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Thursday, 31 May 2018

अमेरिका के लिए और खास बना भारत! पैसिफिक कमांड का नाम बदल कर इंडो-पैसिफिक किया

वॉशिंगटन: हिन्द और प्रशांत महासागरों के बीच बढ़ते संपर्क को देखते हुये ट्रंप प्रशासन ने गुरुवार (31 मई) को अमेरिका प्रशांत कमान का नाम बदल कर अमेरिका हिंद-प्रशांत कमान कर दिया है. यह कदम अमेरिकी रणनीतिक सोच में हिंद महासागर के बढ़ते महत्व को भी दर्शाता है. द्वितीय विश्व युद्ध के बाद गठित अमेरिका प्रशांत कमान या पीएसीओएम को अब से हिन्द-प्रशांत कमान के नाम से जाना जाएगा. सत्ता में आने के तुरंत बाद ट्रंप प्रशासन ने एशिया प्रशांत का नाम बदल कर भारत-प्रशांत कर दिया था और क्षेत्र में भारत को एक विशिष्ट दर्जा दिया.

अमेरिका के रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने ज्वॉइंट बेस पर्ल हार्बर में चेंज ऑफ गार्ड सेरेमनी के दौरान इस आशय की घोषणा की. कार्यक्रम के दौरान एडमिरल फिल डेविडसन ने अमेरिका हिंद-प्रशांत कमान या हिंद पीएसीओएम के कमांडर के रूप में हैरी हैरिस का स्थान लिया.

हवाई में अमेरिकी प्रशांत कमान के मुख्यालय के रास्ते में मैटिस ने पत्रकारों से कहा, ‘‘हम प्रशांत देशों के साथ परिपाटी से हटकर सहयोग कर रहे हैं. दुनिया में काम करने का हमारा यह तरीका है.’’ उन्होंने चीन से निमंत्रण वापस लेने के पेंटागन के हाल के फैसले पर एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘अगर हमें ऐसा लगता है कि अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हो रहा है, किसी मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय न्यायाधिकरणों के फैसले का उल्लंघन हो रहा है तो हम उसका विरोध करेंगे. इसी क्रम में हम प्रशांत क्षेत्र में बहुत ही पारदर्शी सैन्य गतिविधि कर रहे हैं.’’

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Friday, 25 May 2018

बोधगया सीरियल बम ब्लास्ट केस में सभी आरोपी दोषी करार, NIA कोर्ट ने सुनाया फैसला

गया : भगवान बुद्ध की ज्ञानस्थली बोधगया में वर्ष 2013 में हुए सीरियल बम ब्लास्ट केस में एनआई कोर्ट ने सभी आरोपियों को दोषी करार दिया है. एनआईए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश मनोज कुमार ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद फैसला सुनाया. सुनवाई के लिए पांच आरोपियों को एनआईए कोर्ट में पेश किया गया था. सुनवाई शुरू होने पहले महाबोधि मंदिर में दोषियों को कड़ी सजा और विश्व शांति के लिए बौद्ध भिक्षुओं ने विशेष पूजा की गई.

सात जुलाई 2013 की सुबह बोधगया में सीरियल बम धमाके हुए थे और तीन अलग-अलग जगहों से जिंदा बम भी बरामद किया गया था. इस पूरे मामले की जांच देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी एनआईए कर रही है. एनआईए ने बम धमाका मामले में 6 आतंकियों को गिरफ्तार किया था, जिन्‍हें पटना के बेऊर जेल में रखा गया.

फैसला से पहले महाबोधि मंदिर में बौद्ध भिक्षुओं ने विशेष पूजा अर्चना और सुतपाठ किया. भिक्षुओं ने आरोपियों को कड़ी सजा और विश्व शांति के लिए प्रर्थना की.

इस धमाके में एक तिब्बती बौद्ध भिक्षु और म्यांमार के तीर्थ यात्री घायल हो गए थे. बोधगया ब्लास्ट में एनआईए की तरफ से 90 गवाहों को पेश किया था. विशेष न्यायाधीश ने 11 मई 2018 को बहस पूरी होने के बाद निर्णय 25 मई के लिए सुरक्षित रख लिया था.

हाल ही में कोलकाता पुलिस ने बोधगया बम बरामदगी मामले से जुड़े होने के आरोप में आतंकवादी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) के एक संदिग्ध सदस्य को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तार आरोपी की उम्र 20-25 साल थी, जिसे पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के धुलियां से पकड़ा था. उसकी शिनाख्त नूर आलम के रूप में हुई थी.

