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Tuesday, 18 December 2018
Saturday, 3 November 2018
कृषि पैदावार में मूल्यवर्धन कर कृषि क्षेत्र में आमदनी बढ़ाएं : उपराष्ट्रपति ‘कृषि क्षेत्र में अभिनव तकनीकों पर फोकस करते हुए स्मार्ट सिटी के साथ स्मार्ट विलेज भी विकसित करें’
उपराष्ट्रपति
श्री एम. वैंकेया नायडू ने कहा है कि कृषि पैदावार में मूल्यवर्धन करके
किसानों की आमदनी बढ़ाई जा सकती है। उपराष्ट्रपति आज मुम्बई में आयोजित
सटीक कृषि में शोध की सीमाओं पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘एएफआईटीए/डब्ल्यूसीसीए 2018’ के
उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। कृषि में सूचना प्रौद्योगिकी के लिए
एशिया-प्रशांत संघ, कृषि में सूचना प्रौद्योगिकी के लिए अंतरराष्ट्रीय
नेटवर्क और कृषि सूचना प्रौद्योगिकी के लिए भारतीय सोसायटी ने इस सम्मेलन
को संयुक्त रूप से आयोजित किया।
उपराष्ट्रपति
ने कहा कि किसानों को अपने कार्यकलापों में विविधता लानी चाहिए और इसके
तहत संबंधित गतिविधियों जैसे कि मत्स्य पालन, डेयरी एवं पोल्ट्री को
अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसे कृषि आमदनी का पूरक होना चाहिए।
शहरों
और गांवों के बीच बढ़ती खाई पर चिंता जताते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि
इस तरह की खाई के बने रहने से अधिकांश आबादी केवल शहरी क्षेत्रों में ही
केंद्रित रहेगी। उन्होंने कृषि क्षेत्र में अभिनव तकनीकों पर फोकस करते
हुए स्मार्ट सिटी के साथ स्मार्ट विलेज भी विकसित करने का सुझाव दिया।
उपराष्ट्रपति
ने कहा कि हमें स्मार्ट किसानों की जरूरत है जो नये ज्ञान एवं कौशल को
अपने में समाहित करने में सक्षम हो। प्रौद्योगिकी केवल शहरी क्षेत्रों तक
ही सीमित नहीं रह सकती और इसका प्रचार-प्रसार निश्चित तौर पर बड़ी तेजी से
ग्रामीण आबादी के बीच भी होना चाहिए जिससे कि किसान उससे व्यापक लाभ उठा
सकें। उन्होंने कहा कि यह बात अवश्य ही ध्यान में रखनी चाहिए कि केवल
मजबूत डिजिटल बुनियाद पड़ने पर ही पुनरुत्थान सुनिश्चित हो सकता है।
उपराष्ट्रपति
ने कहा कि भारत की डिजिटल क्रांति का प्रसार ग्रामीण क्षेत्रों में भी
अवश्य होना चाहिए जिससे कि वहां रहने वाले लोग डिजिटल उपकरणों के
इस्तेमाल से समुचित तौर पर अवगत हो सकें। उन्होंने डिजिटल एप्लीकेशंस और
अभिनव तकनीकों का इस्तेमाल कर कृषि उत्पादकता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी
सुनिश्चित करने का सुझाव दिया।
उपराष्ट्रपति
ने यह राय व्यक्त की कि अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी को अपनाने से खाद्य
सुरक्षा को बनाये रखने और आजीविका के अवसर बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में व्यापक बदलाव केवल सरकारी सहयोग से ही
