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Monday, 4 June 2018

लापरवाहीः गिरिडीह में भूख से महिला की मौत, प्रशासन में मचा हड़कंप

गिरिडीहः झारखंड के गिरिडीह जिले के मधुबन थाना क्षेत्र के मगरगढ़ी गांव में एक महिला की मौत हो गई. परिजनों का कहना है कि सावित्री देवी की मौत भूख के कारण हो गई. उसे तीन दिनों से खाना नहीं मिला था. इस वजह से उसकी मौत हो गई. इस घटना ने सरकारी योजनाओं की पोल खोल दी है. मामला जब सरकारी महकमों तक पहुंचा तो प्रशासन में हरकंप मच गया. जिला प्रशासन हरकत में आ गया है.

मधुबन थाना क्षेत्र के मंगरगढ़ी गांव की रहने वाली महिला 58 वर्षिय सावित्री देवी की मौत खाना नहीं मिलने के कारण हो गई है. सरकार द्वारा चलाये जा रहे विभिन्न योजनाओ का लाभ महिला को नहीं मिल पाया. प्रशासनिक पदाधिकारियों व स्थानीय पंचायत सेवक की लापरवाही के कारण महिला का राशन कार्ड नहीं बन पाया था. इस वजह से उसे अनाज भी नहीं मिल रहा था. एमओ शीतल प्रसाद ने बताया कि महिला की मौत भूख के कारण से हुई है. दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. स्थानीय डीलर का लाइसेंस भी रद्द किया जायेगा.

मृतका की बहू सरस्वती देवी ने बताया कि सावित्री देवी को पिछले तीन दिनों से खाना नहीं मिला था. घर की माली स्थिति भी काफी खराब है. दोनों बेटे बाहर काम करके किसी तरह परिवारवालों का भरण-पोषण करते है. लेकिन पिछले कई दिनों से संपर्क नहीं हो पा रहा था, जिस कारण परेशानी और बढ़ गई थी, किसी तरह आस-पास के लोगों से मांग कर खाना खा रही थी. राशन कार्ड बनवाने के लिए कई बार आवेदन दिया गया था लेकिन किसी ने भी इस मामले को गंभरीता से नहीं लिया और उनका राशनकार्ड नही बन पाया था.


भुख से मौत मामले पर डुमरी के विधायक जगरनाथ महतो ने कहा कि मामला काफी गंभीर है. अधिकारियों की लापरवाही के कारण महिला की मौत हुई है. घटना की पुनरावृति ना हो इसलिए मामले को विधानसभा में भी आवाज उठाई जाएगी. वहीं चैनपुर पंचायत के मुखिया रामप्रसाद महतो ने कहा कि मुख्यमंत्री के आदेश के बाद इस गरीब महिला के आवेदन को सत्यापित करते हुए राशन कार्ड हेतु ऑनलाइन अप्लाई किया गया था. लेकिन विभागीय अधिकारियों और कर्मियों की लापरवाही से राशन कार्ड निर्गत नहीं हो पाया. और अनाज के अभाव मे उसकी मौत हो गई.

बहरहाल सरकार चाहे लाख दावे कर ले लेकिन आज भी अधिकारियों की लापरवाही के कारण भूख से राज्य के अलग-अलग जिलो में लोगों की जान जा रही है. नेता बयान दे रहे हैं और अधिकारी कार्रवाई की बात कह रहे हैं. लेकिन इस लापरवाही पर कार्रवाई और ऐसी घटना दोबारा न हो इसके लिए मामले को सरकार कितनी गंभीरता से लेती है. यह बड़ा सवाल है.

Source:-ZEENEWS

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Friday, 1 June 2018

केरल में 'निपाह' से अब तक 16 लोगों की मौत, लोक सेवा आयोग की परीक्षाएं स्थगित

कोझिकोड (केरल): केरल सरकार ने जानलेवा वायरस निपाह पर चौकसी बढ़ा दी है. बालुसेरी के एक अस्पताल के कर्मचारियों को एहतियात के तौर पर छुट्टी पर जाने को कहा गया है. दूसरी तरफ, लोक सेवा आयोग ने भी अपने सभी लिखित और ऑनलाइन परीक्षाएं 16 जून तक के लिए स्थगित कर दी हैं.नयी तारीखों की घोषणाएं बाद में की जाएंगी.इसके अलावा दोनों जिलों में इस माह होने वाली सारी बैठकें स्थगित कर दी गईं हैं. लोगों से बेहद सतर्क रहने को कहा गया है.निपाह वायरस से कोझिकोड और मलप्पुरम जिले में 16 जानें जा चुकी हैं.एक अधिकारी ने कहा कि आज इसका कोई मामला सामने नहीं आया है लेकिन वायरस के लक्षण वाले छह लोगों को कोझिकोड मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है.कोझिकोड मेडिकल कॉलेज मे एक नियंत्रण कक्ष बनाया गया है जो कि लोगों से संपर्क कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेगा.निपाह वायरस से दो लोगों की मौत के बाद बालुसेरी स्थित एक अस्पताल में चार डॉक्टरों और नर्सों सहित कई कर्मचारियों को छुट्टी पर जाने के लिए कहा गया है.