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Thursday, 24 May 2018

अमेरिका के साथ बैठक पर बोला नॉर्थ कोरिया, द्विपक्षीय बैठक पर निर्भर करेगा भविष्य

प्योंगयांग : उत्तर कोरिया ने अमेरिका के साथ होने वाली द्विपक्षीय बैठक पर बड़ा बयान दिया है. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उत्तर कोरिया का मानना है कि भावी द्विपक्षीय बैठक का भविष्य पूरी तरह से वॉशिंगटन पर निर्भर करेगा. दोनों देश सिंगापुर में 12 जून को होने वाले ऐतिहासिक सम्मेलन को रद्द करने की धमकी दे चुके हैं.

उत्तर कोरिया के उपविदेश मंत्री चो सोन हुई ने कहा, "अमेरिका हमसे बैठक कक्ष में मिलेगा या हमसे परमाणु मुकाबला करेगा यह पूरी तरह से अमेरिका के रुख और फैसले पर निर्भर करेगा." चो का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन के बीच मुलाकात को लेकर संशय बना हुआ है. गौरतलब है कि प्योंगयांग ने एकपक्षीय परमाणु निरस्त्रीकरण के मॉडल को थोपने के व्हाइट हाउस के दबाव की वजह से इस बैठक से पीछे हटने की धमकी दी थी.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा , ' हम देखेंगे की क्या होता है. सिंगापुर पर हम देखेंगे की क्या होता है. और यह (शिखर वार्ता) हो सकती है. यह बहुत अच्छा हो सकता है. लेकिन जो है वह है, इन अनिश्चिताओं के बावजूद व्हाइट हाउस शिखर वार्ता की तैयारियां कर रहा है. इस बीच एएफपी की खबर के अनुसार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद समिति ट्रंप-किम की शिखर वार्ता के लिए सिंगापुर जाने वाले उत्तर कोरियाई अधिकारियों पर यात्रा प्रतिबंध हटाने को तैयार हो गई है.

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Friday, 18 May 2018

योगी के मंत्री राजभर बोले- 'भारत की 100 करोड़ आबादी के खून में भ्रष्टाचार है'

नई दिल्ली/हमीरपुर: उत्तर प्रदेश में कैबिनेट मंत्री और सोहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.  उन्होंने हमीरपुर में भागीदारी आंदोलन मंच के कार्यक्रम में हिस्सा लिया. उन्होंने दलितों, अति पिछड़ों और अल्पसंख्यकों को उनके अधिकार दिलाने की वकालत की. वाराणसी हादसे पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा 'भारत की सवा सौ करोड़ की आबादी में सौ करोड़ लोगों के खून में भ्रष्टाचार है, हमारे देश के प्रधानमंत्री खुद भ्रष्टाचार की लड़ाई लड़ रहे हैं. जिसे सुधारने में समय लगेगा'. वहीं उन्होंने प्रदेश में शराबबंदी की मांग को लेकर 20 मई को 50 हजार महिलाओ के साथ जोरदार आंदोलन करने की घोषणा भी की. 

कमजोर वर्गों के लिए शुरू की लड़ाई
ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि समाज के कमजोर तबके को उसका हक दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि पिछले 70 सालों से अति दलितों, अति पिछड़ों और अल्पसंख्यकों को भागीदारी नहीं मिली है. इसीलिए भागीदारी आंदोलन मंच ने ये लड़ाई शुरू की है.

शराब बांदी के खिलाफ 20 मई से आंदोलन
यूपी में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर प्रदेश में शराबबंदी की मांग को लेकर 20 मई को आंदोलन करने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि बलिया में करीब 50 हजार महिलाओं के साथ शराबबंदी की मांग को लेकर आंदोलन किया जाएगा.

यूपी सरकार की बढ़ाएंगे मुसीबत
ओम प्रकाश राजभर के इस रवैये से साफ है कि वो सरकार में रहते हुए भी सरकार की मुसीबत बढ़ा रहे हैं. ऐसे में देखना होगा कि पूरे मसले पर बीजेपी क्या कर पाती है. आपको बता दें कि ओम प्रकाश राजभर अपनी ही सरकार के खिलाफ लगातार विवादित बयान दे रहे है. वो बिहार की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी पूर्ण शराबबंदी लागू करने की मांग कर रहे हैं. पिछले महीने उन्होंने 20 मई को शराबबंदी के लिए आंदोलन की मांग की थी. उन्होंने साफ किया था कि शराबबंदी के जरिए मैं सरकार को डराने की कोशिश नहीं, बल्कि गरीबों को जागरूक कर रहा हूं.

