा स्पर्धी सिग्नलिंग और इंटर-लॉकिंग प्रणाली को लागू करना।
डी. सेमी हाई स्पीड तथा इससे ऊपर के लिए टर्नआऊट स्वीचों की आपूर्ति और एकत्रीकरण।
ई.
रूसी रेल से जुड़े उच्च शिक्षा प्रतिष्ठानों की भागीदारी के साथ भारतीय
रेल के कर्मचारियों की प्रशिक्षण तथा एडवांस योग्यता सुधार।
एफ. माल ढुलाई कार्गो संचालन में श्रेष्ठ व्यवहार तथा
जी. भारत में मल्टी मॉडल टर्मिनलों का संयुक्त विकास।
पृष्ठभूमि
भारतीय
रेल ने विभिन्न विदेशी सरकारों तथा राष्ट्रीय रेलवे के साथ रेल क्षेत्र
में तकनीकी सहयोग के लिए एमओयू / एमओसी पर हस्ताक्षर किए हैं। सहयोग के
चिन्हित क्षेत्रों में उच्च गति की रेलगाड़ी, वर्तमान मार्गों की गति
बढ़ाना, विश्व स्तरीय स्टेशनों का विकास, भारी परिवहन संचालन रेल ढांचे का
आधुनिकीकरण शामिल है। यह सहयोग रेलवे टेक्नोलॉजी तथा संचालन ज्ञान का
आदान-प्रदान, तकनीकी यात्राओं, प्रशिक्षण तथा संगोष्ठियों और कार्यशालाओं
के माध्यम से परस्पर हित के क्षेत्रों में किया जाता है।
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Tuesday, 30 October 2018
Tuesday, 31 July 2018
Friday, 29 June 2018
आजम खान का तोगड़िया पर तंज, 'ताजमहल तोड़कर शिव मंदिर बना, तो मैं भी मदद करूंगा'
नई दिल्ली/रामपुर : अयोध्या में राममंदिर नहीं बनने से प्रवीण तोगड़िया की नाराजगी और नया संगठन बनाने पर समाजवादी नेता आजम खान ने तीखी टिप्पणी की है. आजम खान ने कहा जो लोग आज कानून की बात कर रहे हैं, वो ये बताएं कि क्या उस वक्त जब बाबरी मस्जिद विध्वंस हुआ था. तब कानून माना गया था और जब उस वक्त नहीं माना गया, तो अब कानून की बात क्यों? आजम खान ने कहा कि अगर ताजमहल को तोड़कर विवादित स्थल पर सीएम योगी भगवान शिव का भी मंदिर बनाएंगे. तो, दूसरा फावड़ा मैं मारूंगा. केंद्र की बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इन 4 सालों में जितनी अमानवीय घटना हुई है, उसने पूरी दुनिया की मानवता शर्मसार हुई है.
ताजमहल तोड़ने में मैं मदद कंरूगा: आजम खान
आजम खान ने कहा है कि वो गुलामी की निशानी 'ताजमहल' को तोड़ने में सीएम योगी की मदद करेंगे. आजम ने कहा, 'ताजमहल को तोड़ने के लिए पहला हथौड़ा योगी को मारना होगा. मैं अपने 10-20 हजार मुस्लिम समर्थकों को लेकर उनका साथ दूंगा.' आजम का कहना है कि उन्हें योगी ने बताया है कि ताजमहल भगवान शिव का मंदिर है. आपको बता दे कि इससे पहले भी आजम खान ताजमहल को तोड़ने की बात कर चुके हैं.
हर मुल्क में होता है सर्जिकल स्ट्राइक
सर्जिकल स्ट्राइक का वीडियो सामने आने पर आजम खान ने कहा चुनाव करीब आ गया है. इसलिए सरकार ने वीडियो सबके सामने रख दिया गया है. उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक हमेशा हर मुल्क की सरहदों पर होती है. हम कोई निराले नहीं है. ये सीक्रेट एक्शन होता है. सर्जिकल स्ट्राइक कितनी पब्लिसिटी करनी चाहिए. ये पीएम मोदी से बेहतर और कौन जानता हैं.
4 साल के हिसाब में सामने आया वीडियो
आजम खान ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ठीक चुनाव से पहले सर्जिकल स्ट्राइक का वीडियो सब के सामने लाना सरकार की रणनीति थी. उन्होंने कहा कि चुनाव आने वाले है और जनता मोदी सरकार से उनके काम के हिसाब मांगेगी. इसलिए ये वीडियो उन्होंने जारी किया.
Source:-ZEENEWS
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ताजमहल तोड़ने में मैं मदद कंरूगा: आजम खान
आजम खान ने कहा है कि वो गुलामी की निशानी 'ताजमहल' को तोड़ने में सीएम योगी की मदद करेंगे. आजम ने कहा, 'ताजमहल को तोड़ने के लिए पहला हथौड़ा योगी को मारना होगा. मैं अपने 10-20 हजार मुस्लिम समर्थकों को लेकर उनका साथ दूंगा.' आजम का कहना है कि उन्हें योगी ने बताया है कि ताजमहल भगवान शिव का मंदिर है. आपको बता दे कि इससे पहले भी आजम खान ताजमहल को तोड़ने की बात कर चुके हैं.
हर मुल्क में होता है सर्जिकल स्ट्राइक
सर्जिकल स्ट्राइक का वीडियो सामने आने पर आजम खान ने कहा चुनाव करीब आ गया है. इसलिए सरकार ने वीडियो सबके सामने रख दिया गया है. उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक हमेशा हर मुल्क की सरहदों पर होती है. हम कोई निराले नहीं है. ये सीक्रेट एक्शन होता है. सर्जिकल स्ट्राइक कितनी पब्लिसिटी करनी चाहिए. ये पीएम मोदी से बेहतर और कौन जानता हैं.
4 साल के हिसाब में सामने आया वीडियो
आजम खान ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ठीक चुनाव से पहले सर्जिकल स्ट्राइक का वीडियो सब के सामने लाना सरकार की रणनीति थी. उन्होंने कहा कि चुनाव आने वाले है और जनता मोदी सरकार से उनके काम के हिसाब मांगेगी. इसलिए ये वीडियो उन्होंने जारी किया.
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Friday, 22 June 2018
छत्तीसगढ़: मिड डे मील में बच्चों को परोसी जा रही है घुन लगी दाल और सड़ी सब्जियां
रायपुर: नया शिक्षण सत्र प्रारंभ हुए दस दिन से अधिक हो गए हैं, बावजूद स्कूलों की व्यवस्था अभी भी काफी लचर बनी हुई है. ना तो स्कूल में शिक्षक आ रहे हैं और ना ही बच्चों को मेन्यू के अनुसार मिड डे मील मिल पा रहा है. कुछ स्कूलों में जहां भोजन दिया भी जा रहा है तो वहां बच्चों को सड़ी हुई घुन लगी दाल वो भी बिना सब्जी के परोसी जा रही है. वहीं कहीं हफ्तों से सिर्फ आलू की सब्जी ही खिलाई जा रही है.
मेन्यू चार्ट के मिड डे मील में मिलावट
सरकार ने सभी स्कूलों में मेन्यू चार्ट लगवा रखा है लेकिन इस मेनू चार्ट के अनुसार बच्चों को खाना परोसा जा रहा है या नहीं इसकी खबर लेने वाला कोई नहीं है. सरकार ने हर दिन के अनुसार अलग-अलग प्रकार के पौष्टिक भोजन स्कूल में ही बनाकर खिलाने की व्यवस्था कर रखी है. छत्तीसगढ़ के पेंड्रा के सरकारी स्कूलों में शुक्रवार की थाली के अनुसार बच्चों को चावल, मिक्स दाल, पापड़, टमाटर की चटनी, पत्ता गोभी की सब्जी मिलनी चाहिए थी लेकिन जब इन स्कूलों में मीडिया की टीम पहुंची तो जो दाल बच्चों को खिलाने के लिए परोसी गई थी वह पूरी तरह घुन लगी हुई थी. रसोइया खुद ही इसे खाने योग्य नहीं होने की बात कह रहा था.