स्वास्थ्य मंत्री के के शैलजा ने कहा कि कोझिकोड और मलप्पुरम जिले में वायरस के दूसरे फेज में पहुंचने की आशंका के मद्देनजर सरकार ने एहतियाती कदम उठाए हैं और लोगों से सतर्क रहने के लिए कहा है. मंत्री की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि नेशनल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल से विशेषज्ञों का दल स्थिति का आकलन कर रहा है और एहतियाती कदम उठा रहा है. केरल के उत्तरी जिलों में इस वायरस से अभी तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है.अधिकारी ने बताया कि अस्पताल के संचालन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है.रेसीन (25) का निधन कल निपाह वायरस के कारण हुआ. उसका इलाज पहले बालुसेरी अस्पताल में चल रहा था . उस समय निपाह वायरस की चपेट में आए निखिल नामक शख्स का इलाज वहां जारी था.सूत्र ने बताया कि कोझिकोड जिला कलेक्टर यू वी जोस निपाह वायरस के मद्देनजर जिले की मौजूदा स्थिति की एक रिपोर्ट केरल उच्च न्यायालय में दायर करेंगे.सूत्र ने बताया कि रिपोर्ट पूरी हो गई है.निपाह के कारण कोझिकोड जिला अदालत परिसर के एक अधीक्षक की मौत के कारण बार संघ ने कलेक्टर से कुछ समय के लिए जिला अदालत को बंद करने की अपील की है.

Source:-NDTV

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Thursday, 31 May 2018

उपचुनाव में हारने के बाद योगी के मंत्री बोले, 'गर्मियों की छुट्टियां मनाने गए थे हमारे वोटर्स'

नई दिल्ली/शाहजहांपुर: कैराना और नूरपुर में बीजेपी की करारी हार के बाद बीजेपी नेताओं के बेतुके बयान भी अब सामने आ रहे हैं. यूपी के कैबिनेट मिनिस्टर चौधरी लक्ष्मी नारायण का कहना है कि उनके वोटर इन दिनों गर्मियों की छुट्टियां मनाने गए हुए थे, जिसके कारण वो वोट नहीं डाल सके और उनकी पार्टी की हार हुई है. हालांकि उनका ये भी कहना था कि जिस तरीके से धीरे-धीरे विपक्ष एकजुट हो रहा है वो भी एक बड़ी हार की वजह बना. लेकिन, बीजेपी इस हार को चुनौती के तौर पर स्वीकार करती है.

जिला योजना समिति की बैठक में दिया बयान
यूपी के कैबिनेट मिनिस्टर चौधरी लक्ष्मी नारायण ये बेतुका बयान शाहजहांपुर में जिला योजना समिति की बैठक में दिया. इस बैठक में उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कैराना और नूरपुर सीट पर हुए उपचुनाव में मिली हार को स्वीकार करते हुए कहा, 'उनके वोटर इन दिनों गर्मी की छुट्टियां मनाने गए हुए थे, जिसके कारण वे लोग वोट नहीं डाल सके और पार्टी की हार हो गई'.

महागठबंधन भी पार्टी की हार का एक बड़ा कारण
गोरखपुर और फूलपुर के बाद कैराना और नूरपुर सीट पर भी हार का सामने करने के बाद उन्होंने ये भी स्वीकार किया कि बीजेपी के खिलाफ बने विपक्षी दलों का महागठबंधन भी पार्टी की हार का एक बड़ा कारण है. उन्होंने कहा कि दोनों सीटों पर मिली हार को बीजेपी एक चुनौती के रुप में लेगी और आने वाले 2019 लोकसभा चुनाव में पार्टी को बेहतर नतीजे मिलेंगे.