संभव नहीं हो सकता है। इसके लिए बड़ी संख्या में लोगों, कृषि विज्ञान
केन्द्रों एवं कृषि अनुसंधान केन्द्रों जैसे संस्थानों और वैज्ञानिकों
को आगे आना होगा। उन्होंने किसानों को संबंधित ज्ञान एवं तकनीकों का
हस्तांतरण करने की जरूरत पर विशेष बल दिया ताकि वे इसे अमल में ला सकें।
इस
अवसर पर महाराष्ट्र के राज्यपाल श्री सी.विदयासागर राव, महाराष्ट्र के
स्कूली शिक्षा, खेल एवं युवा कल्याण, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री
श्री विनोद तावडे और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
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Thursday, 1 November 2018
परिवहन शिक्षा में सहयोग विकास के लिए भारत और रूसी संघ के बीच समझौता ज्ञापन
रेलवे के क्षेत्र में तकनीकी सहयोग पर भारत तथा संयुक्त स्टॉक कंपनी ‘रूसी रेलवे’ के बीच सहयोग ज्ञापन
प्रधानमंत्री
श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल को रूस के साथ
05 अक्टूबर, 2018 को हस्ताक्षर किए गए समझौता ज्ञापन (एमओयू) तथा एक सहयोग
ज्ञापन (एमओसी) की जानकारी दी गई।
i. परिवहन शिक्षा में सहयोग विकास के लिए रूसी संघ के परिवहन मंत्रालय के साथ समझौता ज्ञापन।
ii. रेलवे के क्षेत्र में तकनीकी सहयोग पर संयुक्त स्टॉक कंपनी ‘रूसी रेलवे’ (आरजेडडी) के साथ सहयोग ज्ञापन।
एमओयू
/ एमओसी भारतीय रेल को रेल क्षेत्र में नवीनतम विकास और ज्ञान साझा करने
का मंच प्रदान करते हैं। एमओयू / एमओसी विशेष प्रौद्योगिकी क्षेत्रों पर
फोकस करने वाले तकनीकी विशेषज्ञों, रिपोर्टों तथा तकनीकी दस्तावेजों,
प्रशिक्षण और संगोष्ठियों / कार्यशालाओं का आदान-प्रदान करने तथा ज्ञान
साझा करने में सहायता देते हैं।
एमओयू
में परिवहन शिक्षा के विकास के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सहयोग
का प्रावधान है। समझौता ज्ञापन व्यापार-आर्थिक, वैज्ञानिक-तकनीकी तथा
सांस्कृतिक सहयोग पर अंतर-सरकारी रूसी – भारतीय आयोग के ढांचे में
क्रियान्वयन सहित विशेष प्रस्तावों की तैयारी में सहायता देगा।
एमओसी निम्नलिखित क्षेत्रों में तकनीकी सहयोग में सहायता देगा
ए.
यात्री गाड़ियों की गति 200 किलोमीटर प्रतिघंटे (सेमी हाई स्पीड) बढाने के
लिए नागपुर-सिकंदराबाद सेक्शन के उन्नयन के लिए परियोजना को लागू करना।
इसमें भारतीय रेल नेटवर्क के अन्य निर्देशों सहित सेक्शन का संभावित
विस्तार शामिल है।
बी.
क्षेत्रीय स्तर, मंडलीय रेल तथा / या तथा जोनल रेलवे को जोड़ने वाले ऊपरी
नेटवर्क स्तर पर मिले-जुले यातायात के प्रबंधन के लिए एकल ट्रैफिक नियंत्रण
केन्द्र लागू करना।
सी. विशिष्ट निर्माण, संयुक्त निर्माण का संगठन तथा स्पर्धी सिग्नलिंग और इंटर-लॉकिंग प्रणाली को लागू करना।
डी. सेमी हाई स्पीड तथा इससे ऊपर के लिए टर्नआऊट स्वीचों की आपूर्ति और एकत्रीकरण।
ई.