कान बंद करके बैठे हैं अधिकारी
वैसे तो व्यवस्था संचालन के लिए और उस पर नजर बनाए रखने के लिए विकासखंड कार्यालय में बीइओ, ABEO और मध्यान्ह भोजन प्रभारी नियुक्त हैं जिनकी जिम्मेदारी प्रतिदिन व्यवस्था देखने की है. खबर मिलने के बाद संबंधित शिक्षकों और समूहों को नोटिस जारी कर कार्रवाई और शीघ्र ही व्यवस्था बनाने की बात सामने आई है. छात्रों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की मंशा से सरकार ने मध्यान्ह भोजन योजना शुरू की है. इसके संचालन की जिम्मेदारी गांव के स्व सहायता समूहों को दी गई है लेकिन संचालनकर्ता समूह भी अब बच्चों की थाली से निवाला छीनने में लग गए हैं. जिम्मेदार अधिकारी मीडिया से खबर मिलने के इंतजार में बैठे है.
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Wednesday, 20 June 2018
JNU ने ‘इस्लामी आतंकवाद’ पर कोर्स से किया इनकार
नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) प्रशासन ने दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग को भेजे अपने जवाब में कहा है कि विश्वविद्यालय की अकादमिक परिषद की बैठक में ‘ इस्लामी आतंकवाद ’ पर किसी पाठ्यक्रम का प्रस्ताव नहीं किया गया है. दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष जफर - उल - इस्लाम खान ने मंगलवार को यह जानकारी दी.
उन्होंने बताया कि जेएनयू के कुलसचिव (रजिस्ट्रार) प्रमोद कुमार ने कहा कि अकादमिक परिषद की बैठक में ‘ इस्लामी आतंकवाद ’ पर कोई पाठ्यक्रम प्रस्तावित नहीं किया गया. मीडिया रिपोर्टों का संज्ञान लेते हुए आयोग ने पिछले महीने नोटिस जारी करके विश्वविद्यालय में प्रस्तावित पाठ्यक्रम को शुरू करने का कारण पूछा था.
खान ने बताया कि कुलसचिव ने आयोग को प्रस्तावित ‘ सेंटर फॉर नेशनल सिक्यूरिटी स्टडिज ’ के अवधारणा पत्र की एक प्रति भेजी है और कहा है कि जेएनयू को इस बात की जानकारी नहीं है कि किसी भारतीय या विदेशी विश्वविद्यालय में ‘ इस्लामी आतंकवाद ’ पर कोई पाठ्यक्रम पढ़ाया जाता है या नहीं. कुमार ने 18 मई को हुई 145 वीं अकादमिक परिषद की बैठक में हुई चर्चा के विवरण की एक प्रति भी आयोग को दी है जहां इसे चर्चा के लिए रखा गया था.
आयोग के अध्यक्ष ने कहा ‘जेएनयू के कुलसचिव के आश्वासन के विपरीत , अवधारणा पत्र में प्रस्तावित केंद्र के ‘ मुख्य क्षेत्रों के हिस्से के रूप में ‘ इस्लामी आतंकवाद ’ शामिल है. इन क्षेत्रों में पढ़ाने से पहले उनमें शोध करना होगा.’
उन्होंने कहा कि आयोग ने जेएनयू को फिर से पत्र लिखा है और कहा है कि प्रस्तावित केंद्र अच्छी पहल है और देश को इसकी जरूरत है लेकिन केंद्र में शोध और शिक्षण के विषय के तौर पर ‘ इस्लामी आतंकवाद ’ का विषय लाना ‘ दोषपूर्ण ’ है और यह परिसर में सांप्रदायिक सौहार्द को ‘ खराब ’ करेगा और मुसलमानों को लेकर एक गलत विचार पैदा करेगा.
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उन्होंने बताया कि जेएनयू के कुलसचिव (रजिस्ट्रार) प्रमोद कुमार ने कहा कि अकादमिक परिषद की बैठक में ‘ इस्लामी आतंकवाद ’ पर कोई पाठ्यक्रम प्रस्तावित नहीं किया गया. मीडिया रिपोर्टों का संज्ञान लेते हुए आयोग ने पिछले महीने नोटिस जारी करके विश्वविद्यालय में प्रस्तावित पाठ्यक्रम को शुरू करने का कारण पूछा था.
खान ने बताया कि कुलसचिव ने आयोग को प्रस्तावित ‘ सेंटर फॉर नेशनल सिक्यूरिटी स्टडिज ’ के अवधारणा पत्र की एक प्रति भेजी है और कहा है कि जेएनयू को इस बात की जानकारी नहीं है कि किसी भारतीय या विदेशी विश्वविद्यालय में ‘ इस्लामी आतंकवाद ’ पर कोई पाठ्यक्रम पढ़ाया जाता है या नहीं. कुमार ने 18 मई को हुई 145 वीं अकादमिक परिषद की बैठक में हुई चर्चा के विवरण की एक प्रति भी आयोग को दी है जहां इसे चर्चा के लिए रखा गया था.
आयोग के अध्यक्ष ने कहा ‘जेएनयू के कुलसचिव के आश्वासन के विपरीत , अवधारणा पत्र में प्रस्तावित केंद्र के ‘ मुख्य क्षेत्रों के हिस्से के रूप में ‘ इस्लामी आतंकवाद ’ शामिल है. इन क्षेत्रों में पढ़ाने से पहले उनमें शोध करना होगा.’
उन्होंने कहा कि आयोग ने जेएनयू को फिर से पत्र लिखा है और कहा है कि प्रस्तावित केंद्र अच्छी पहल है और देश को इसकी जरूरत है लेकिन केंद्र में शोध और शिक्षण के विषय के तौर पर ‘ इस्लामी आतंकवाद ’ का विषय लाना ‘ दोषपूर्ण ’ है और यह परिसर में सांप्रदायिक सौहार्द को ‘ खराब ’ करेगा और मुसलमानों को लेकर एक गलत विचार पैदा करेगा.
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Monday, 18 June 2018
पेट्रोल सस्ता होने का इंतजार कर रहे लोगों को झटका, जेटली ने कहा ये
नई दिल्ली : केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने पेट्रोल, डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती की संभावना को सोमवार को एक तरह से खारिज करते हुए कहा कि इस तरह का कोई भी कदम नुकसानदायक हो सकता है. साथ ही उन्होंने नागरिकों से कहा कि वे अपने हिस्से के करों का 'ईमानदारी' से भुगतान करें, जिससे पेट्रोलियम पदार्थों पर राजस्व के स्रोत के रूप में निर्भरता कम हो सके. फेसबुक पोस्ट में जेटली ने लिखा, 'सिर्फ वेतनभोगी वर्ग ही अपने हिस्से का कर अदा करता है. जबकि ज्यादातर अन्य लोगों को अपने कर भुगतान के रिकॉर्ड को सुधारने की जरूरत है. यही वजह है कि भारत अभी तक एक कर अनुपालन वाला समाज नहीं बन पाया है.'
जीडीपी अनुपात सुधरकर 11.5 प्रतिशत हुआ
जेटली ने कहा, 'मेरी राजनीतिज्ञों और टिप्पणीकारों से अपील है कि गैर - तेल कर श्रेणी में अपवंचना रुकना चाहिए. अगर लोग ईमानदारी से कर अदा करेंगे तो कराधान के लिए पेट्रोलियम उत्पादों पर निर्भरता को कम किया जा सकेगा. बहरहाल, मध्य से दीर्घावधि में राजकोषीय गणित में कोई भी बदलाव प्रतिकूल साबित हो सकता है.' उन्होंने कहा कि पिछले चार साल के दौरान केंद्र सरकार का कर - जीडीपी अनुपात 10 प्रतिशत से सुधरकर 11.5 प्रतिशत हो गया है. इसमें से करीब आधी (जीडीपी का 0.72 प्रतिशत) वृद्धि गैर- तेल कर जीडीपी अनुपात से हुई है.