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Tuesday, 24 April 2018

भोपाल में पहली 80 रुपये के पार हुआ पेट्रोल, मई में भी बढ़ेगा आकंड़ा

भोपाल: देश में पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार बढ़त पर हैं जिसकी मार आम इंसान पर पड़ रही है. इसका सबसे ज्‍यादा असर मध्‍यप्रदेश के भोपाल में देखने को मिला जहां भोपाल में पहली बार पेट्रोल 80.09 रुपये प्रति लीटर तो डीजल 69.23 रुपये लीटर के पार हो गया. खबरों की मानें तो अभी पेट्रोल और डीजल के दामों में राहत मिलने की उम्‍मीद नहीं है. मई में पेट्रोल के दाम 90 रुपये तो डीजल 80 रुपये प्रति लीटर तक जाने की संभावना है. रविवार के मुकाबले पेट्रोल की कीमत में 0.14 पैसे की वृद्धि हुई है तो डीजल के भाव भी थमने का नाम नहीं ले रहे हैं.

बता दें कि सोमवार को डीजल 69.08 से बढ़कर 69.23 रुपये हो गया. डीजल की कीमत में भी 0.15 पैसे का इजाफा हुआ है. पेट्रोल डीजल का दाम बढ़ने के पीछे पेट्रोलियम कंपनियां अंतर्राष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल के दामों में लगातार इजाफा होना बता रही हैं. मप्र पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह का कहना है कि 16 जून 2017 से देशभर में हर रोज पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ रहे हैं.

10 महीने में घटे नहीं बढ़े हैं दाम
पिछले साल जून से रोजाना डीजल और पेट्रोल के दाम तय होते हैं. पिछले साल जून में पेट्रोल की कीमत 66.91 रुपए और डीजल की कीमत 55.94 रुपए थी. यानी जून 2017 से लेकर 2 अप्रैल 2018 तक पेट्रोल 06.82 रुपए और डीजल 08.75 रुपए महंगा हो चुका है. यानी कीमत घटी नहीं, सिर्फ बढ़ी है.


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Monday, 23 April 2018

मेरठ: भारी सुरक्षा के बीच RR मॉल को ध्वस्त किया गया

मेरठ: मेरठ में बंगला नंबर 210बी में अवैध तरीक से बने RR मॉल की बाकी बची दुकानों के खिलाफ सोमवार सुबह को कार्रवाई की गई. सुबह-सुबह कैंट बोर्ड के अधिकारी JCB मशीन और भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और बाकी बची दुकानों को ढहा दिया. इस कार्रवाई को लेकर पुलिस-प्रशासन ने रात में ही तैयारी पूरी कर ली थी. रविवार रात को बोर्ड ऑफिस में इसको लेकर बैठक हुई जिसमें एक्शन प्लान को फाइनल टच दिया गया. प्लान को फाइनल टच देने के बाद रविवार देर रात फोर्स ने चारों तरफ से मॉल को घेरे में लेकर अपने कब्जे में ले लिया. सुबह पूरे इलाके को सील कर कार्रवाई को अंजाम दिया गया. कार्रवाई के दौरान लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई थी.

दो साल पहले भी हुई थी कार्रवाई
करीब दो साल पहले 9 जुलाई 2016 को कैंट बोर्ड ने बंगला नंबर 210बी के RR मॉल की बहुमंजिला इमारत के खिलाफ कार्रवाई की थी. उस कार्रवाई के दौरान ऊपर के सभी फ्लोर को तोड़ कर गिरा दिया गया था. इसी दौरान मलबे में दबकर चार लोगों की मौत हो गई थी, जिसके बाद यह अभियान पूरा नहीं हो पाया था. पिछले दो सालों से ग्राउंड फ्लोर की दुकानें जस की तस पड़ी थी.

भारी संख्या में सुरक्षाकर्मी रहे तैनात
इस कार्रवाई को अंजाम देने के लिए मॉल और आबूलेन के आसपास के इलाके को रस्सी लगाकर बंद कर दिया गया. इस दौरान RAF और PAC के अलावा सेना की QRT टीम भी तैनात रही. भारी सुरक्षा के बीच मॉल को गिराने की कार्रवाई को अंजाम दिया गया. सुरक्षा के मद्देनजर  दो ASP, पांच प्रशासनिक मजिस्ट्रेट, 12 थाना प्रभारी और RAF की एक टीम सेना के साथ तैनात रही.

