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Monday, 11 June 2018

EXCLUSIVE : लोकसभा चुनाव का मुद्दा सिर्फ नरेंद्र मोदी होंगे- जयराम रमेश

नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने राहुल गांधी के अध्‍यक्ष बनने के बाद कांग्रेस में आए बदलाव और 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी की रणनीति पर जी न्‍यूज डिजिटल के ओपीनियन एडिटर पीयूष बबेले से लंबी बातचीत की. रमेश ने कहा कि नरेंद्र मोदी को सत्‍ता से हटाने के लिए जो भी त्‍याग करना पड़ेगा, उसके लिए कांग्रेस तैयार है. संभावित गठबंधन सहायोगियों से लेकर कांग्रेस की गलतियों और भविष्‍य की रणनी‍ति पर उन्‍होंने बेबाकी से अपनी बात रखी. यहां पेश हैं इंटरव्‍यू के खास अंश:

सवाल: राहुल गांधी को कांग्रेस अध्‍यक्ष बने पांच महीने हो गए हैं, इस दौरान कांग्रेस में कौन से खास बदलाव आए हैं?
जवाब: राहुल गांधी ने अध्‍यक्ष बनने के बाद कांग्रेस अधिवेशन में कहा था कि पार्टी में बुजुर्ग और नौजवान दोनों को जगह मिलेगी, लेकिन अगर उनके अध्‍यक्ष बनने के बाद की नियुक्तियां देखें तो सचिव और दूसरे प्रमुख पदों पर युवाओं को बड़ी संख्‍या में जगह दी जा रही है. यह कांग्रेस में आया वह बदलाव है जिसक मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी.

दूसरा बदलाव आपने कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद देखा होगा. इस बार मणिपुर, गोवा या अरुणाचल प्रदेश की तरह पार्टी ने देर नहीं लगाई और विपक्ष के किसी फैसले से पहले कांग्रेस हाईकमान ने फैसले किए. अगर पहले की तरह फैसले लिए जाते तो कर्नाटक कांग्रेस के हाथ से निकल सकता था. कर्नाटक हमारे पास रहना बहुत जरूरी था, वरना कांग्रेस सिर्फ तीन राज्‍यों में सिमटकर रह जाती. कांग्रेस ने न सिर्फ तेजी से फैसला लिया, बल्कि बड़ा दिल भी दिखाया. छोटी पार्टी होने के बावजूद जेडीएस को मुख्‍यमंत्री का पद बिना शर्त ऑफर किया और बाद में वित्‍त मंत्री का पद भी दिया. यह सब इतनी तेजी से हुआ कि मेरे जैसे पुराने कांग्रेसियों को यकीन ही नहीं हुआ कि यह कांग्रेस पार्टी ही है, या कोई दूसरी पार्टी.

सवाल: तो यह समझा जाए कि सोनिया गांधी की अध्‍यक्षता में फैसले देरी से होते थे, राहुल ने वह तरीका बदला है?
जवाब: इस तरह की तुलना ठीक नहीं है. अगर आप देखें तो सोनिया जी की उम्र और राहुल जी की उम्र में 25 साल का फर्क है. यह एक पीढ़ी का बदलाव है, जनरेशन चेन्‍ज है. तेजी से होते फैसलों में पीढ़ी का यही बदलाव दिख रहा है. कांग्रेस के लिए यह बहुत अच्‍छा है.

सवाल: आप गठबंधन की बात कर रहे हैं, आपको कहां-कहां गठबंधन की संभावना दिख रही है?
जवाब: यूपी से ही शुरू करें, तो पहले गोरखपुर-फूलपुर और अब कैराना तीनों जगह गठबंधन का असर दिख रहा है. यूपी में सपा, बसपा, रालोद और कांग्रेस मिलकर चुनाव लड़ेंगी. बिहार में राष्‍ट्रीय जनता दल के साथ गठबंधन पहले से ही है, इसमें एक-दो दल और आ सकते हैं. झारखंड में हम जेएमएम और जेवीएम दोनों को साथ लाएंगे. महाराष्‍ट्र में एनसीपी के साथ लड़ेंगे. केरल में पहले से गठबंधन है. कर्नाटक में जेडीएस के साथ समझौता हो चुका है. तेलंगाना में भी गठबंधन होगा. पश्चिम बंगाल में भी गठबंधन होगा. राजस्‍थान, मध्‍यप्रदेश और छत्‍तीसगढ़ में बसपा के साथ तालमेल की उम्‍मीद है. ये तो चुनाव पूर्व के गठबंधन हैं. चुनाव के बाद भी तो गठबंधन होंगे.