जेटली ने कहा, 'उपभोक्ताओं को राहत सिर्फ राजकोषीय रूप से जिम्मेदार और वित्तीय दृष्टि से मजबूत केंद्र सरकार और वे राज्य दे सकते हैं जिनको तेल कीमतों में असामान्य बढ़ोतरी की वजह से अतिरिक्त राजस्व मिल रहा है. उन्होंने कहा कि नई प्रणाली में अनुपालन के ऊंचे स्तर के बावजूद गैर - तेल कर के मामले में भारत अभी भी कर अनुपालन वाला समाज नहीं बन पाया है.
Source:-ZEENEWS
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जीडीपी अनुपात सुधरकर 11.5 प्रतिशत हुआ
जेटली ने कहा, 'मेरी राजनीतिज्ञों और टिप्पणीकारों से अपील है कि गैर - तेल कर श्रेणी में अपवंचना रुकना चाहिए. अगर लोग ईमानदारी से कर अदा करेंगे तो कराधान के लिए पेट्रोलियम उत्पादों पर निर्भरता को कम किया जा सकेगा. बहरहाल, मध्य से दीर्घावधि में राजकोषीय गणित में कोई भी बदलाव प्रतिकूल साबित हो सकता है.' उन्होंने कहा कि पिछले चार साल के दौरान केंद्र सरकार का कर - जीडीपी अनुपात 10 प्रतिशत से सुधरकर 11.5 प्रतिशत हो गया है. इसमें से करीब आधी (जीडीपी का 0.72 प्रतिशत) वृद्धि गैर- तेल कर जीडीपी अनुपात से हुई है.
जेटली ने कहा, 'उपभोक्ताओं को राहत सिर्फ राजकोषीय रूप से जिम्मेदार और वित्तीय दृष्टि से मजबूत केंद्र सरकार और वे राज्य दे सकते हैं जिनको तेल कीमतों में असामान्य बढ़ोतरी की वजह से अतिरिक्त राजस्व मिल रहा है. उन्होंने कहा कि नई प्रणाली में अनुपालन के ऊंचे स्तर के बावजूद गैर - तेल कर के मामले में भारत अभी भी कर अनुपालन वाला समाज नहीं बन पाया है.
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Sunday, 17 June 2018
इन देशों में गधों की हो रही चोरी, वजह जानकर हो जाएंगे हैरान
नैरोबी: चीन में जिलेटिन की मांग की वजह से अफ्रीकी देशों से काला बाजारी के जरिए गधों की खाल को चीन भेजा जा रहा है. इस वजह से अफ्रीका के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है. यहां काफी संख्या में लोग कृषि कार्यों और भारी सामानों की ढुलाई के लिए गधों पर निर्भर होते हैं. हाल ही में यहां जोसेफ कामोनजो कारियूकी के तीन गधे लापता हो गए थे और बाद में इन सब के अवशेष बरामद हुए. केन्या से लेकर बुरकिनी फासो , मिस्र से लेकर नाइजीरिया तक के पशु अधिकार समूहों का कहना है कि गधे के खाल की कालाबाजारी करने वाले चीन में जेलिटिन की मांग को पूरा करने के लिए गधों को मारकर उनकी खाल को निकालते हैं.
जिलेटिन गधे की खाल से बनता है और इसका इस्तेमाल स्वास्थ्य क्षेत्र में होता है. पशु अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि चीन में गधों की संख्या में कमी आने से अब इसकी आपूर्ति अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अमेरिका से हो रही है.
बेजुबान जानवरों के खिलाफ बेरहमी करने वालों पर रहमदिल कानून
आपको बता दें कि जानवरों को चोट पहुंचाना Prevention of Cruelty to Animals Act 1960 यानी PCA Act की धारा 11 के तहत एक अपराध माना गया है.
- इसी तरह IPC की धारा 428 और 429 के तहत भी जानवरों के खिलाफ हिंसा अपराध की श्रेणी में आती है.
- आपको जानकर हैरानी होगी कि जानवरों के खिलाफ हिंसा करने वाले व्यक्ति पर अभी सिर्फ 10 रुपये लेकर 100 रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है.
- PCA Act के मुताबिक जानवरों को चोट पहुंचाने वाले व्यक्ति को पहली बार ऐसा करने पर 50 रुपये तक का जुर्माना देना पड़ता है. जबकि दूसरी बार ऐसा करने पर 100 रुपये का जुर्माना और 3 महीनें तक की कैद हो सकती है।
- आपको ये भी बता दें कि जानवरों के खिलाफ किस तरह की हिंसा को भारत का कानून अपराध मानता है. किसी भी जानवर को पीटना... उसे लात मारना...और जरूरत से ज्यादा वज़न ढोने पर मजूबर करने जैसी हरकतें PCA Act 1960 के मुताबिक कानूनन अपराध हैं।
- भारत का कानून बूढ़े और बीमार जानवर से काम लेने की इजाजत भी नहीं देता है. किसी जानवर को तकलीफ पहुंचाकर एक जगह से दूसरी जगह पर ले जाना भी अपराध है।
- किसी जानवर को जरूरत से ज्यादा छोटे पिंजरे में रखना और उसे छोटी ज़ंजीर से बांधना भी भारतीय कानून के तहत एक अपराध है.
- अगर आपके पास भी कोई पालतू जानवर है और आप उसे पर्याप्त भोजन..रहने की जगह और पीने के लिए पानी नहीं देते हैं तो भी कानून की नज़र में आप अपराधी हैं.
Source:-ZEENEWS
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जिलेटिन गधे की खाल से बनता है और इसका इस्तेमाल स्वास्थ्य क्षेत्र में होता है. पशु अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि चीन में गधों की संख्या में कमी आने से अब इसकी आपूर्ति अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अमेरिका से हो रही है.
बेजुबान जानवरों के खिलाफ बेरहमी करने वालों पर रहमदिल कानून
आपको बता दें कि जानवरों को चोट पहुंचाना Prevention of Cruelty to Animals Act 1960 यानी PCA Act की धारा 11 के तहत एक अपराध माना गया है.
- इसी तरह IPC की धारा 428 और 429 के तहत भी जानवरों के खिलाफ हिंसा अपराध की श्रेणी में आती है.
- आपको जानकर हैरानी होगी कि जानवरों के खिलाफ हिंसा करने वाले व्यक्ति पर अभी सिर्फ 10 रुपये लेकर 100 रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है.
- PCA Act के मुताबिक जानवरों को चोट पहुंचाने वाले व्यक्ति को पहली बार ऐसा करने पर 50 रुपये तक का जुर्माना देना पड़ता है. जबकि दूसरी बार ऐसा करने पर 100 रुपये का जुर्माना और 3 महीनें तक की कैद हो सकती है।
- आपको ये भी बता दें कि जानवरों के खिलाफ किस तरह की हिंसा को भारत का कानून अपराध मानता है. किसी भी जानवर को पीटना... उसे लात मारना...और जरूरत से ज्यादा वज़न ढोने पर मजूबर करने जैसी हरकतें PCA Act 1960 के मुताबिक कानूनन अपराध हैं।
- भारत का कानून बूढ़े और बीमार जानवर से काम लेने की इजाजत भी नहीं देता है. किसी जानवर को तकलीफ पहुंचाकर एक जगह से दूसरी जगह पर ले जाना भी अपराध है।
- किसी जानवर को जरूरत से ज्यादा छोटे पिंजरे में रखना और उसे छोटी ज़ंजीर से बांधना भी भारतीय कानून के तहत एक अपराध है.
- अगर आपके पास भी कोई पालतू जानवर है और आप उसे पर्याप्त भोजन..रहने की जगह और पीने के लिए पानी नहीं देते हैं तो भी कानून की नज़र में आप अपराधी हैं.