रूसी रेल से जुड़े उच्च शिक्षा प्रतिष्ठानों की भागीदारी के साथ भारतीय
रेल के कर्मचारियों की प्रशिक्षण तथा एडवांस योग्यता सुधार।
एफ. माल ढुलाई कार्गो संचालन में श्रेष्ठ व्यवहार तथा
जी. भारत में मल्टी मॉडल टर्मिनलों का संयुक्त विकास।
पृष्ठभूमि
भारतीय
रेल ने विभिन्न विदेशी सरकारों तथा राष्ट्रीय रेलवे के साथ रेल क्षेत्र
में तकनीकी सहयोग के लिए एमओयू / एमओसी पर हस्ताक्षर किए हैं। सहयोग के
चिन्हित क्षेत्रों में उच्च गति की रेलगाड़ी, वर्तमान मार्गों की गति
बढ़ाना, विश्व स्तरीय स्टेशनों का विकास, भारी परिवहन संचालन रेल ढांचे का
आधुनिकीकरण शामिल है। यह सहयोग रेलवे टेक्नोलॉजी तथा संचालन ज्ञान का
आदान-प्रदान, तकनीकी यात्राओं, प्रशिक्षण तथा संगोष्ठियों और कार्यशालाओं
के माध्यम से परस्पर हित के क्षेत्रों में किया जाता है।
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Tuesday, 30 October 2018
Tuesday, 31 July 2018
Friday, 29 June 2018
आजम खान का तोगड़िया पर तंज, 'ताजमहल तोड़कर शिव मंदिर बना, तो मैं भी मदद करूंगा'
नई दिल्ली/रामपुर : अयोध्या में राममंदिर नहीं बनने से प्रवीण तोगड़िया की नाराजगी और नया संगठन बनाने पर समाजवादी नेता आजम खान ने तीखी टिप्पणी की है. आजम खान ने कहा जो लोग आज कानून की बात कर रहे हैं, वो ये बताएं कि क्या उस वक्त जब बाबरी मस्जिद विध्वंस हुआ था. तब कानून माना गया था और जब उस वक्त नहीं माना गया, तो अब कानून की बात क्यों? आजम खान ने कहा कि अगर ताजमहल को तोड़कर विवादित स्थल पर सीएम योगी भगवान शिव का भी मंदिर बनाएंगे. तो, दूसरा फावड़ा मैं मारूंगा. केंद्र की बीजेपी सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इन 4 सालों में जितनी अमानवीय घटना हुई है, उसने पूरी दुनिया की मानवता शर्मसार हुई है.
ताजमहल तोड़ने में मैं मदद कंरूगा: आजम खान
आजम खान ने कहा है कि वो गुलामी की निशानी 'ताजमहल' को तोड़ने में सीएम योगी की मदद करेंगे. आजम ने कहा, 'ताजमहल को तोड़ने के लिए पहला हथौड़ा योगी को मारना होगा. मैं अपने 10-20 हजार मुस्लिम समर्थकों को लेकर उनका साथ दूंगा.' आजम का कहना है कि उन्हें योगी ने बताया है कि ताजमहल भगवान शिव का मंदिर है. आपको बता दे कि इससे पहले भी आजम खान ताजमहल को तोड़ने की बात कर चुके हैं.
हर मुल्क में होता है सर्जिकल स्ट्राइक
सर्जिकल स्ट्राइक का वीडियो सामने आने पर आजम खान ने कहा चुनाव करीब आ गया है. इसलिए सरकार ने वीडियो सबके सामने रख दिया गया है. उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक हमेशा हर मुल्क की सरहदों पर होती है. हम कोई निराले नहीं है. ये सीक्रेट एक्शन होता है. सर्जिकल स्ट्राइक कितनी पब्लिसिटी करनी चाहिए. ये पीएम मोदी से बेहतर और कौन जानता हैं.
4 साल के हिसाब में सामने आया वीडियो
आजम खान ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ठीक चुनाव से पहले सर्जिकल स्ट्राइक का वीडियो सब के सामने लाना सरकार की रणनीति थी. उन्होंने कहा कि चुनाव आने वाले है और जनता मोदी सरकार से उनके काम के हिसाब मांगेगी. इसलिए ये वीडियो उन्होंने जारी किया.
Source:-ZEENEWS
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ताजमहल तोड़ने में मैं मदद कंरूगा: आजम खान
आजम खान ने कहा है कि वो गुलामी की निशानी 'ताजमहल' को तोड़ने में सीएम योगी की मदद करेंगे. आजम ने कहा, 'ताजमहल को तोड़ने के लिए पहला हथौड़ा योगी को मारना होगा. मैं अपने 10-20 हजार मुस्लिम समर्थकों को लेकर उनका साथ दूंगा.' आजम का कहना है कि उन्हें योगी ने बताया है कि ताजमहल भगवान शिव का मंदिर है. आपको बता दे कि इससे पहले भी आजम खान ताजमहल को तोड़ने की बात कर चुके हैं.