मंदिर में आरती जगह हुआ रोजा इफ्तार, महंत की इस पहल की हो रही सराहना

लखनऊ: प्रसिद्ध मनकामेश्वर मंदिर में रविवार को सांप्रदायिक सौहार्द्र और हिंदू-मुस्लिम एकता की नई मिसाल देखने को मिली. यूं तो इस मंदिर में हर शाम को आरती होती है, लेकिन रविवार की शाम को आरती के साथ यहां रोजा इफ्तार का आयोजन किया गया. यह आयोजन सामाजिक भाई-चारा स्थापित करने के लिए किया गया था. मनकामेश्वर मंदिर की महंत दिव्या गिरी ने राजधानी में पहली बार रोजा इफ्तार का एहतिमाम किया.

जहां मुल्क में एक तरफ फ़िरक़ा परस्त ताकते लोगों को बांटने की नाकाम कोशिशे जाऱी किये हैं तो दूसरी तरफ लखनऊ में हिन्दू मुस्लिम एकता की मिसाल पेश करते हुए मनकामेश्वर मंदिर की महंत दिव्या गिरी ने राजधानी में पहली बार रोजा इफ्तार का एहतिमाम किया. इसमें बड़ी तादाद में सभी मज़हबों के लोगों ने शिरकत की. यही नहीं मनकामेश्वर मठ के आरती की जगहा रोज़ा इफ्तार के बाद मुसलमानों ने नमाज़ अदा कर मुल्क में अमनो चैन की दुआ मांगी.

लखनऊ में पहली बार ऐसा हुआ जब एक महंत ने रोज़ा अफ्तार का एहतिमाम किया रोज़ा इफ्तार का एहतिमाम करने वाली महंत दिव्य गिरी ने कहा कि जिस तरह से दिखाया जाता है समाज में, लेकिन मन में कोई भेदभाव हम लोगों में नहीं है. रोजा इफ्तार सब लोगों को करना चाहिए. जब वह लोग बड़े मंगल पर प्रसाद तक़सीम कर सकते हैं तो हम लोग रोजा इफतार क्यों नहीं कर सकते.

नवाब मीर जाफर अब्दुल्लाह ने कहा कि मनकामेश्वर मंदिर की महंत दिव्यागिरी ने इस अफ्तार से गंगा जमुनी तहजीब का प्रैक्टिकल नमूना पेश किया गया है. गोमती किनारे इस तरह के प्रोग्राम का किया जाना बेहतरीन क़दम है. लोग बातें तो बहुत करते हैं, लेकिन अमल बहुत कम लोग करते हैं, यह दुनिया के लिए एक मिसाल होगी, जो समाज को बांटने और इंसानियत को बांटने की बात करते हैं. उनके लिए बहुत बड़ा तमाचा है.

Source:-ZEENEWS

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Friday, 8 June 2018

'उत्तर कोरिया चाहता है परमाणु हथियारों से दूरी, अमेरिका से जाहिर की अपनी ख्वाहिश'

वॉशिंगटन: अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने कहा है कि उत्तर कोरिया ने परमाणु निरस्त्रीकरण करने की अपनी इच्छा की पुष्टि अमेरिका से की है. साथ ही पोम्पिओ ने इस बात पर जोर दिया कि 12 जून को सिंगापुर में होने वाली बैठक के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप किसी ‘‘खराब सौदे’’ पर राजी नहीं होंगे.

विदेश मंत्री का कहना है कि डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग - उन के बीच बैठक के दौरान होने वाले किसी भी समझौते को पुष्टि के लिए कांग्रेस के समक्ष रखा जाएगा. समझौते पर संसद की मंजूरी इसलिए मांगी जाएगी ताकि भविष्य में आने वाली सरकारें उसे पलट ना सकें.