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Saturday, 16 June 2018
वाराणसी: डॉक्टरों की बड़ी लापरवाही, मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद चली गई मरीजों की आंखों की रोशनी
नई दिल्ली/वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी के मारवाड़ी अस्पताल में डॉक्टर्स की लापरवाही की वजह से कई मरीजों के आंखों की रोशनी खत्म होने की कगार पर है. जानकारी के मुताबिक, गत मंगलवार (12 जून) को 6 लोगों का मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया गया था. डॉक्टर्स ने ऑपरेशन के 24 घंटे बाद आंखों की रोशनी लौटने की बात कही थी. लेकिन, चार दिन बाद भी इनकी आंखों में रोशनी नहीं लौटी. मामला उजागर होने के बाद मरीजों के परिवारवालों ने हंगामा किया.
ऑपरेशन के 72 घंटे बाद भी जब मरीजों को कुछ भी दिखाई नहीं पड़ा तो उनके परिवारजनों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया. इसके बाद चिकित्सक के कहने पर एक निजी अस्पताल में मरीजों की जांच कराई गई. डॉक्टर सनी गुप्ता मरीजों को लेकर पहाड़िया स्थित डॉक्टर नीरज पांडेय रेटिना फाउंडेशन के यहां पहुंचे. सीटी स्कैन करने के बाद यह पता चला कि इंफेक्शन के कारण किसी की भी रोशनी नहीं आई. उन्होंने इसके लिए एक और ऑपरेशन बताया, जिसके लिए करीब 50 हजार रुपये का खर्चा भी बताया. ये जानकारी मिलने के बाद परिजन आक्रोशित हो गए और दोबारा रुपये न देने की बात कहकर हंगामा करने लगे.
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ऑपरेशन के 72 घंटे बाद भी जब मरीजों को कुछ भी दिखाई नहीं पड़ा तो उनके परिवारजनों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया. इसके बाद चिकित्सक के कहने पर एक निजी अस्पताल में मरीजों की जांच कराई गई. डॉक्टर सनी गुप्ता मरीजों को लेकर पहाड़िया स्थित डॉक्टर नीरज पांडेय रेटिना फाउंडेशन के यहां पहुंचे. सीटी स्कैन करने के बाद यह पता चला कि इंफेक्शन के कारण किसी की भी रोशनी नहीं आई. उन्होंने इसके लिए एक और ऑपरेशन बताया, जिसके लिए करीब 50 हजार रुपये का खर्चा भी बताया. ये जानकारी मिलने के बाद परिजन आक्रोशित हो गए और दोबारा रुपये न देने की बात कहकर हंगामा करने लगे.
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Thursday, 14 June 2018
महाराष्ट्र: दलित लड़कों को कुएं में नहाने पर मिली सजा, बेल्ट से पीटा, गांव में निर्वस्त्र घुमाया
नई दिल्ली/मुंबई : महाराष्ट्र के जलगांव जिले के वाकाड़ी गांव से शर्मनाक घटना सामने आई है. यहां तीन दलित लड़कों को गांव के कुएं में नहाने पर गाववालों द्वारा पीटा गया और उन्हें निवस्त्र कर गांव में घुमाया गया. यह घटना बीते रविवार यानी 10 जून की है, लेकिन इसकी जानकारी एक वीडियो के वायरल होने के बाद सामने आई. महाराष्ट्र के सामाजिक न्याय मंत्री दिलीप कांब्ले ने मामले के बारे में कहा कि अब तक दो लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है और इस मामले की जांच की जा रही है.
वहीं, राजस्व राज्यमंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि मामले में एससी/एसटी एक्ट के तहत कड़े कदम उठाए जाएंगे. उन्होंने कहा, इस तरह के मामलों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. इंडियन एक्स्प्रेस की खबर के मुताबिक, तीनों दलित लड़के भीषण गर्मी के कारण कुंए में तैरने गए थे, लेकिन कुछ गांववालों ने उन्हें देख लिया और उन्हें कुंए से बाहर निकाल लिया, जिसके बाद गांव वालों ने मिलकर उन्हें चमड़े की बेल्ट से बुरी तरह पीटा और उन्हें निवस्त्र कर पूरे गांव में घुमाया, जिसके बाद इन लड़कों के परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई.
मामले पर केंद्रीय समाज कल्याण मंत्री रामदास आठवले ने कहा, सरकार को इम मामले में कड़े एक्शन लेने चाहिए और जिन लोगों ने लड़कों के साथ ऐसा बर्ताव करने वालें लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए. वहीं, बीजेपी नेता एकनाथ खड़से, गुजरात दलित नेता जिग्नेश मेवानी, महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रेसिडेंट अशोक चव्हाण और पूर्व राज्यमंत्री लक्ष्मण ढोबाले ने भी घटना की कड़ी निंदा की और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की.
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वहीं, राजस्व राज्यमंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि मामले में एससी/एसटी एक्ट के तहत कड़े कदम उठाए जाएंगे. उन्होंने कहा, इस तरह के मामलों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. इंडियन एक्स्प्रेस की खबर के मुताबिक, तीनों दलित लड़के भीषण गर्मी के कारण कुंए में तैरने गए थे, लेकिन कुछ गांववालों ने उन्हें देख लिया और उन्हें कुंए से बाहर निकाल लिया, जिसके बाद गांव वालों ने मिलकर उन्हें चमड़े की बेल्ट से बुरी तरह पीटा और उन्हें निवस्त्र कर पूरे गांव में घुमाया, जिसके बाद इन लड़कों के परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई.
मामले पर केंद्रीय समाज कल्याण मंत्री रामदास आठवले ने कहा, सरकार को इम मामले में कड़े एक्शन लेने चाहिए और जिन लोगों ने लड़कों के साथ ऐसा बर्ताव करने वालें लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए. वहीं, बीजेपी नेता एकनाथ खड़से, गुजरात दलित नेता जिग्नेश मेवानी, महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रेसिडेंट अशोक चव्हाण और पूर्व राज्यमंत्री लक्ष्मण ढोबाले ने भी घटना की कड़ी निंदा की और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की.
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Wednesday, 13 June 2018
छत्तीसगढ़: PM मोदी आज पहुंचेंगे भिलाई, ऐसा रहेगा कार्यक्रम, इन योजनाओं का करेंगे शुभारंभ
भिलाई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (14 जून) को भिलाई दौरे पर छत्तीसगढ़ पहुंच रहे हैं. कार्यक्रम की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ राज्य के भिलाई शहर में पीएम मोदी के कार्यक्रम का शेड्यूल पहले ही जारी कर दिया था.
ऐसा रहेगा पीएम का शेड्यूल
पीएम मोदी 8.40 बजे इंडियन एयरफोर्स के विमान से रायपुर के लिये रवाना होंगे. पीएम मोदी 10.20 बजे रायपुर एयरपोर्ट पहुचेंगे. 10.25 बजे एयरपोर्ट से सड़क मार्ग से नया रायपुर के लिए रवाना होंगे. 10.40 बजे नया रायपुर के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेन्टर पहुचेंगे. पीएम मोदी सेंटर का उद्घाटन करने के बाद 20 मिनट बिल्डिंग की सुविधाओं का अवलोकन करेंगे.
12 बजे पहुंचेंगे भिलाई
पीएम मोदी 11.05 बजे नया रायपुर से रवाना होकर 11.15 बजे ट्रिपल आईटी हेलीपैड पहुचेंगे. 11.20 बजे पीएम मोदी हेलीकाप्टर से भिलाई के लिए रवाना होंगे. 11.40 बजे भिलाई हेलिपैड पहुंंचने के बाद 11.55 बजे भिलाई स्टील प्लांट पहुंचेंगे. पीएम मोदी 11.55 बजे से 12.15 बजे तक भिलाई स्टील प्लांट का निरीक्षण करेंगे. पीएम मोदी 12.20 बजे प्लांट से रवाना होकर 12.30 बजे जयन्ति स्टेडियम पहुंचेंगे. 2.30 बजे रायपुर पहुचकर दिल्ली एयरफोर्स के विमान से वापसी करेंगे.