हर मुल्क में होता है सर्जिकल स्ट्राइक
सर्जिकल स्ट्राइक का वीडियो सामने आने पर आजम खान ने कहा चुनाव करीब आ गया है. इसलिए सरकार ने वीडियो सबके सामने रख दिया गया है. उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक हमेशा हर मुल्क की सरहदों पर होती है. हम कोई निराले नहीं है. ये सीक्रेट एक्शन होता है. सर्जिकल स्ट्राइक कितनी पब्लिसिटी करनी चाहिए. ये पीएम मोदी से बेहतर और कौन जानता हैं.
4 साल के हिसाब में सामने आया वीडियो
आजम खान ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ठीक चुनाव से पहले सर्जिकल स्ट्राइक का वीडियो सब के सामने लाना सरकार की रणनीति थी. उन्होंने कहा कि चुनाव आने वाले है और जनता मोदी सरकार से उनके काम के हिसाब मांगेगी. इसलिए ये वीडियो उन्होंने जारी किया.
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Friday, 22 June 2018
छत्तीसगढ़: मिड डे मील में बच्चों को परोसी जा रही है घुन लगी दाल और सड़ी सब्जियां
रायपुर: नया शिक्षण सत्र प्रारंभ हुए दस दिन से अधिक हो गए हैं, बावजूद स्कूलों की व्यवस्था अभी भी काफी लचर बनी हुई है. ना तो स्कूल में शिक्षक आ रहे हैं और ना ही बच्चों को मेन्यू के अनुसार मिड डे मील मिल पा रहा है. कुछ स्कूलों में जहां भोजन दिया भी जा रहा है तो वहां बच्चों को सड़ी हुई घुन लगी दाल वो भी बिना सब्जी के परोसी जा रही है. वहीं कहीं हफ्तों से सिर्फ आलू की सब्जी ही खिलाई जा रही है.
मेन्यू चार्ट के मिड डे मील में मिलावट
सरकार ने सभी स्कूलों में मेन्यू चार्ट लगवा रखा है लेकिन इस मेनू चार्ट के अनुसार बच्चों को खाना परोसा जा रहा है या नहीं इसकी खबर लेने वाला कोई नहीं है. सरकार ने हर दिन के अनुसार अलग-अलग प्रकार के पौष्टिक भोजन स्कूल में ही बनाकर खिलाने की व्यवस्था कर रखी है. छत्तीसगढ़ के पेंड्रा के सरकारी स्कूलों में शुक्रवार की थाली के अनुसार बच्चों को चावल, मिक्स दाल, पापड़, टमाटर की चटनी, पत्ता गोभी की सब्जी मिलनी चाहिए थी लेकिन जब इन स्कूलों में मीडिया की टीम पहुंची तो जो दाल बच्चों को खिलाने के लिए परोसी गई थी वह पूरी तरह घुन लगी हुई थी. रसोइया खुद ही इसे खाने योग्य नहीं होने की बात कह रहा था.
कान बंद करके बैठे हैं अधिकारी
वैसे तो व्यवस्था संचालन के लिए और उस पर नजर बनाए रखने के लिए विकासखंड कार्यालय में बीइओ, ABEO और मध्यान्ह भोजन प्रभारी नियुक्त हैं जिनकी जिम्मेदारी प्रतिदिन व्यवस्था देखने की है. खबर मिलने के बाद संबंधित शिक्षकों और समूहों को नोटिस जारी कर कार्रवाई और शीघ्र ही व्यवस्था बनाने की बात सामने आई है. छात्रों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की मंशा से सरकार ने मध्यान्ह भोजन योजना शुरू की है. इसके संचालन की जिम्मेदारी गांव के स्व सहायता समूहों को दी गई है लेकिन संचालनकर्ता समूह भी अब बच्चों की थाली से निवाला छीनने में लग गए हैं. जिम्मेदार अधिकारी मीडिया से खबर मिलने के इंतजार में बैठे है.
Source:-ZEENEWS
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