व्हाइट हाउस के संवाददाता सम्मेलन में पोम्पिओ ने कहा, ‘‘बैठक की तैयारियों के लिए अमेरिका और उत्तर कोरिया सीधी बातचीत कर रहे हैं. उत्तर कोरिया ने परमाणु निरस्त्रीकरण पर अपनी इच्छा की अमेरिका से पुष्टि भी की है. ’’ उन्होंने कहा कि ट्रंप इस संबंध में प्रत्येक सूचना पर करीब से नजर रख रहे हैं और अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम से रोजाना इस संबंध में जानकारी लेते हैं.

उत्तर कोरिया को शिखर वार्ता से पहले राजनीतिक कैदियों को रिहा करना चाहिए : विशेषज्ञ
वहीं दूसरी ओर संयुक्त राष्ट्र के एक विशेषज्ञ ने कहा है कि अमेरिका के साथ परमाणु निरस्त्रीकरण वार्ता से पहले उत्तर कोरिया को राजनीतिक कैदियों की रिहाई प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए और उसे विश्व निकाय के साथ मिलकर मानवाधिकार के क्षेत्र में काम करना चाहिए. पिछले महीने उत्तर कोरिया की ओर से तीन अमेरिकी नागरिकों को रिहा किये जाने का स्वागत करते हुए डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कोरिया (डीपीआरके) में मानवाधिकार स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत तोमस ओजिया क्विंताना ने यह टिप्पणी की.

डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कोरिया (डीपीआरके) उत्तर कोरिया का आधिकारिक नाम है. जिनेवा में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान क्विंताना ने उत्तर कोरिया में मनमाने तरीके से कैद किये गए लोगों की रिहाई के बारे में शासन को ठोस संकेत देने की अपील की.

क्विंताना ने कहा, ‘‘यह एक क्रमिक प्रक्रिया हो सकती है. ऐसा नहीं, कि मैं कह रहा हूं कि आप इन सभी कारागारों खोल दें और कैदियों को रिहा कर दीजिए क्योंकि मैं एक जिम्मेदार विशेषज्ञ हूं. मैं यह कह रहा हूं कि अमेरिकी कैदियों की रिहाई के बाद एक क्रमिक प्रक्रिया शुरू करने की जरूरत है.’’ उत्तर कोरिया में कैद किये गए राजनीतिक कैदियों की संख्या के बारे में जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है लेकिन ऐसा अनुमान है कि इसकी संख्या 80 हजार से अधिक है.

Source:-ZEENEWS

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Thursday, 7 June 2018

मप्र: तेज बारिश में आकाशीय बिजली गिरने से 8 लोगों की मौत, नौ घायल

भोपाल: मानसून के दस्‍तक के बीच पूरे देश के कई राज्‍यों में आंधी-बारिश की चेतावनी जारी कर दी गई है. मध्‍यप्रदेश में भी बुधवार रात मौसम ने करवट बदली और कई जगह तेज बारिश के साथ गर्मी से राहत मिली. लेकिन इसी बारिश में आकाशीय बिजली गिरने से प्रदेश के कई हिस्‍सों में मौतें हुईं और कई लोग घायल हो गए.

बुधवार दोपहर करीब 3 बजे अमिलिया थानांतर्गत ग्राम हिनौती में तेज बारिश हुई जिससे बचने के लिए गांव के पांच लोग आम के पेड़ के नीचे रुक गए तभी अचानक आकाशीय बिजली गिरने से उसकी चपेट में आने से प्रदीप पटेल पिता शिवकुमार पटेल उम्र 32 वर्ष निवासी हिनौती और सुनीता उर्फ़ सुधा पिता सूर्य लाल सिंह उम्र 16 वर्ष निवासी हनुमना रीवा महादेवा की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई और तीन लोग गम्भीर रूप से घायल हो गए. वही मझौली के महू हरिया गांव में भी आकाशीय बिजली गिरने से एक अज्ञात व्यक्ति की मौत हो गई.


दूसरी तरफ रीवा जिले के नईगढ़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले माडौ गांव में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से आदिवासी परिवार के 6 लोग गंभीर रूप से हुए घायल हो गए.  सभी का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नईगढ़ी में चल रहा है.