आईआईटी की रखेंगे आधारशिला
स्वागत भाषण के बाद 12.48 से 13.08 बजे तक पीएम विभिन्न कार्यक्रमों को लोकार्पण करेंगे. सबसे पहले मंच पर ही टीवी स्क्रीन के माध्यम से डेवलपमेंट और छत्तीसगढ़ विकास यात्रा का शो होगा. इसके बाद भिलाई इस्पात संयंत्र की विस्तार परियोजना को देश को समर्पित करेंगे. इसी बीच आईआईटी की आधारशिला रखेंगे और भारत नेट फेस-टू योजना का शुभारंभ भी करेंगे. जगदलपुर से रायपुर के बीच वायु सेवा का शुभारंभ वीडियो लिंक से करेंगे.
लैपटॉप, सर्टिफिकेट और चेक वितरण
पीएम मोदी मंच पर ही हितग्राहियों को लैपटॉप, सर्टिफिकेट और चेक वितरण करेंगे. इनमें सूचना क्रांति योजना के तहत (पांच हितग्राही) को लैपटॉप, प्रधानमंत्री मातृत्व योजना (एक हितग्राही) प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (एक हितग्राही) मुद्रा योजना (दो हितग्राही) मुख्यमंत्री आबादी पट्टा (दो हितग्राही) ई-रिक्शा (एक हितग्राही) प्रधानमंत्री बीमा योजना का चेक (दो हितग्राही) को वितरण करेंगे. पीएम मोदी 13.08 मिनट से 13.43 मिनट तक सभा को संबोधित करेंगे. संबोधन के बाद उन्हें मोमेंटो भेंट किए जाएंगे और पीएम मोदी 13.45 को यहां से प्रस्थान करेंगे.
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ऐसा रहेगा पीएम का शेड्यूल
पीएम मोदी 8.40 बजे इंडियन एयरफोर्स के विमान से रायपुर के लिये रवाना होंगे. पीएम मोदी 10.20 बजे रायपुर एयरपोर्ट पहुचेंगे. 10.25 बजे एयरपोर्ट से सड़क मार्ग से नया रायपुर के लिए रवाना होंगे. 10.40 बजे नया रायपुर के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेन्टर पहुचेंगे. पीएम मोदी सेंटर का उद्घाटन करने के बाद 20 मिनट बिल्डिंग की सुविधाओं का अवलोकन करेंगे.
12 बजे पहुंचेंगे भिलाई
पीएम मोदी 11.05 बजे नया रायपुर से रवाना होकर 11.15 बजे ट्रिपल आईटी हेलीपैड पहुचेंगे. 11.20 बजे पीएम मोदी हेलीकाप्टर से भिलाई के लिए रवाना होंगे. 11.40 बजे भिलाई हेलिपैड पहुंंचने के बाद 11.55 बजे भिलाई स्टील प्लांट पहुंचेंगे. पीएम मोदी 11.55 बजे से 12.15 बजे तक भिलाई स्टील प्लांट का निरीक्षण करेंगे. पीएम मोदी 12.20 बजे प्लांट से रवाना होकर 12.30 बजे जयन्ति स्टेडियम पहुंचेंगे. 2.30 बजे रायपुर पहुचकर दिल्ली एयरफोर्स के विमान से वापसी करेंगे.
आईआईटी की रखेंगे आधारशिला
स्वागत भाषण के बाद 12.48 से 13.08 बजे तक पीएम विभिन्न कार्यक्रमों को लोकार्पण करेंगे. सबसे पहले मंच पर ही टीवी स्क्रीन के माध्यम से डेवलपमेंट और छत्तीसगढ़ विकास यात्रा का शो होगा. इसके बाद भिलाई इस्पात संयंत्र की विस्तार परियोजना को देश को समर्पित करेंगे. इसी बीच आईआईटी की आधारशिला रखेंगे और भारत नेट फेस-टू योजना का शुभारंभ भी करेंगे. जगदलपुर से रायपुर के बीच वायु सेवा का शुभारंभ वीडियो लिंक से करेंगे.
लैपटॉप, सर्टिफिकेट और चेक वितरण
पीएम मोदी मंच पर ही हितग्राहियों को लैपटॉप, सर्टिफिकेट और चेक वितरण करेंगे. इनमें सूचना क्रांति योजना के तहत (पांच हितग्राही) को लैपटॉप, प्रधानमंत्री मातृत्व योजना (एक हितग्राही) प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (एक हितग्राही) मुद्रा योजना (दो हितग्राही) मुख्यमंत्री आबादी पट्टा (दो हितग्राही) ई-रिक्शा (एक हितग्राही) प्रधानमंत्री बीमा योजना का चेक (दो हितग्राही) को वितरण करेंगे. पीएम मोदी 13.08 मिनट से 13.43 मिनट तक सभा को संबोधित करेंगे. संबोधन के बाद उन्हें मोमेंटो भेंट किए जाएंगे और पीएम मोदी 13.45 को यहां से प्रस्थान करेंगे.
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Tuesday, 12 June 2018
G7 summit photo shared by Angela Merkel with Donald Trump sparks laugh riot on Twitter
WASHINGTON: A photo shared by German Chancellor Angela Merkel during the Group of Seven (G7) summit in Canada has sent Twitter in splits. Out of a hundred photos taken at the summit, the one posted by Merkel shows her staring down US President Donald Trump while standing behind a table with both hands pressed firmly into its surface atop some documents.
Merkel captioned the picture: "Day two of the G-7 summit in Canada: spontaneous meeting between two working sessions." With a neutral expression, she can be seen staring directly at President Trump, who sits on the other side of the table.
The photo shared on her Instagram account has invited hilarious captions and memes on social media with many calling it an 'iconic photo' of the summit. Merkel and Trump are also surrounded by a slew of other leaders, including Japanese Prime Minister Shinzo Abe and U.S. national security adviser John Bolton.
The topics that were brought up during lunch -- economic outlooks and artificial intelligence -- are not the most controversial of the summit, as opposed to the issues of trade, climate change and Russia, which had caused tensions to rise.
On the first day of the summit, which is being held in Canada's La Malbaie, Trump pitched the idea of discarding all tariffs and trade barriers between the US and its G-7 allies. Trump will not attend the second day of the two-day summit on account of preparing for the 'historic' summit of him and North Korean leader Kim Jong Un to be held in Singapore on 12 June.
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Merkel captioned the picture: "Day two of the G-7 summit in Canada: spontaneous meeting between two working sessions." With a neutral expression, she can be seen staring directly at President Trump, who sits on the other side of the table.
The photo shared on her Instagram account has invited hilarious captions and memes on social media with many calling it an 'iconic photo' of the summit. Merkel and Trump are also surrounded by a slew of other leaders, including Japanese Prime Minister Shinzo Abe and U.S. national security adviser John Bolton.
The topics that were brought up during lunch -- economic outlooks and artificial intelligence -- are not the most controversial of the summit, as opposed to the issues of trade, climate change and Russia, which had caused tensions to rise.
On the first day of the summit, which is being held in Canada's La Malbaie, Trump pitched the idea of discarding all tariffs and trade barriers between the US and its G-7 allies. Trump will not attend the second day of the two-day summit on account of preparing for the 'historic' summit of him and North Korean leader Kim Jong Un to be held in Singapore on 12 June.
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Monday, 11 June 2018
EXCLUSIVE : लोकसभा चुनाव का मुद्दा सिर्फ नरेंद्र मोदी होंगे- जयराम रमेश
नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने राहुल गांधी के अध्यक्ष बनने के बाद कांग्रेस में आए बदलाव और 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी की रणनीति पर जी न्यूज डिजिटल के ओपीनियन एडिटर पीयूष बबेले से लंबी बातचीत की. रमेश ने कहा कि नरेंद्र मोदी को सत्ता से हटाने के लिए जो भी त्याग करना पड़ेगा, उसके लिए कांग्रेस तैयार है. संभावित गठबंधन सहायोगियों से लेकर कांग्रेस की गलतियों और भविष्य की रणनीति पर उन्होंने बेबाकी से अपनी बात रखी. यहां पेश हैं इंटरव्यू के खास अंश:
सवाल: राहुल गांधी को कांग्रेस अध्यक्ष बने पांच महीने हो गए हैं, इस दौरान कांग्रेस में कौन से खास बदलाव आए हैं?