Source:-Zeenews

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अमेरिका के लिए और खास बना भारत! पैसिफिक कमांड का नाम बदल कर इंडो-पैसिफिक किया

वॉशिंगटन: हिन्द और प्रशांत महासागरों के बीच बढ़ते संपर्क को देखते हुये ट्रंप प्रशासन ने गुरुवार (31 मई) को अमेरिका प्रशांत कमान का नाम बदल कर अमेरिका हिंद-प्रशांत कमान कर दिया है. यह कदम अमेरिकी रणनीतिक सोच में हिंद महासागर के बढ़ते महत्व को भी दर्शाता है. द्वितीय विश्व युद्ध के बाद गठित अमेरिका प्रशांत कमान या पीएसीओएम को अब से हिन्द-प्रशांत कमान के नाम से जाना जाएगा. सत्ता में आने के तुरंत बाद ट्रंप प्रशासन ने एशिया प्रशांत का नाम बदल कर भारत-प्रशांत कर दिया था और क्षेत्र में भारत को एक विशिष्ट दर्जा दिया.

अमेरिका के रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने ज्वॉइंट बेस पर्ल हार्बर में चेंज ऑफ गार्ड सेरेमनी के दौरान इस आशय की घोषणा की. कार्यक्रम के दौरान एडमिरल फिल डेविडसन ने अमेरिका हिंद-प्रशांत कमान या हिंद पीएसीओएम के कमांडर के रूप में हैरी हैरिस का स्थान लिया.

हवाई में अमेरिकी प्रशांत कमान के मुख्यालय के रास्ते में मैटिस ने पत्रकारों से कहा, ‘‘हम प्रशांत देशों के साथ परिपाटी से हटकर सहयोग कर रहे हैं. दुनिया में काम करने का हमारा यह तरीका है.’’ उन्होंने चीन से निमंत्रण वापस लेने के पेंटागन के हाल के फैसले पर एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘अगर हमें ऐसा लगता है कि अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हो रहा है, किसी मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय न्यायाधिकरणों के फैसले का उल्लंघन हो रहा है तो हम उसका विरोध करेंगे. इसी क्रम में हम प्रशांत क्षेत्र में बहुत ही पारदर्शी सैन्य गतिविधि कर रहे हैं.’’

Source:-Zeenews

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Friday, 25 May 2018

बोधगया सीरियल बम ब्लास्ट केस में सभी आरोपी दोषी करार, NIA कोर्ट ने सुनाया फैसला

गया : भगवान बुद्ध की ज्ञानस्थली बोधगया में वर्ष 2013 में हुए सीरियल बम ब्लास्ट केस में एनआई कोर्ट ने सभी आरोपियों को दोषी करार दिया है. एनआईए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश मनोज कुमार ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद फैसला सुनाया. सुनवाई के लिए पांच आरोपियों को एनआईए कोर्ट में पेश किया गया था. सुनवाई शुरू होने पहले महाबोधि मंदिर में दोषियों को कड़ी सजा और विश्व शांति के लिए बौद्ध भिक्षुओं ने विशेष पूजा की गई.

सात जुलाई 2013 की सुबह बोधगया में सीरियल बम धमाके हुए थे और तीन अलग-अलग जगहों से जिंदा बम भी बरामद किया गया था. इस पूरे मामले की जांच देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी एनआईए कर रही है. एनआईए ने बम धमाका मामले में 6 आतंकियों को गिरफ्तार किया था, जिन्‍हें पटना के बेऊर जेल में रखा गया.

फैसला से पहले महाबोधि मंदिर में बौद्ध भिक्षुओं ने विशेष पूजा अर्चना और सुतपाठ किया. भिक्षुओं ने आरोपियों को कड़ी सजा और विश्व शांति के लिए प्रर्थना की.

इस धमाके में एक तिब्बती बौद्ध भिक्षु और म्यांमार के तीर्थ यात्री घायल हो गए थे. बोधगया ब्लास्ट में एनआईए की तरफ से 90 गवाहों को पेश किया था. विशेष न्यायाधीश ने 11 मई 2018 को बहस पूरी होने के बाद निर्णय 25 मई के लिए सुरक्षित रख लिया था.

हाल ही में कोलकाता पुलिस ने बोधगया बम बरामदगी मामले से जुड़े होने के आरोप में आतंकवादी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) के एक संदिग्ध सदस्य को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तार आरोपी की उम्र 20-25 साल थी, जिसे पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के धुलियां से पकड़ा था. उसकी शिनाख्त नूर आलम के रूप में हुई थी.