प्रदेश के सतना जिले के अलग-अलग क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने से चार लोगों की मौत हो गयी. पहली घटना बरौंधा थाने के पडरी गांव में आम तोड़ते समय तेज तूफानी बारिश के साथ बिजली गिरने से 60 वर्षीय सिपाहीलाल वर्मा और 20 वर्षीय दिलीप वर्मा की मौत हो गई. दूसरी घटना सभापुर थाने के पिपरी टोला की है, जहां खेत मे काम करते समय आकाशीय बिजली गिरने से पति पत्नी की मौत ही गई. चारों लाशों का पोस्‍टमार्टम करके पुलिस ने उन्‍हें परिजनों को सौंप दिया है.

Source:-ZEENEWS

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Tuesday, 5 June 2018

नीतीश कुमार बड़े भ्रष्टाचारी, रेनकोट पहनकर कर रहे हैं राजनीति : शिवानंद तिवारी

पटना : राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर बड़ा आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि सीएम नीतीश बड़े भ्रष्टाचारी नेता हैं, मैं उन्हें व्यक्तिगत तौर पर जानता हूं. उन्होंने कहा कि वह रेनकोट पहनकर राजनीति कर रहे हैं.

शिवानंद तिवारी ने कहा कि देश में भ्रष्टाचार कभी मुद्दा नहीं रहा, नीतीश कुमार ने आरजेडी से भागने के लिए भ्रष्टाचार का नाम लिया.


ज्ञात हो कि इन दिनों बिहार में सियासी घमासान मचा हुआ है. सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के घटक दलों के नेताओं के बयान के बाद गठबंधन में दरार दिखने लगी थी. जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) नेताओं ने एक सुर में नीतीश कुमार को बिहार में एनडीए का चेहरा बताया, तो भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ने की बात कहीं.

इस सबके बीच विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने भी ट्वीट कर नीतीश कुमार और सुशील मोदी पर हमला किया. उन्होंने कहा कि क्या सुशील मोदी क्या यह बताएंगे कि नीतीश कुमार बिहार में नरेंद्र मोदी से ज्यादा प्रभावशाली नेता हैं?

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Monday, 4 June 2018

लापरवाहीः गिरिडीह में भूख से महिला की मौत, प्रशासन में मचा हड़कंप

गिरिडीहः झारखंड के गिरिडीह जिले के मधुबन थाना क्षेत्र के मगरगढ़ी गांव में एक महिला की मौत हो गई. परिजनों का कहना है कि सावित्री देवी की मौत भूख के कारण हो गई. उसे तीन दिनों से खाना नहीं मिला था. इस वजह से उसकी मौत हो गई. इस घटना ने सरकारी योजनाओं की पोल खोल दी है. मामला जब सरकारी महकमों तक पहुंचा तो प्रशासन में हरकंप मच गया. जिला प्रशासन हरकत में आ गया है.

मधुबन थाना क्षेत्र के मंगरगढ़ी गांव की रहने वाली महिला 58 वर्षिय सावित्री देवी की मौत खाना नहीं मिलने के कारण हो गई है. सरकार द्वारा चलाये जा रहे विभिन्न योजनाओ का लाभ महिला को नहीं मिल पाया. प्रशासनिक पदाधिकारियों व स्थानीय पंचायत सेवक की लापरवाही के कारण महिला का राशन कार्ड नहीं बन पाया था. इस वजह से उसे अनाज भी नहीं मिल रहा था. एमओ शीतल प्रसाद ने बताया कि महिला की मौत भूख के कारण से हुई है. दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. स्थानीय डीलर का लाइसेंस भी रद्द किया जायेगा.

मृतका की बहू सरस्वती देवी ने बताया कि सावित्री देवी को पिछले तीन दिनों से खाना नहीं मिला था. घर की माली स्थिति भी काफी खराब है. दोनों बेटे बाहर काम करके किसी तरह परिवारवालों का भरण-पोषण करते है. लेकिन पिछले कई दिनों से संपर्क नहीं हो पा रहा था, जिस कारण परेशानी और बढ़ गई थी, किसी तरह आस-पास के लोगों से मांग कर खाना खा रही थी. राशन कार्ड बनवाने के लिए कई बार आवेदन दिया गया था लेकिन किसी ने भी इस मामले को गंभरीता से नहीं लिया और उनका राशनकार्ड नही बन पाया था.