जवाब: राहुल गांधी ने अध्यक्ष बनने के बाद कांग्रेस अधिवेशन में कहा था कि पार्टी में बुजुर्ग और नौजवान दोनों को जगह मिलेगी, लेकिन अगर उनके अध्यक्ष बनने के बाद की नियुक्तियां देखें तो सचिव और दूसरे प्रमुख पदों पर युवाओं को बड़ी संख्या में जगह दी जा रही है. यह कांग्रेस में आया वह बदलाव है जिसक मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी.
दूसरा बदलाव आपने कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद देखा होगा. इस बार मणिपुर, गोवा या अरुणाचल प्रदेश की तरह पार्टी ने देर नहीं लगाई और विपक्ष के किसी फैसले से पहले कांग्रेस हाईकमान ने फैसले किए. अगर पहले की तरह फैसले लिए जाते तो कर्नाटक कांग्रेस के हाथ से निकल सकता था. कर्नाटक हमारे पास रहना बहुत जरूरी था, वरना कांग्रेस सिर्फ तीन राज्यों में सिमटकर रह जाती. कांग्रेस ने न सिर्फ तेजी से फैसला लिया, बल्कि बड़ा दिल भी दिखाया. छोटी पार्टी होने के बावजूद जेडीएस को मुख्यमंत्री का पद बिना शर्त ऑफर किया और बाद में वित्त मंत्री का पद भी दिया. यह सब इतनी तेजी से हुआ कि मेरे जैसे पुराने कांग्रेसियों को यकीन ही नहीं हुआ कि यह कांग्रेस पार्टी ही है, या कोई दूसरी पार्टी.
सवाल: तो यह समझा जाए कि सोनिया गांधी की अध्यक्षता में फैसले देरी से होते थे, राहुल ने वह तरीका बदला है?
जवाब: इस तरह की तुलना ठीक नहीं है. अगर आप देखें तो सोनिया जी की उम्र और राहुल जी की उम्र में 25 साल का फर्क है. यह एक पीढ़ी का बदलाव है, जनरेशन चेन्ज है. तेजी से होते फैसलों में पीढ़ी का यही बदलाव दिख रहा है. कांग्रेस के लिए यह बहुत अच्छा है.
सवाल: आप गठबंधन की बात कर रहे हैं, आपको कहां-कहां गठबंधन की संभावना दिख रही है?
जवाब: यूपी से ही शुरू करें, तो पहले गोरखपुर-फूलपुर और अब कैराना तीनों जगह गठबंधन का असर दिख रहा है. यूपी में सपा, बसपा, रालोद और कांग्रेस मिलकर चुनाव लड़ेंगी. बिहार में राष्ट्रीय जनता दल के साथ गठबंधन पहले से ही है, इसमें एक-दो दल और आ सकते हैं. झारखंड में हम जेएमएम और जेवीएम दोनों को साथ लाएंगे. महाराष्ट्र में एनसीपी के साथ लड़ेंगे. केरल में पहले से गठबंधन है. कर्नाटक में जेडीएस के साथ समझौता हो चुका है. तेलंगाना में भी गठबंधन होगा. पश्चिम बंगाल में भी गठबंधन होगा. राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में बसपा के साथ तालमेल की उम्मीद है. ये तो चुनाव पूर्व के गठबंधन हैं. चुनाव के बाद भी तो गठबंधन होंगे.
सवाल: राहुल गांधी को कांग्रेस अध्यक्ष बने पांच महीने हो गए हैं, इस दौरान कांग्रेस में कौन से खास बदलाव आए हैं?
जवाब: राहुल गांधी ने अध्यक्ष बनने के बाद कांग्रेस अधिवेशन में कहा था कि पार्टी में बुजुर्ग और नौजवान दोनों को जगह मिलेगी, लेकिन अगर उनके अध्यक्ष बनने के बाद की नियुक्तियां देखें तो सचिव और दूसरे प्रमुख पदों पर युवाओं को बड़ी संख्या में जगह दी जा रही है. यह कांग्रेस में आया वह बदलाव है जिसक मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी.
दूसरा बदलाव आपने कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद देखा होगा. इस बार मणिपुर, गोवा या अरुणाचल प्रदेश की तरह पार्टी ने देर नहीं लगाई और विपक्ष के किसी फैसले से पहले कांग्रेस हाईकमान ने फैसले किए. अगर पहले की तरह फैसले लिए जाते तो कर्नाटक कांग्रेस के हाथ से निकल सकता था. कर्नाटक हमारे पास रहना बहुत जरूरी था, वरना कांग्रेस सिर्फ तीन राज्यों में सिमटकर रह जाती. कांग्रेस ने न सिर्फ तेजी से फैसला लिया, बल्कि बड़ा दिल भी दिखाया. छोटी पार्टी होने के बावजूद जेडीएस को मुख्यमंत्री का पद बिना शर्त ऑफर किया और बाद में वित्त मंत्री का पद भी दिया. यह सब इतनी तेजी से हुआ कि मेरे जैसे पुराने कांग्रेसियों को यकीन ही नहीं हुआ कि यह कांग्रेस पार्टी ही है, या कोई दूसरी पार्टी.
सवाल: तो यह समझा जाए कि सोनिया गांधी की अध्यक्षता में फैसले देरी से होते थे, राहुल ने वह तरीका बदला है?
जवाब: इस तरह की तुलना ठीक नहीं है. अगर आप देखें तो सोनिया जी की उम्र और राहुल जी की उम्र में 25 साल का फर्क है. यह एक पीढ़ी का बदलाव है, जनरेशन चेन्ज है. तेजी से होते फैसलों में पीढ़ी का यही बदलाव दिख रहा है. कांग्रेस के लिए यह बहुत अच्छा है.
सवाल: आप गठबंधन की बात कर रहे हैं, आपको कहां-कहां गठबंधन की संभावना दिख रही है?
जवाब: यूपी से ही शुरू करें, तो पहले गोरखपुर-फूलपुर और अब कैराना तीनों जगह गठबंधन का असर दिख रहा है. यूपी में सपा, बसपा, रालोद और कांग्रेस मिलकर चुनाव लड़ेंगी. बिहार में राष्ट्रीय जनता दल के साथ गठबंधन पहले से ही है, इसमें एक-दो दल और आ सकते हैं. झारखंड में हम जेएमएम और जेवीएम दोनों को साथ लाएंगे. महाराष्ट्र में एनसीपी के साथ लड़ेंगे. केरल में पहले से गठबंधन है. कर्नाटक में जेडीएस के साथ समझौता हो चुका है. तेलंगाना में भी गठबंधन होगा. पश्चिम बंगाल में भी गठबंधन होगा. राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में बसपा के साथ तालमेल की उम्मीद है. ये तो चुनाव पूर्व के गठबंधन हैं. चुनाव के बाद भी तो गठबंधन होंगे.
मंदिर में आरती जगह हुआ रोजा इफ्तार, महंत की इस पहल की हो रही सराहना
लखनऊ: प्रसिद्ध मनकामेश्वर मंदिर में रविवार को सांप्रदायिक सौहार्द्र और हिंदू-मुस्लिम एकता की नई मिसाल देखने को मिली. यूं तो इस मंदिर में हर शाम को आरती होती है, लेकिन रविवार की शाम को आरती के साथ यहां रोजा इफ्तार का आयोजन किया गया. यह आयोजन सामाजिक भाई-चारा स्थापित करने के लिए किया गया था. मनकामेश्वर मंदिर की महंत दिव्या गिरी ने राजधानी में पहली बार रोजा इफ्तार का एहतिमाम किया.
जहां मुल्क में एक तरफ फ़िरक़ा परस्त ताकते लोगों को बांटने की नाकाम कोशिशे जाऱी किये हैं तो दूसरी तरफ लखनऊ में हिन्दू मुस्लिम एकता की मिसाल पेश करते हुए मनकामेश्वर मंदिर की महंत दिव्या गिरी ने राजधानी में पहली बार रोजा इफ्तार का एहतिमाम किया. इसमें बड़ी तादाद में सभी मज़हबों के लोगों ने शिरकत की. यही नहीं मनकामेश्वर मठ के आरती की जगहा रोज़ा इफ्तार के बाद मुसलमानों ने नमाज़ अदा कर मुल्क में अमनो चैन की दुआ मांगी.