Source:-Zeenews

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Thursday, 24 May 2018

अमेरिका के साथ बैठक पर बोला नॉर्थ कोरिया, द्विपक्षीय बैठक पर निर्भर करेगा भविष्य

प्योंगयांग : उत्तर कोरिया ने अमेरिका के साथ होने वाली द्विपक्षीय बैठक पर बड़ा बयान दिया है. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उत्तर कोरिया का मानना है कि भावी द्विपक्षीय बैठक का भविष्य पूरी तरह से वॉशिंगटन पर निर्भर करेगा. दोनों देश सिंगापुर में 12 जून को होने वाले ऐतिहासिक सम्मेलन को रद्द करने की धमकी दे चुके हैं.

उत्तर कोरिया के उपविदेश मंत्री चो सोन हुई ने कहा, "अमेरिका हमसे बैठक कक्ष में मिलेगा या हमसे परमाणु मुकाबला करेगा यह पूरी तरह से अमेरिका के रुख और फैसले पर निर्भर करेगा." चो का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन के बीच मुलाकात को लेकर संशय बना हुआ है. गौरतलब है कि प्योंगयांग ने एकपक्षीय परमाणु निरस्त्रीकरण के मॉडल को थोपने के व्हाइट हाउस के दबाव की वजह से इस बैठक से पीछे हटने की धमकी दी थी.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा , ' हम देखेंगे की क्या होता है. सिंगापुर पर हम देखेंगे की क्या होता है. और यह (शिखर वार्ता) हो सकती है. यह बहुत अच्छा हो सकता है. लेकिन जो है वह है, इन अनिश्चिताओं के बावजूद व्हाइट हाउस शिखर वार्ता की तैयारियां कर रहा है. इस बीच एएफपी की खबर के अनुसार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद समिति ट्रंप-किम की शिखर वार्ता के लिए सिंगापुर जाने वाले उत्तर कोरियाई अधिकारियों पर यात्रा प्रतिबंध हटाने को तैयार हो गई है.

Source:-Zeenews

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Friday, 18 May 2018

योगी के मंत्री राजभर बोले- 'भारत की 100 करोड़ आबादी के खून में भ्रष्टाचार है'

नई दिल्ली/हमीरपुर: उत्तर प्रदेश में कैबिनेट मंत्री और सोहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.  उन्होंने हमीरपुर में भागीदारी आंदोलन मंच के कार्यक्रम में हिस्सा लिया. उन्होंने दलितों, अति पिछड़ों और अल्पसंख्यकों को उनके अधिकार दिलाने की वकालत की. वाराणसी हादसे पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा 'भारत की सवा सौ करोड़ की आबादी में सौ करोड़ लोगों के खून में भ्रष्टाचार है, हमारे देश के प्रधानमंत्री खुद भ्रष्टाचार की लड़ाई लड़ रहे हैं. जिसे सुधारने में समय लगेगा'. वहीं उन्होंने प्रदेश में शराबबंदी की मांग को लेकर 20 मई को 50 हजार महिलाओ के साथ जोरदार आंदोलन करने की घोषणा भी की. 

कमजोर वर्गों के लिए शुरू की लड़ाई
ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि समाज के कमजोर तबके को उसका हक दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि पिछले 70 सालों से अति दलितों, अति पिछड़ों और अल्पसंख्यकों को भागीदारी नहीं मिली है. इसीलिए भागीदारी आंदोलन मंच ने ये लड़ाई शुरू की है.

शराब बांदी के खिलाफ 20 मई से आंदोलन
यूपी में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर प्रदेश में शराबबंदी की मांग को लेकर 20 मई को आंदोलन करने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि बलिया में करीब 50 हजार महिलाओं के साथ शराबबंदी की मांग को लेकर आंदोलन किया जाएगा.

यूपी सरकार की बढ़ाएंगे मुसीबत
ओम प्रकाश राजभर के इस रवैये से साफ है कि वो सरकार में रहते हुए भी सरकार की मुसीबत बढ़ा रहे हैं. ऐसे में देखना होगा कि पूरे मसले पर बीजेपी क्या कर पाती है. आपको बता दें कि ओम प्रकाश राजभर अपनी ही सरकार के खिलाफ लगातार विवादित बयान दे रहे है. वो बिहार की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में भी पूर्ण शराबबंदी लागू करने की मांग कर रहे हैं. पिछले महीने उन्होंने 20 मई को शराबबंदी के लिए आंदोलन की मांग की थी. उन्होंने साफ किया था कि शराबबंदी के जरिए मैं सरकार को डराने की कोशिश नहीं, बल्कि गरीबों को जागरूक कर रहा हूं.

Source:-Zeenews

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