भुख से मौत मामले पर डुमरी के विधायक जगरनाथ महतो ने कहा कि मामला काफी गंभीर है. अधिकारियों की लापरवाही के कारण महिला की मौत हुई है. घटना की पुनरावृति ना हो इसलिए मामले को विधानसभा में भी आवाज उठाई जाएगी. वहीं चैनपुर पंचायत के मुखिया रामप्रसाद महतो ने कहा कि मुख्यमंत्री के आदेश के बाद इस गरीब महिला के आवेदन को सत्यापित करते हुए राशन कार्ड हेतु ऑनलाइन अप्लाई किया गया था. लेकिन विभागीय अधिकारियों और कर्मियों की लापरवाही से राशन कार्ड निर्गत नहीं हो पाया. और अनाज के अभाव मे उसकी मौत हो गई.

बहरहाल सरकार चाहे लाख दावे कर ले लेकिन आज भी अधिकारियों की लापरवाही के कारण भूख से राज्य के अलग-अलग जिलो में लोगों की जान जा रही है. नेता बयान दे रहे हैं और अधिकारी कार्रवाई की बात कह रहे हैं. लेकिन इस लापरवाही पर कार्रवाई और ऐसी घटना दोबारा न हो इसके लिए मामले को सरकार कितनी गंभीरता से लेती है. यह बड़ा सवाल है.

Source:-ZEENEWS

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Friday, 1 June 2018

केरल में 'निपाह' से अब तक 16 लोगों की मौत, लोक सेवा आयोग की परीक्षाएं स्थगित

कोझिकोड (केरल): केरल सरकार ने जानलेवा वायरस निपाह पर चौकसी बढ़ा दी है. बालुसेरी के एक अस्पताल के कर्मचारियों को एहतियात के तौर पर छुट्टी पर जाने को कहा गया है. दूसरी तरफ, लोक सेवा आयोग ने भी अपने सभी लिखित और ऑनलाइन परीक्षाएं 16 जून तक के लिए स्थगित कर दी हैं.नयी तारीखों की घोषणाएं बाद में की जाएंगी.इसके अलावा दोनों जिलों में इस माह होने वाली सारी बैठकें स्थगित कर दी गईं हैं. लोगों से बेहद सतर्क रहने को कहा गया है.निपाह वायरस से कोझिकोड और मलप्पुरम जिले में 16 जानें जा चुकी हैं.एक अधिकारी ने कहा कि आज इसका कोई मामला सामने नहीं आया है लेकिन वायरस के लक्षण वाले छह लोगों को कोझिकोड मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है.कोझिकोड मेडिकल कॉलेज मे एक नियंत्रण कक्ष बनाया गया है जो कि लोगों से संपर्क कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेगा.निपाह वायरस से दो लोगों की मौत के बाद बालुसेरी स्थित एक अस्पताल में चार डॉक्टरों और नर्सों सहित कई कर्मचारियों को छुट्टी पर जाने के लिए कहा गया है.

स्वास्थ्य मंत्री के के शैलजा ने कहा कि कोझिकोड और मलप्पुरम जिले में वायरस के दूसरे फेज में पहुंचने की आशंका के मद्देनजर सरकार ने एहतियाती कदम उठाए हैं और लोगों से सतर्क रहने के लिए कहा है. मंत्री की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि नेशनल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल से विशेषज्ञों का दल स्थिति का आकलन कर रहा है और एहतियाती कदम उठा रहा है. केरल के उत्तरी जिलों में इस वायरस से अभी तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है.अधिकारी ने बताया कि अस्पताल के संचालन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है.रेसीन (25) का निधन कल निपाह वायरस के कारण हुआ. उसका इलाज पहले बालुसेरी अस्पताल में चल रहा था . उस समय निपाह वायरस की चपेट में आए निखिल नामक शख्स का इलाज वहां जारी था.सूत्र ने बताया कि कोझिकोड जिला कलेक्टर यू वी जोस निपाह वायरस के मद्देनजर जिले की मौजूदा स्थिति की एक रिपोर्ट केरल उच्च न्यायालय में दायर करेंगे.सूत्र ने बताया कि रिपोर्ट पूरी हो गई है.निपाह के कारण कोझिकोड जिला अदालत परिसर के एक अधीक्षक की मौत के कारण बार संघ ने कलेक्टर से कुछ समय के लिए जिला अदालत को बंद करने की अपील की है.

Source:-NDTV

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