लखनऊ में पहली बार ऐसा हुआ जब एक महंत ने रोज़ा अफ्तार का एहतिमाम किया रोज़ा इफ्तार का एहतिमाम करने वाली महंत दिव्य गिरी ने कहा कि जिस तरह से दिखाया जाता है समाज में, लेकिन मन में कोई भेदभाव हम लोगों में नहीं है. रोजा इफ्तार सब लोगों को करना चाहिए. जब वह लोग बड़े मंगल पर प्रसाद तक़सीम कर सकते हैं तो हम लोग रोजा इफतार क्यों नहीं कर सकते.
नवाब मीर जाफर अब्दुल्लाह ने कहा कि मनकामेश्वर मंदिर की महंत दिव्यागिरी ने इस अफ्तार से गंगा जमुनी तहजीब का प्रैक्टिकल नमूना पेश किया गया है. गोमती किनारे इस तरह के प्रोग्राम का किया जाना बेहतरीन क़दम है. लोग बातें तो बहुत करते हैं, लेकिन अमल बहुत कम लोग करते हैं, यह दुनिया के लिए एक मिसाल होगी, जो समाज को बांटने और इंसानियत को बांटने की बात करते हैं. उनके लिए बहुत बड़ा तमाचा है.
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जहां मुल्क में एक तरफ फ़िरक़ा परस्त ताकते लोगों को बांटने की नाकाम कोशिशे जाऱी किये हैं तो दूसरी तरफ लखनऊ में हिन्दू मुस्लिम एकता की मिसाल पेश करते हुए मनकामेश्वर मंदिर की महंत दिव्या गिरी ने राजधानी में पहली बार रोजा इफ्तार का एहतिमाम किया. इसमें बड़ी तादाद में सभी मज़हबों के लोगों ने शिरकत की. यही नहीं मनकामेश्वर मठ के आरती की जगहा रोज़ा इफ्तार के बाद मुसलमानों ने नमाज़ अदा कर मुल्क में अमनो चैन की दुआ मांगी.
लखनऊ में पहली बार ऐसा हुआ जब एक महंत ने रोज़ा अफ्तार का एहतिमाम किया रोज़ा इफ्तार का एहतिमाम करने वाली महंत दिव्य गिरी ने कहा कि जिस तरह से दिखाया जाता है समाज में, लेकिन मन में कोई भेदभाव हम लोगों में नहीं है. रोजा इफ्तार सब लोगों को करना चाहिए. जब वह लोग बड़े मंगल पर प्रसाद तक़सीम कर सकते हैं तो हम लोग रोजा इफतार क्यों नहीं कर सकते.
नवाब मीर जाफर अब्दुल्लाह ने कहा कि मनकामेश्वर मंदिर की महंत दिव्यागिरी ने इस अफ्तार से गंगा जमुनी तहजीब का प्रैक्टिकल नमूना पेश किया गया है. गोमती किनारे इस तरह के प्रोग्राम का किया जाना बेहतरीन क़दम है. लोग बातें तो बहुत करते हैं, लेकिन अमल बहुत कम लोग करते हैं, यह दुनिया के लिए एक मिसाल होगी, जो समाज को बांटने और इंसानियत को बांटने की बात करते हैं. उनके लिए बहुत बड़ा तमाचा है.
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Friday, 8 June 2018
'उत्तर कोरिया चाहता है परमाणु हथियारों से दूरी, अमेरिका से जाहिर की अपनी ख्वाहिश'
वॉशिंगटन: अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने कहा है कि उत्तर कोरिया ने परमाणु निरस्त्रीकरण करने की अपनी इच्छा की पुष्टि अमेरिका से की है. साथ ही पोम्पिओ ने इस बात पर जोर दिया कि 12 जून को सिंगापुर में होने वाली बैठक के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप किसी ‘‘खराब सौदे’’ पर राजी नहीं होंगे.
विदेश मंत्री का कहना है कि डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग - उन के बीच बैठक के दौरान होने वाले किसी भी समझौते को पुष्टि के लिए कांग्रेस के समक्ष रखा जाएगा. समझौते पर संसद की मंजूरी इसलिए मांगी जाएगी ताकि भविष्य में आने वाली सरकारें उसे पलट ना सकें.
व्हाइट हाउस के संवाददाता सम्मेलन में पोम्पिओ ने कहा, ‘‘बैठक की तैयारियों के लिए अमेरिका और उत्तर कोरिया सीधी बातचीत कर रहे हैं. उत्तर कोरिया ने परमाणु निरस्त्रीकरण पर अपनी इच्छा की अमेरिका से पुष्टि भी की है. ’’ उन्होंने कहा कि ट्रंप इस संबंध में प्रत्येक सूचना पर करीब से नजर रख रहे हैं और अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम से रोजाना इस संबंध में जानकारी लेते हैं.
उत्तर कोरिया को शिखर वार्ता से पहले राजनीतिक कैदियों को रिहा करना चाहिए : विशेषज्ञ
वहीं दूसरी ओर संयुक्त राष्ट्र के एक विशेषज्ञ ने कहा है कि अमेरिका के साथ परमाणु निरस्त्रीकरण वार्ता से पहले उत्तर कोरिया को राजनीतिक कैदियों की रिहाई प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए और उसे विश्व निकाय के साथ मिलकर मानवाधिकार के क्षेत्र में काम करना चाहिए. पिछले महीने उत्तर कोरिया की ओर से तीन अमेरिकी नागरिकों को रिहा किये जाने का स्वागत करते हुए डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कोरिया (डीपीआरके) में मानवाधिकार स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत तोमस ओजिया क्विंताना ने यह टिप्पणी की.
डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कोरिया (डीपीआरके) उत्तर कोरिया का आधिकारिक नाम है. जिनेवा में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान क्विंताना ने उत्तर कोरिया में मनमाने तरीके से कैद किये गए लोगों की रिहाई के बारे में शासन को ठोस संकेत देने की अपील की.
क्विंताना ने कहा, ‘‘यह एक क्रमिक प्रक्रिया हो सकती है. ऐसा नहीं, कि मैं कह रहा हूं कि आप इन सभी कारागारों खोल दें और कैदियों को रिहा कर दीजिए क्योंकि मैं एक जिम्मेदार विशेषज्ञ हूं. मैं यह कह रहा हूं कि अमेरिकी कैदियों की रिहाई के बाद एक क्रमिक प्रक्रिया शुरू करने की जरूरत है.’’ उत्तर कोरिया में कैद किये गए राजनीतिक कैदियों की संख्या के बारे में जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है लेकिन ऐसा अनुमान है कि इसकी संख्या 80 हजार से अधिक है.
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विदेश मंत्री का कहना है कि डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग - उन के बीच बैठक के दौरान होने वाले किसी भी समझौते को पुष्टि के लिए कांग्रेस के समक्ष रखा जाएगा. समझौते पर संसद की मंजूरी इसलिए मांगी जाएगी ताकि भविष्य में आने वाली सरकारें उसे पलट ना सकें.
व्हाइट हाउस के संवाददाता सम्मेलन में पोम्पिओ ने कहा, ‘‘बैठक की तैयारियों के लिए अमेरिका और उत्तर कोरिया सीधी बातचीत कर रहे हैं. उत्तर कोरिया ने परमाणु निरस्त्रीकरण पर अपनी इच्छा की अमेरिका से पुष्टि भी की है. ’’ उन्होंने कहा कि ट्रंप इस संबंध में प्रत्येक सूचना पर करीब से नजर रख रहे हैं और अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम से रोजाना इस संबंध में जानकारी लेते हैं.