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Saturday, 21 April 2018

EXCLUSIVE: ड्रग माफिया के चंगुल में फंस रहे रोहिंग्‍या शरणार्थी!

कॉक्‍स बाजार(बांग्‍लादेश): म्‍यांमार के रखाइन प्रांत से विस्‍थापित हो रहे रोहिंग्‍या शरणार्थी ड्रग डीलरों के चंगुल में फंस रहे हैं. इस तरह के बेघर लोगों की मदद के बदले अंतरराष्‍ट्रीय ड्रग माफिया इनसे ड्रग्‍स की सप्‍लाई एक जगह से दूसरी जगह करने को कहते हैं. दरअसल हाल के वर्षों में रखाइन से लाखों मुस्लिम रोहिंग्‍या शरणार्थी बांग्‍लादेश और भारत जैसे मुल्‍कों में जा रहे हैं. झुंड की शक्‍ल में पहुंच रहे इन शरणार्थियों के माध्‍यम से ड्रग्‍स की सप्‍लाई को एक जगह से दूसरे जगह पहुंचाना डीलरों को आसान लग रहा है. इसमें खतरा कम है.

Zee मीडिया के अखबार DNA की एक्‍सक्‍लूसिव रिपोर्ट के मुताबिक राशिद आलम(30) जैसे कई लोगों के परिवार इन ड्रग डीलरों के चंगुल में फंसे हुए हैं. आलम सितंबर, 2017 में बांग्‍लादेश पहुंचा था और कॉक्‍स बाजार एरिया के टेकनाफ शरणा‍र्थी शिविर में रह रहा है. दिसंबर में वह 35 हजार याबा टैबलेट्स के साथ पकड़ा गया. उसने बॉर्डर गार्ड बांग्‍लादेश(बीजीबी) को बताया कि वह दलालों के चंगुल में फंस गया था जिन्‍होंने उसके परिवार को म्‍यामांर से सुरक्षित निकालने और बांग्‍लादेश में रोजगार दिलाने का भरोसा दिया था. आलम मूल रूप से म्‍यांमार के डोंगखाली का रहने वाला है. उसको अभी भी अपने परिवार से मिलने की उम्‍मीद है. इस तरह के कई पुरुष, महिलाएं अंतरराष्‍ट्रीय ड्रग माफिया के ड्रग्‍स सप्‍लायर हो चुके हैं.

दलाल इन लोगों को प्रलोभन देते हैं कि वे अपने वतन लौट जाएंगे या भारत एवं दक्षिण अफ्रीका में उनको नौकरी दिलाने का भरोसा देते हैं. बस इसके बदले 'मैडनेस ड्रग्‍स' भारतीय सीमा या बांग्‍लादेश के भीतर पहुंचानी होती है. इस बारे में बीजीबी के साउथ ईस्‍ट रीजन के कार्यकारी रीजनल कमांडर कनैल गाजी मो अहसानुजमां ने DNA से कहा, ''पिछले साल से याबा टैबलेट की स्‍मगलिंग में कई गुना बढ़ोतरी हुई है....हर रोज तकरीबन सवा करोड़ रुपये की याबा टैबलेट पकड़ी जा रही हैं, पहले यह कुछ लाख तक सीमित थीं.'' 

पिछले महीने एक महिला से 52 करोड़ रुपये की इस तरह की टैबलेट पकड़ी गई है. बीजेबी के रीजनल डायरेक्‍टर ब्रिगेडियर जनरल एसएम रकीबुल्‍ला ने बताया कि ये लोग अपने जूते में छिपाकर इनको लाते हैं. अब हर कोई रोहिंग्‍या को संदेह की नजर से देखता है. उन्‍होंने बल देते हुए कहा कि इस मानवीय संकट का कोई न कोई स्‍थायी समाधान निकलना चाहिए क्‍योंकि इनको यहां पर इस तरह से लंबे समय तक नहीं रखा जा सकता. ये जितना ज्‍यादा यहां रहेंगे, ड्रग माफिया के चंगुल में फंसने के चांस उतने ही ज्‍यादा रहेंगे. उल्‍लेखनीय है कि म्‍यांमार और बांग्‍लादेश के बीच 271 किमी की सीमा है, जिसमें 45 किमी की नदी सीमा भी शामिल है. इसी तरह भारत और बांग्‍लादेश के बीच 4,427 किमी की सीमारेखा है जिसमें 234 किमी की नदी सीमा है.

Source:-Zeenews

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