उत्तर कोरिया को शिखर वार्ता से पहले राजनीतिक कैदियों को रिहा करना चाहिए : विशेषज्ञ
वहीं दूसरी ओर संयुक्त राष्ट्र के एक विशेषज्ञ ने कहा है कि अमेरिका के साथ परमाणु निरस्त्रीकरण वार्ता से पहले उत्तर कोरिया को राजनीतिक कैदियों की रिहाई प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए और उसे विश्व निकाय के साथ मिलकर मानवाधिकार के क्षेत्र में काम करना चाहिए. पिछले महीने उत्तर कोरिया की ओर से तीन अमेरिकी नागरिकों को रिहा किये जाने का स्वागत करते हुए डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कोरिया (डीपीआरके) में मानवाधिकार स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत तोमस ओजिया क्विंताना ने यह टिप्पणी की.
डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कोरिया (डीपीआरके) उत्तर कोरिया का आधिकारिक नाम है. जिनेवा में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान क्विंताना ने उत्तर कोरिया में मनमाने तरीके से कैद किये गए लोगों की रिहाई के बारे में शासन को ठोस संकेत देने की अपील की.
क्विंताना ने कहा, ‘‘यह एक क्रमिक प्रक्रिया हो सकती है. ऐसा नहीं, कि मैं कह रहा हूं कि आप इन सभी कारागारों खोल दें और कैदियों को रिहा कर दीजिए क्योंकि मैं एक जिम्मेदार विशेषज्ञ हूं. मैं यह कह रहा हूं कि अमेरिकी कैदियों की रिहाई के बाद एक क्रमिक प्रक्रिया शुरू करने की जरूरत है.’’ उत्तर कोरिया में कैद किये गए राजनीतिक कैदियों की संख्या के बारे में जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है लेकिन ऐसा अनुमान है कि इसकी संख्या 80 हजार से अधिक है.
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Thursday, 7 June 2018
मप्र: तेज बारिश में आकाशीय बिजली गिरने से 8 लोगों की मौत, नौ घायल
भोपाल: मानसून के दस्तक के बीच पूरे देश के कई राज्यों में आंधी-बारिश की चेतावनी जारी कर दी गई है. मध्यप्रदेश में भी बुधवार रात मौसम ने करवट बदली और कई जगह तेज बारिश के साथ गर्मी से राहत मिली. लेकिन इसी बारिश में आकाशीय बिजली गिरने से प्रदेश के कई हिस्सों में मौतें हुईं और कई लोग घायल हो गए.
बुधवार दोपहर करीब 3 बजे अमिलिया थानांतर्गत ग्राम हिनौती में तेज बारिश हुई जिससे बचने के लिए गांव के पांच लोग आम के पेड़ के नीचे रुक गए तभी अचानक आकाशीय बिजली गिरने से उसकी चपेट में आने से प्रदीप पटेल पिता शिवकुमार पटेल उम्र 32 वर्ष निवासी हिनौती और सुनीता उर्फ़ सुधा पिता सूर्य लाल सिंह उम्र 16 वर्ष निवासी हनुमना रीवा महादेवा की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई और तीन लोग गम्भीर रूप से घायल हो गए. वही मझौली के महू हरिया गांव में भी आकाशीय बिजली गिरने से एक अज्ञात व्यक्ति की मौत हो गई.
दूसरी तरफ रीवा जिले के नईगढ़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले माडौ गांव में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से आदिवासी परिवार के 6 लोग गंभीर रूप से हुए घायल हो गए. सभी का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नईगढ़ी में चल रहा है.
प्रदेश के सतना जिले के अलग-अलग क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने से चार लोगों की मौत हो गयी. पहली घटना बरौंधा थाने के पडरी गांव में आम तोड़ते समय तेज तूफानी बारिश के साथ बिजली गिरने से 60 वर्षीय सिपाहीलाल वर्मा और 20 वर्षीय दिलीप वर्मा की मौत हो गई. दूसरी घटना सभापुर थाने के पिपरी टोला की है, जहां खेत मे काम करते समय आकाशीय बिजली गिरने से पति पत्नी की मौत ही गई. चारों लाशों का पोस्टमार्टम करके पुलिस ने उन्हें परिजनों को सौंप दिया है.
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बुधवार दोपहर करीब 3 बजे अमिलिया थानांतर्गत ग्राम हिनौती में तेज बारिश हुई जिससे बचने के लिए गांव के पांच लोग आम के पेड़ के नीचे रुक गए तभी अचानक आकाशीय बिजली गिरने से उसकी चपेट में आने से प्रदीप पटेल पिता शिवकुमार पटेल उम्र 32 वर्ष निवासी हिनौती और सुनीता उर्फ़ सुधा पिता सूर्य लाल सिंह उम्र 16 वर्ष निवासी हनुमना रीवा महादेवा की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई और तीन लोग गम्भीर रूप से घायल हो गए. वही मझौली के महू हरिया गांव में भी आकाशीय बिजली गिरने से एक अज्ञात व्यक्ति की मौत हो गई.
दूसरी तरफ रीवा जिले के नईगढ़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले माडौ गांव में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से आदिवासी परिवार के 6 लोग गंभीर रूप से हुए घायल हो गए. सभी का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नईगढ़ी में चल रहा है.
प्रदेश के सतना जिले के अलग-अलग क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने से चार लोगों की मौत हो गयी. पहली घटना बरौंधा थाने के पडरी गांव में आम तोड़ते समय तेज तूफानी बारिश के साथ बिजली गिरने से 60 वर्षीय सिपाहीलाल वर्मा और 20 वर्षीय दिलीप वर्मा की मौत हो गई. दूसरी घटना सभापुर थाने के पिपरी टोला की है, जहां खेत मे काम करते समय आकाशीय बिजली गिरने से पति पत्नी की मौत ही गई. चारों लाशों का पोस्टमार्टम करके पुलिस ने उन्हें परिजनों को सौंप दिया है.
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Tuesday, 5 June 2018
नीतीश कुमार बड़े भ्रष्टाचारी, रेनकोट पहनकर कर रहे हैं राजनीति : शिवानंद तिवारी
पटना : राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर बड़ा आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि सीएम नीतीश बड़े भ्रष्टाचारी नेता हैं, मैं उन्हें व्यक्तिगत तौर पर जानता हूं. उन्होंने कहा कि वह रेनकोट पहनकर राजनीति कर रहे हैं.
शिवानंद तिवारी ने कहा कि देश में भ्रष्टाचार कभी मुद्दा नहीं रहा, नीतीश कुमार ने आरजेडी से भागने के लिए भ्रष्टाचार का नाम लिया.
ज्ञात हो कि इन दिनों बिहार में सियासी घमासान मचा हुआ है. सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के घटक दलों के नेताओं के बयान के बाद गठबंधन में दरार दिखने लगी थी. जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) नेताओं ने एक सुर में नीतीश कुमार को बिहार में एनडीए का चेहरा बताया, तो भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ने की बात कहीं.
इस सबके बीच विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने भी ट्वीट कर नीतीश कुमार और सुशील मोदी पर हमला किया. उन्होंने कहा कि क्या सुशील मोदी क्या यह बताएंगे कि नीतीश कुमार बिहार में नरेंद्र मोदी से ज्यादा प्रभावशाली नेता हैं?
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शिवानंद तिवारी ने कहा कि देश में भ्रष्टाचार कभी मुद्दा नहीं रहा, नीतीश कुमार ने आरजेडी से भागने के लिए भ्रष्टाचार का नाम लिया.
ज्ञात हो कि इन दिनों बिहार में सियासी घमासान मचा हुआ है. सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के घटक दलों के नेताओं के बयान के बाद गठबंधन में दरार दिखने लगी थी. जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) नेताओं ने एक सुर में नीतीश कुमार को बिहार में एनडीए का चेहरा बताया, तो भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ने की बात कहीं.
इस सबके बीच विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने भी ट्वीट कर नीतीश कुमार और सुशील मोदी पर हमला किया. उन्होंने कहा कि क्या सुशील मोदी क्या यह बताएंगे कि नीतीश कुमार बिहार में नरेंद्र मोदी से ज्यादा प्रभावशाली नेता हैं?
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